Viral: फरीदाबाद तनु हत्याकांड- बहू की निर्मम हत्या कर शव को घर के सामने 10 फीट गहरे गड्ढे में दफनाया, रिश्तों की क्रूरता और दहेज की भेंट चढ़ी एक जिंदगी।
हरियाणा के फरीदाबाद के रोशन नगर में सामने आए तनु हत्याकांड ने न केवल समाज को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि रिश्तों की पवित्रता और मानवता ...
हरियाणा के फरीदाबाद के रोशन नगर में सामने आए तनु हत्याकांड ने न केवल समाज को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि रिश्तों की पवित्रता और मानवता पर गहरे सवाल खड़े किए हैं। 24 वर्षीय तनु, जिसकी शादी दो साल पहले फरीदाबाद के अरुण सिंह के साथ हुई थी, की निर्मम हत्या और उसके शव को घर के सामने 10 फीट गहरे गड्ढे में दफनाने का मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध में तनु के ससुर भूप सिंह, सास सोनिया, पति अरुण, और ननद काजल की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला कि हत्या से पहले तनु के साथ दुष्कर्म किया गया, और यह पूरी साजिश दहेज की मांग और पारिवारिक विवादों की वजह से रची गई थी।
- तनु हत्याकांड की भयावह सच्चाई
तनु, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद की रहने वाली थी। उसकी शादी 2023 में फरीदाबाद के रोशन नगर निवासी अरुण सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही तनु को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके परिजनों का आरोप है कि ससुराल वाले तनु को मानसिक और शारीरिक रूप से यातना देते थे। तनु की बहन ने बताया कि उसे फोन तक इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं थी, और जब भी मायके से पैसे भेजे जाते, ससुराल वाले उसे जबरन निकलवा लेते थे। तनु और अरुण के बीच लगातार झगड़े होते थे, जो तलाक की नौबत तक पहुंच गए थे। इन झगड़ों में ससुर भूप सिंह और सास सोनिया भी शामिल होते थे।
15 अप्रैल 2025 को ससुर भूप सिंह, सास सोनिया, और पति अरुण ने मिलकर तनु को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस योजना के तहत, सास सोनिया को 15 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के एटा में एक शादी समारोह में भेज दिया गया, ताकि वह घटनास्थल पर मौजूद न रहे। 21 अप्रैल की रात को अरुण ने अपनी पत्नी तनु और बहन काजल के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। गन्ने के जूस और खाने में नींद की गोलियां मिलाने के बाद तनु और काजल गहरी नींद में चले गए। इसके बाद ससुर भूप सिंह ने तनु के कमरे में प्रवेश किया। पुलिस जांच में सामने आया कि भूप सिंह ने तनु के साथ दुष्कर्म किया और फिर चुन्नी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, भूप सिंह ने अपने बेटे अरुण को बुलाया, और दोनों ने मिलकर तनु के शव को घर के सामने पहले से खोदे गए 10 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। इस गड्ढे को ईंटों और मिट्टी से भर दिया गया, और पड़ोसियों को बताया गया कि यह सीवर लाइन के लिए खोदा गया था। इस तरह ससुराल वालों ने तनु की हत्या को छिपाने के लिए गुमशुदगी की झूठी कहानी गढ़ी। 23 अप्रैल को अरुण ने पल्ला थाने में तनु की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि तनु मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और बिना बताए कहीं चली गई।
सच्चाई का खुलासा
लगभग दो महीने तक ससुराल वालों ने इस राज को छिपाए रखा। तनु के पिता हकीम सिंह को अपनी बेटी के लापता होने की सूचना मिली, तो उन्होंने ससुराल वालों से संपर्क किया। ससुराल वालों के टालमटोल और संदिग्ध व्यवहार से उन्हें शक हुआ। हकीम सिंह ने देखा कि घर के सामने की सड़क पर ताजी मिट्टी और गड्ढा है, जिससे उनकी आशंका और गहरी हो गई। उन्होंने डीसीपी उषा कुंडू से शिकायत की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की।
20 जून 2025 को नायब तहसीलदार जसवंत सिंह की मौजूदगी में रोशन नगर गली नंबर 1 में तनु के घर के सामने JCB मशीन से गड्ढा खोदा गया। करीब 10 फीट की गहराई पर तनु का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जिसमें हत्या से पहले दुष्कर्म की पुष्टि हुई। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में भूप सिंह ने अपना अपराध कबूल किया और बताया कि हत्या की साजिश में उसकी पत्नी सोनिया, बेटे अरुण, और बेटी काजल भी शामिल थे, पुलिस ने भूप सिंह और सोनिया को गिरफ्तार कर लिया, और दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद, 29 जून को तनु की ननद काजल को भी गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उसने शव को दफनाने में निगरानी की भूमिका निभाई थी। हालांकि, तनु का पति अरुण अभी भी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
- हत्या की जड़
पुलिस जांच और तनु के परिजनों के बयानों से पता चला कि इस हत्याकांड की जड़ में दहेज और पारिवारिक विवाद थे। तनु के पिता हकीम सिंह और उनके जीजा स्वर्ण सिंह ने बताया कि शादी के बाद से ही तनु को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। तनु ने कई बार फोन पर अपने परिवार को बताया कि ससुराल वाले उसे मारपीट और जान से मारने की धमकी देते थे। एक बार तो तनु शादी के कुछ समय बाद एक साल के लिए मायके लौट गई थी, और पंचायत के हस्तक्षेप के बाद ही वह ससुराल वापस गई थी।
तनु हत्याकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पहला, पुलिस की शुरुआती लापरवाही ने इस मामले को दो महीने तक दबाए रखा। यदि तनु के परिजनों ने डीसीपी से शिकायत न की होती, तो शायद यह राज कभी न खुलता। दूसरा, दहेज जैसी कुप्रथा आज भी समाज में गहरी जड़ें जमाए हुए है, जो हर साल कई युवतियों की जिंदगी छीन लेती है। तीसरा, रिश्तों में विश्वास और पवित्रता की जगह नफरत और लालच ने ले ली है, जैसा कि इस मामले में ससुर, सास, और पति की भूमिका से स्पष्ट है। फरीदाबाद का तनु हत्याकांड एक ऐसी त्रासदी है, जो समाज को दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ और सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर करता है। पुलिस ने इस मामले में भूप सिंह, सोनिया, और काजल को गिरफ्तार कर लिया है, और अरुण की तलाश जारी है। पल्ला थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) (हत्या), 3(5) (साझा इरादा), और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि अरुण अक्सर नशे में रहता था और तनु के साथ मारपीट करता था। ससुराल वालों ने दहेज के पैसे से घर का ऊपरी हिस्सा बनवाया था, और उनके पास एक स्पोर्ट्स कंपनी भी थी। इस तरह, दहेज की लालच और पारिवारिक तनाव ने तनु की जिंदगी को नरक बना दिया, जिसका अंत इस भयावह हत्याकांड के रूप में हुआ।
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