High Court New Chief Justices: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 8 उच्च न्यायालयों में नियुक्त किए नए मुख्य न्यायाधीश, जानिए पूरी सूची
High Court Chief Justice Appointments: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 8 उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की मंजूरी दी है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

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- Judicial Appointments Update: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 8 उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को दी मंजूरी
भारत की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और उच्च न्यायालयों में प्रशासनिक कार्यों को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए देश के आठ अलग-अलग उच्च न्यायालयों (High Courts) में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाले कॉलेजियम द्वारा भेजी गई संस्तुतियों के आधार पर यह महत्वपूर्ण न्यायिक फेरबदल और नियुक्तियां की गई हैं। इन नियुक्तियों के बाद संबंधित उच्च न्यायालयों में कार्यवाहक व्यवस्था के स्थान पर नियमित मुख्य न्यायाधीशों की पदस्थापना होगी, जिससे लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और न्यायिक प्रशासन में सुधार आने की उम्मीद है।
देश के आठ महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों को नए मुख्य न्यायाधीश मिल गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित न्यायाधीशों को उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्त किया है। केंद्रीय कानून मंत्री द्वारा इस निर्णय की जानकारी साझा की गई, जिसके तुरंत बाद कानून और न्याय मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी। यह कदम विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों में शीर्ष न्यायिक पदों को भरने और नियमित प्रशासनिक नेतृत्व प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीशों से बने कॉलेजियम ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में खाली पड़े मुख्य न्यायाधीशों के पदों और प्रशासनिक आवश्यकताओं की समीक्षा के बाद योग्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात अंतिम स्वीकृति के लिए फाइल राष्ट्रपति भवन भेजी गई, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन नियुक्तियों के आदेश पर हस्ताक्षर किए।
इन नियुक्तियों के अंतर्गत कई न्यायाधीशों की पदोन्नति की गई है, तो कई वरिष्ठ न्यायाधीशों का स्थानांतरण कर उन्हें नए राज्यों में मुख्य न्यायाधीश का प्रभार सौंपा गया है। उदाहरण के तौर पर, राजस्थान उच्च न्यायालय में हालिया प्रशासनिक घटनाक्रमों और वकीलों की मांगों के बीच छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार बॉम्बे, पटना, कलकत्ता और अन्य राज्यों के उच्च न्यायालयों में भी मुख्य न्यायाधीशों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने नए नियुक्त मुख्य न्यायाधीशों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में देश की न्यायपालिका और मजबूत होगी तथा आम नागरिकों को त्वरित न्याय सुलभ हो सकेगा। कानूनी विशेषज्ञों और विभिन्न राज्यों के बार एसोसिएशनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।
वकीलों के संगठनों का मानना है कि लंबे समय से कार्यवाहक व्यवस्था या मुख्य न्यायाधीश के पद खाली रहने के कारण अदालती कामकाज और प्रशासनिक निर्णयों पर असर पड़ रहा था। नियमित मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से अब रोस्टर निर्धारण, नए जजों की नियुक्ति की सिफारिशों और केसों के शीघ्र निपटारे में तेजी आएगी।
इन नियुक्तियों का सीधा असर देश की न्यायिक कार्यप्रणाली और मुकदमों की सुनवाई की गति पर पड़ेगा। शीर्ष स्तर पर पदों के भरने से संबंधित उच्च न्यायालयों में रिक्त चल रहे अन्य न्यायाधीशों के पदों को भरने की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी, क्योंकि हाई कोर्ट कॉलेजियम का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश ही करते हैं।
इसके अतिरिक्त, हाल के दिनों में जिन न्यायालयों में प्रशासनिक गतिरोध या कार्यवाहक व्यवस्था को लेकर वकीलों के बीच असंतोष देखने को मिला था, वहां अब स्थिति सामान्य और सुचारू होने की संभावना है। यह कदम पूरे देश में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के बाद अब संबंधित राज्यों के राजभवनों में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाएंगे। राज्यों के राज्यपाल नए नियुक्त मुख्य न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इसके पश्चात सभी नव नियुक्त मुख्य न्यायाधीश अपने-अपने आवंटित उच्च न्यायालयों में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे।
पदभार संभालने के साथ ही नए मुख्य न्यायाधीशों के सामने संबंधित न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करना, न्यायिक अवसंरचना को बेहतर बनाना और खाली पड़े अन्य न्यायिक पदों को भरने के लिए सिफारिशें भेजना प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
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