UP News: नीले ड्रम का खौफ- पति ने पत्नी को प्रेमी को सौंपा, सामाजिक मूल्यों पर उठे सवाल। 

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक हैरान करने वाली घटना ने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों की नींव को हिला दिया है। 27 मई 2025 को, अहमदगढ़ थाना क्षेत्र...

May 31, 2025 - 11:50
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UP News: नीले ड्रम का खौफ- पति ने पत्नी को प्रेमी को सौंपा, सामाजिक मूल्यों पर उठे सवाल। 

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक हैरान करने वाली घटना ने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों की नींव को हिला दिया है। 27 मई 2025 को, अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के फतेहगढ़ गांव में एक पति, राजू, ने अपनी पत्नी अंजली और उसके प्रेमी निशांत को थाने ले जाकर उन्हें एक साथ रहने की अनुमति दी और आशीर्वाद देकर विदा किया। इस फैसले के पीछे कारण था अंजली की ओर से बार-बार दी जा रही नीले ड्रम में बंद करने की धमकी, जो मेरठ के सौरभ-मुस्कान हत्याकांड से प्रेरित थी।

इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया, बल्कि नीले ड्रम के खौफ को और बढ़ा दिया, जो हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में कई हत्याकांडों के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है। बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के फतेहगढ़ गांव में रहने वाले राजू (उम्र 38 वर्ष), एक ट्रक चालक, की शादी दस साल पहले अंजली (उम्र 33 वर्ष) से हुई थी। दंपति की तीन बेटियां हैं, जिनकी उम्र क्रमशः सात, पांच और तीन वर्ष है। राजू अपने काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता था। इस दौरान अंजली के पड़ोस में रहने वाले निशांत (उम्र 26 वर्ष), जो रिश्ते में राजू का भतीजा लगता है, के साथ अवैध संबंध बन गए।

27 मई 2025 की रात को, राजू ने अंजली और निशांत को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद अंजली ने गलती मानने के बजाय राजू को धमकी दी कि वह उसे मेरठ के सौरभ-मुस्कान कांड की तरह नीले ड्रम में बंद कर देगी। इस धमकी ने राजू को इतना डराया कि उसने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए अंजली और निशांत को एक साथ रहने की अनुमति देने का फैसला किया। 28 मई को, राजू अंजली और निशांत को लेकर अहमदगढ़ थाने पहुंचा।

वहां अंजली ने स्पष्ट कर दिया कि वह निशांत के साथ रहना चाहती है और राजू के साथ नहीं। राजू ने पुलिस के सामने अपनी पत्नी और तीनों बेटियों को निशांत के सुपुर्द कर दिया और दोनों को आशीर्वाद देकर विदा किया। अंजली ने भी पुलिस को लिखित में दिया कि वह अपनी मर्जी से निशांत और अपनी तीन बेटियों के साथ रहना चाहती है और राजू की संपत्ति पर कोई दावा नहीं करेगी। पुलिस ने निशांत का शांति भंग के आरोप में चालान किया, लेकिन अंजली ने उसे एसडीएम कोर्ट से जमानत दिला दी। इसके बाद, अंजली अपनी बेटियों और निशांत के साथ नोएडा चली गई। इस घटना ने पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना दिया, जहां कुछ लोग इसे राजू की समझदारी मान रहे हैं, तो कुछ इसे नीले ड्रम के खौफ का परिणाम बता रहे हैं।

  • नीले ड्रम का खौफ: मेरठ हत्याकांड की छाया

इस घटना का मूल कारण मेरठ के सौरभ-मुस्कान हत्याकांड से जुड़ा है, जिसने उत्तर प्रदेश में नीले ड्रम को एक डरावने प्रतीक में बदल दिया। मार्च 2025 में, मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ कुमार की हत्या कर दी थी। सौरभ, जो मर्चेंट नेवी में कार्यरत था, को नशीली दवा देकर बेहोश किया गया, फिर चाकू से वार कर उसकी हत्या की गई। इसके बाद, उसके शव के 15 टुकड़े कर एक नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट और डस्ट के घोल के साथ बंद कर दिया गया। हत्या के बाद, मुस्कान और साहिल शिमला घूमने चले गए थे। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब मुस्कान ने अपनी मां को हत्या की बात बताई, और परिवार ने पुलिस को सूचना दी।

इस हत्याकांड के बाद, नीले ड्रम का खौफ पूरे उत्तर प्रदेश में फैल गया। कई अन्य मामलों में भी पत्नियों द्वारा पतियों को नीले ड्रम में बंद करने की धमकी देने की खबरें सामने आईं। उदाहरण के लिए, कन्नौज में एक पत्नी ने अपने पति अनुज पर लोहे की रॉड से हमला कर उसे नीले ड्रम में बंद करने की धमकी दी। अलीगढ़ में नीले ड्रम की बिक्री 50% तक गिर गई, क्योंकि लोग इसे डर और अपराध से जोड़ने लगे। बुलंदशहर की इस घटना में, अंजली की धमकी भी मेरठ हत्याकांड से प्रेरित थी। राजू ने पुलिस को बताया कि अंजली बार-बार उसे और उसके परिवार को नीले ड्रम में बंद करने की धमकी देती थी, जिससे वह डर गया और यह असामान्य कदम उठाया।

अहमदगढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई। राजू ने लिखित सहमति दी कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को निशांत के साथ भेज रहा है, और अंजली ने भी अपने फैसले की पुष्टि की। पुलिस ने निशांत का शांति भंग (धारा 151 CrPC) के तहत चालान किया, लेकिन जमानत के बाद कोई और कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि यह एक पारिवारिक विवाद था, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा लिया गया। हालांकि, इस घटना ने कानूनी और सामाजिक सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नीले ड्रम की धमकी जैसे मामले मानसिक दबाव और ब्लैकमेल का रूप ले रहे हैं, जिसके लिए कानूनी ढांचे में स्पष्ट दिशानिर्देशों की जरूरत है। यह घटना पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती असहिष्णुता और सामाजिक मूल्यों के पतन को दर्शाती है। समाजशास्त्री डॉ. अनीता राठौर ने से कहा, "पारिवारिक विवादों में हिंसा और धमकी का सहारा लेना समाज में संवाद की कमी को दर्शाता है। नीले ड्रम का खौफ एक मनोवैज्ञानिक दबाव का प्रतीक बन गया है, जो रिश्तों को और कमजोर कर रहा है।" 

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मनोवैज्ञानिक डॉ. रमेश ठाकुर ने बताया कि मेरठ हत्याकांड जैसे मामलों ने समाज में एक डर का माहौल पैदा किया है, जिसका दुरुपयोग कुछ लोग अपने पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि परिवारों में खुला संवाद और परामर्श सेवाओं को बढ़ावा देना जरूरी है। सोशल मीडिया पर इस घटना ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया। @TNNavbharat ने 30 मई को पोस्ट किया, "नीले ड्रम का खौफ, पति ने खुद ही पत्नी को प्रेमी के हाथों सौंपा, सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया।" @DNHindi ने लिखा, "पत्नी देती थी नीले ड्रम में डालने की धमकी।" कई यूजर्स ने इसे सामाजिक मूल्यों के क्षरण से जोड़ा, जबकि कुछ ने इसे मेरठ कांड का अप्रत्यक्ष परिणाम बताया।

बुलंदशहर की इस घटना ने स्थानीय समुदाय में मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। कुछ लोग राजू के फैसले को उसकी समझदारी और परिवार की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे नीले ड्रम के खौफ का परिणाम बताते हैं। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने आज तक से कहा, "यह घटना हमारे समाज के लिए शर्मनाक है। रिश्तों में विश्वास और संवाद खत्म हो रहा है।" सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस घटना पर हल्के-फुल्के मीम्स बनाए, लेकिन कई लोगों ने इसे गंभीरता से लिया। @Ritesh_Mishraaa ने लिखा, "मेरठ के सौरभ-मुस्कान कांड के बाद नीले ड्रम का खौफ हर जगह फैल गया है। यह समाज के लिए खतरे की घंटी है।"

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