बरेली जाट रेजीमेंट सेंटर में सेना की स्पोर्ट्स कंपनी के लिए खुली बड़ी भर्ती, देश भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आमंत्रण।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में स्थित ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित जाट रेजीमेंटल सेंटर (जेआरसी) ने देश के युवा खेल कौशल को

May 20, 2026 - 12:09
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बरेली जाट रेजीमेंट सेंटर में सेना की स्पोर्ट्स कंपनी के लिए खुली बड़ी भर्ती, देश भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आमंत्रण।
बरेली जाट रेजीमेंट सेंटर में सेना की स्पोर्ट्स कंपनी के लिए खुली बड़ी भर्ती, देश भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आमंत्रण।
  • आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी के माध्यम से खेल और सैन्य क्षेत्र में भविष्य बनाने का सुनहरा मौका, आवेदन की प्रक्रिया शुरू
  • मुक्केबाजी, कुश्ती और एथलेटिक्स के युवा जांबाज दिखाएंगे अपना दम; निःशुल्क शिक्षा, भोजन और ट्रेनिंग की मिलेगी बेहतरीन सुविधा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में स्थित ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित जाट रेजीमेंटल सेंटर (जेआरसी) ने देश के युवा खेल कौशल को तराशने और उन्हें भारतीय सेना का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेना द्वारा संचालित आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी (एबीएससी) के तहत आगामी सत्र के लिए नई खेल भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष भर्ती अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को बहुत ही कम उम्र में खोजना, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग प्रदान करना और भविष्य के लिए ओलंपिक पदक विजेता तैयार करना है। इस भर्ती के माध्यम से चयनित होने वाले बच्चों को न केवल खेल के क्षेत्र में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा मिलेगा, बल्कि उनका भारतीय सेना में एक सम्मानित अधिकारी या जवान बनने का सपना भी बहुत आसानी से साकार हो सकेगा।

इस विशेष खेल भर्ती रैली की पूरी चयन प्रक्रिया जाट रेजीमेंटल सेंटर के बरेली स्थित परिसर में आयोजित की जाएगी। भारतीय सेना और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस चयन ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के योग्य युवा खिलाड़ी अपना आवेदन तय समय सीमा के भीतर जमा कर सकते हैं। इस भर्ती रैली के दौरान मुख्य रूप से तीन प्रमुख खेल विधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिनमें मुक्केबाजी (बॉक्सिंग), कुश्ती (रेसलिंग) और एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स) शामिल हैं। इन खेलों में रुचि रखने वाले और जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके बाल खिलाड़ी इस सुनहरे मौके का लाभ उठाने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

पात्रता मानदंडों और आयु सीमा को लेकर सेना की ओर से बेहद स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि केवल वास्तविक और अत्यधिक क्षमता वाले प्रतिभावान बच्चों को ही इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सके। इस विशेष स्पोर्ट्स कंपनी में प्रवेश पाने के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु सीमा न्यूनतम 08 वर्ष से लेकर अधिकतम 14 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना के लिए उम्मीदवार के पास नगर निगम या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध जन्म प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, शैक्षणिक योग्यता के रूप में बच्चे का कम से कम पांचवीं कक्षा पास होना जरूरी है और उसे अपनी पिछली कक्षा की अंकतालिका तथा स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी किया गया चरित्र प्रमाण पत्र भी चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

विशेष रियायत और शारीरिक मानक

चयन प्रक्रिया के दौरान उन खिलाड़ियों को आयु और शारीरिक मापदंडों में विशेष प्राथमिकता या छूट दी जाएगी, जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों में कोई पदक जीता हो या देश का प्रतिनिधित्व किया हो। ऐसे विशेष मामलों में अधिकतम आयु सीमा को 16 वर्ष तक शिथिल किया जा सकता है, बशर्ते खेल विज्ञान और चयन समिति के कोच उनके खेल कौशल और भविष्य की संभावनाओं से पूरी तरह संतुष्ट हों।

चयनित होने वाले नन्हे खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं की सूची बेहद आकर्षक है, जिसका पूरा खर्च पूरी तरह से भारतीय सेना और खेल मंत्रालय द्वारा वहन किया जाता है। स्पोर्ट्स कंपनी में प्रवेश मिलते ही बच्चों को पूरी तरह से निःशुल्क आवास (बोर्डिंग और लॉजिंग), संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, खेल के आधुनिक किट और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों की देखरेख में सुबह-शाम कड़ा अभ्यास कराया जाता है। इसके साथ ही, खेल प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की स्कूली शिक्षा बिल्कुल भी प्रभावित न हो, इसके लिए केंद्र परिसर के भीतर ही सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध आर्मी स्कूलों में उनकी पढ़ाई-लिखाई की पूरी व्यवस्था मुफ़्त में की जाती है। खेल और शिक्षा के इस बेहतरीन समन्वय के कारण ही अभिभावक अपने बच्चों को इस विंग में भेजने के लिए अत्यधिक उत्सुक रहते हैं।

शारीरिक और चिकित्सकीय परीक्षण के मोर्चे पर भी सेना की विशेषज्ञ टीमें हर एक उम्मीदवार की बारीकी से जांच करेंगी। भर्ती स्थल पर पहुंचने वाले सभी बच्चों का सबसे पहले शारीरिक मापन (हाइट, वेट और चेस्ट) किया जाएगा, जो उनकी आयु के अनुरूप चिकित्सा मानकों के अनुकूल होना चाहिए। इसके बाद खेल विधा से जुड़े विशिष्ट कौशल टेस्ट लिए जाएंगे, जिसमें बच्चों की सहनशक्ति, चपलता, गति और तकनीकी समझ को परखा जाएगा। इन सभी प्रारंभिक चरणों को सफलतापूर्वक पार करने वाले अभ्यर्थियों का सेना के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा एक विस्तृत मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। चिकित्सा परीक्षण में पूरी तरह फिट पाए जाने वाले बच्चों की ही अंतिम मेरिट सूची तैयार कर उन्हें जाट रेजीमेंट सेंटर की स्पोर्ट्स कंपनी में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी का यह ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि यहां से ट्रेनिंग पाकर निकलने वाले अधिकांश खिलाड़ी जब अपनी 17.5 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं, तो उन्हें उनकी खेल उपलब्धियों और निर्धारित सैन्य मानकों के आधार पर सीधे भारतीय सेना में नॉन-कमीशन अधिकारी या सैनिक के रूप में भर्ती कर लिया जाता है। इसके लिए उन्हें सामान्य नागरिक भर्तियों की तरह लंबी और कठिन लिखित परीक्षाओं की कतारों में नहीं लगना पड़ता, बल्कि खेल कोटे के तहत उनकी सीधी और त्वरित नियुक्ति सुनिश्चित की जाती है। यह प्रणाली उन परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है जो अपने बच्चों को देश सेवा में देखना चाहते हैं और साथ ही खेल के मैदान पर तिरंगा लहराने का जज्बा भी उनके भीतर कूट-कूट कर भरा होता है।

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