Tej Pratap Yadav on Aishwarya Rai: तेजप्रताप यादव का बड़ा दावा, बोले- 'शादी के बाद भी एक्स ब्वॉयफ्रेंड से चैट करती थी ऐश्वर्या'
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पूर्व पत्नी ऐश्वर्या राय से विवाद पर बयान दिया है। उन्होंने शादी टूटने के कारणों और पूर्व ब्वॉयफ्रेंड से बातचीत का दावा किया है।

- लालू के लाल तेजप्रताप यादव का निजी जिंदगी पर खुलासा: तलाक के विवाद पर तोड़ी चुप्पी, लगाए पूर्व पत्नी पर गंभीर आरोप
- Bihar Politics: तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय विवाद में नया मोड़, पूर्व मंत्री ने वैवाहिक कलह की बताई अपनी कहानी
- Tej Pratap Yadav Marriage Row: 'मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया जाता था...' ऐश्वर्या राय से रिश्तों की कड़वाहट पर तेजप्रताप का बयान
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और बिहार के पूर्व पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव ने अपनी पूर्व पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ रिश्ते में आई दरार और तलाक के बहुचर्चित मुकदमे को लेकर सार्वजनिक रूप से बड़ा बयान दिया है। लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन इस पारिवारिक और विधिक विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए तेजप्रताप यादव ने दावा किया है कि शादी के कुछ ही समय बाद उनके रिश्ते में खटास आने की मुख्य वजह ऐश्वर्या का उनके पूर्व मित्र (एक्स-ब्वॉयफ्रेंड) के साथ लगातार संपर्क में रहना था। तेजप्रताप ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद भी ऐश्वर्या अपने पुराने परिचित से मैसेज और चैट के जरिए बातचीत करती थीं, जिसका उन्होंने विरोध किया था।
बिहार के दो बड़े सियासी कुनबों लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय के परिवार के बीच वर्ष 2018 में हुआ यह विवाह कुछ ही महीनों में कानूनी विवादों के घेरे में आ गया था। इसके बाद से दोनों पक्षों की ओर से अदालती स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब तेजप्रताप यादव के इस ताजा बयान ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर इस पुराने विवाद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
- तेजप्रताप यादव ने क्या आरोप लगाए?
हाल ही में एक साक्षात्कार और सार्वजनिक बातचीत के दौरान तेजप्रताप यादव ने अपने वैवाहिक जीवन के शुरुआती दिनों की घटनाओं का जिक्र किया।
पुराने संपर्क का दावा: तेजप्रताप का कहना है कि विवाह के तुरंत बाद उन्होंने देखा कि ऐश्वर्या अपने पुराने मित्र से फोन पर बातें करती थीं और चैटिंग में व्यस्त रहती थीं। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो घर में विवाद और तनाव की स्थिति पैदा होने लगी।
पारिवारिक दूरी और मानसिक तनाव: पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके समझाने के बावजूद रवैये में बदलाव नहीं आया, उल्टे उन्हें ही कमरे से बाहर चले जाने के लिए कहा जाता था। तेजप्रताप के अनुसार, इस स्थिति ने उन्हें भारी मानसिक दबाव में डाल दिया था, जिसके चलते उन्होंने अलग रहने का फैसला किया।
बेमेल रिश्ते की दलील: तेजप्रताप ने दोहराया कि दोनों की परवरिश, विचार और जीवनशैली एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न थी। वे साधारण और आध्यात्मिक परिवेश में रहने के आदी थे, जबकि ऐश्वर्या की पृष्ठभूमि और सोच उनसे मेल नहीं खाती थी।
- 2018 का विवाह और चंद महीनों में कोर्ट पहुंचा मामला
मई 2018 में पटना के ऐतिहासिक वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में तेजप्रताप यादव और पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय का विवाह अत्यंत भव्य पैमाने पर हुआ था। इस शादी में विभिन्न दलों के शीर्ष राजनेता, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और हजारों गणमान्य अतिथि शामिल हुए थे।
हालांकि, शादी के महज पांच-छह महीने बाद, नवंबर 2018 में तेजप्रताप यादव ने अचानक पटना की फैमिली कोर्ट में हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13(1)(ia) के तहत तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। उस वक्त लालू परिवार ने तेजप्रताप को समझाने और सुलह कराने की भरसक कोशिश की थी, लेकिन तेजप्रताप अपने फैसले पर अडिग रहे और अपने सरकारी आवास में अलग रहने लगे थे।
- ऐश्वर्या राय और उनके परिवार का पक्ष
घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का केस: ऐश्वर्या राय ने पूर्व में राबड़ी देवी, तेजप्रताप यादव और उनकी बहन मीसा भारती के खिलाफ घरेलू हिंसा (Domestic Violence Act) और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी।
ससुराल से बाहर निकालने का आरोप: सितंबर 2019 में ऐश्वर्या राय रोते हुए राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास से बाहर निकली थीं और मीडिया के सामने आरोप लगाया था कि उन्हें भोजन नहीं दिया जाता था और घर से बेदखल कर दिया गया।
राजनीतिक दरार: इस पारिवारिक विवाद का सीधा असर बिहार की राजनीति पर भी पड़ा था। कभी लालू परिवार के करीबी रहे चंद्रिका राय ने बाद में राजद छोड़कर जनता दल यूनाइटेड (JDU) का दामन थाम लिया था और दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक कड़वाहट भी खुल कर सामने आ गई थी।
फिलहाल तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के बीच तलाक, भरण-पोषण (Alimony) और घरेलू हिंसा से जुड़े मामले पटना उच्च न्यायालय और पारिवारिक अदालत में लंबित हैं। न्यायालय ने पूर्व में ऐश्वर्या राय के पक्ष में अंतरिम भरण-पोषण और आवास भत्ते के आदेश दिए थे। कानूनी जानकारों का कहना है कि वैवाहिक विवादों में किसी भी पक्ष द्वारा मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों की विधिक मान्यता तभी होती है जब वे अदालत के समक्ष साक्ष्य (Evidence) और शपथ पत्र के रूप में प्रमाणित किए जाएं। फिलहाल ऐश्वर्या राय या उनके परिवार की ओर से तेजप्रताप के इस ताजा दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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