शेख हसीना का यूनुस सरकार पर तीखा हमला- विदेश नीति बदलने का कोई जनादेश नहीं, अंतरिम सरकार को बताया अक्षम।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास बांग्लादेश की विदेश नीति
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास बांग्लादेश की विदेश नीति को दोबारा दिशा देने या बदलने का कोई जनादेश नहीं है। शेख हसीना ने 21 दिसंबर 2025 को एक ईमेल इंटरव्यू में यह बयान दिया जिसमें उन्होंने अंतरिम सरकार की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूनुस चुने हुए नेता नहीं हैं इसलिए वे ऐसे रणनीतिक फैसले लेने का अधिकार नहीं रखते जो आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित कर सकते हैं। शेख हसीना ने अंतरिम सरकार को अक्षम बताते हुए कहा कि देश में हिंसा सामान्य हो गई है और सरकार या तो इसे रोकने में असमर्थ है या इसे नकार रही है। यह बयान बांग्लादेश में हालिया अशांति के बीच आया है जिसमें एक प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या हुई और एक हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। शेख हसीना ने कहा कि यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने देश में कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने हादी की हत्या को दुखद बताते हुए कहा कि यह घटना उस अराजकता को दर्शाती है जो उनकी सरकार के जाने के बाद कई गुना बढ़ गई है। अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं और धार्मिक चरमपंथी ताकतें मजबूत हुई हैं। शेख हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस ने कैबिनेट स्तर पर चरमपंथी विचारधारा वाले लोगों को जगह दी है और दोषी ठहराए गए आतंकवादियों को जेल से रिहा किया है। अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से जुड़े समूहों को सार्वजनिक जीवन में भूमिका दी गई है। बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष राजनीति की ताकत को कमजोर किया जा रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर शेख हसीना ने कहा कि मौजूदा तनाव पूरी तरह यूनुस सरकार की देन है। अंतरिम सरकार ने भारत के खिलाफ शत्रुतापूर्ण बयान जारी किए हैं, अल्पसंख्यकों की रक्षा नहीं की और चरमपंथियों को विदेश नीति प्रभावित करने की छूट दी है। भारत बांग्लादेश में अराजकता, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और द्विपक्षीय संबंधों में बिगड़ते हालात देख रहा है। जब कोई सरकार अपनी सीमाओं के अंदर बुनियादी व्यवस्था बनाए रखने में असफल हो तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी विश्वसनीयता खत्म हो जाती है। यूनुस की बांग्लादेश की यही हकीकत है। शेख हसीना ने कहा कि भारत विरोधी माहौल चरमपंथी ताकतें पैदा कर रही हैं जिन्हें अंतरिम सरकार ने खुली छूट दी है। पाकिस्तान के साथ बढ़ते संबंधों पर शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश हमेशा से सभी से मित्रता और किसी से बैर की नीति पर चलता रहा है लेकिन यूनुस सरकार ने पारंपरिक सहयोगियों से दूरी बनाकर इस्लामाबाद की ओर तेजी से झुकाव दिखाया है। यह जल्दबाजी में लिया गया कदम है जो लंबे समय तक प्रभाव डालेगा। अंतरिम सरकार के पास ऐसे बड़े विदेश नीति बदलाव करने का अधिकार नहीं है। एक बार जब बांग्लादेशी लोग स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकेंगे तब विदेश नीति राष्ट्रीय हितों की सेवा करेगी न कि अस्थायी रूप से सत्ता में आए चरमपंथियों की विचारधारा की। भारत और बांग्लादेश के संबंध मूलभूत हैं और अंतरिम सरकार के जाने के बाद भी बने रहेंगे।
फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों पर शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग के बिना चुनाव कोई चुनाव नहीं बल्कि राज्याभिषेक होगा। अवामी लीग को प्रतिबंधित रखा गया है जो नौ बार जनादेश से चुनी गई पार्टी है। ऐसे चुनाव से बनी सरकार को शासन करने का नैतिक अधिकार नहीं मिलेगा। लाखों लोग मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। शेख हसीना ने अंतरिम सरकार को एक भी वोट के बिना शासन करने वाला बताया। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के हालिया फैसले को उन्होंने न्यायिक वेश में राजनीतिक हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला राजनीतिक बदले की कार्रवाई है और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ने के फैसले को और रक्तपात रोकने के लिए लिया बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हत्या का सामना करने के लिए वापसी की मांग नहीं की जा सकती। वे तब लौटेंगी जब वैध सरकार बनेगी और न्यायपालिका स्वतंत्र हो जाएगी। बांग्लादेश में मौजूदा अशांति पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को अस्थिर कर रही है। भारत जैसे पड़ोसी चिंता के साथ स्थिति देख रहे हैं। यूनुस सरकार की नीतियां आंतरिक असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भारत विरोध पैदा कर रही हैं। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोग अंतरिम सरकार की सोच का प्रतिनिधित्व नहीं करते। एक बार लोकतंत्र बहाल होने पर लापरवाह बयानबाजी खत्म हो जाएगी।
यह बयान बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच आया है जहां अंतरिम सरकार चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। शेख हसीना ने चेतावनी दी कि अवामी लीग के बिना चुनाव क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करेंगे। अंतरिम सरकार की नीतियां राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं। विदेश नीति में बदलाव बिना जनादेश के नहीं किए जा सकते। यूनुस सरकार ने चरमपंथी ताकतों को बढ़ावा दिया जिससे देश की धर्मनिरपेक्ष छवि प्रभावित हुई है। बांग्लादेश और भारत के संबंध दशकों पुराने हैं और अंतरिम सरकार के कदमों से प्रभावित नहीं होंगे। शेख हसीना का यह बयान अंतरिम सरकार की वैधता और नीतियों पर सीधा सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि यूनुस के पास शासन चलाने का जनादेश नहीं है और उनके फैसले दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं। बांग्लादेश में हिंसा और अराजकता बढ़ी है जो पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को प्रभावित कर रही है। अंतरिम सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रही है। चरमपंथी ताकतें संस्थानों को प्रभावित कर रही हैं। विदेश नीति में जल्दबाजी खतरनाक है।
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