EPFO 3.0 New Rules: अब UPI और ATM से निकलेगा PF का पैसा, जानें ऑटो-सेटलमेंट सहित 5 बड़े बदलाव
EPFO 3.0 के तहत अब पीएफ निकासी बेहद आसान हो गई है। ऑटो-सेटलमेंट सीमा 5 लाख रुपये होने और यूपीआई-एटीएम से निकासी के नए नियमों की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अपने डिजिटल सिस्टम में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी पूरी कर ली है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, EPFO 3.0 के तहत अब पीएफ अंशधारक आपात स्थिति में सीधे यूपीआई और एटीएम के जरिए अपना पैसा निकाल सकेंगे। नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से संचालित हो रही इस नई व्यवस्था के तहत ऑटो-सेटलमेंट सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। अब क्लेम सेटलमेंट के लिए हफ्तों इंतजार करने और दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनेगी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाते हुए 'EPFO 3.0' ढांचा लागू कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत पीएफ सब्सक्राइबर्स को बैंकिंग की आधुनिक तकनीक जैसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और विशेष डेबिट कार्ड/एटीएम के जरिए त्वरित निकासी का विकल्प दिया जाएगा। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई पेमेंट गेटवे के जरिए ईपीएफ निकासी का सफल परीक्षण किया जा चुका है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्लेम खारिज होने की दर को घटाना, कंपनियों पर कर्मचारियों की निर्भरता को खत्म करना और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को रियल-टाइम बनाना है।
पहला सबसे बड़ा बदलाव यूपीआई और एटीएम आधारित निकासी का है। नए नियमों के तहत पात्र कर्मचारी अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी तक हिस्सा यूपीआई के जरिए सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे, जिसे एटीएम से भी निकाला जा सकेगा। हालांकि, भविष्य की सुरक्षा के लिए खाते में 25 फीसदी न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखना होगा।
दूसरा महत्वपूर्ण सुधार ऑटो-सेटलमेंट सीमा में बढ़ोतरी है। ईपीएफओ ने ऑटोमैटिक क्लेम सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि 90 फीसदी से अधिक क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 24 से 72 घंटों के भीतर ऑटोमैटिक तरीके से मंजूर हो जाएंगे।
तीसरा बदलाव निकासी श्रेणियों का सरलीकरण है। पहले पीएफ निकालने के लिए 13 अलग-अलग जटिल श्रेणियां थीं, जिन्हें घटाकर अब केवल 3 मुख्य श्रेणियों आवश्यक जरूरतें (इलाज, शिक्षा, विवाह), आवास जरूरतें (मकान निर्माण या होम लोन) और विशेष परिस्थितियां (बेरोजगारी या सेवानिवृत्ति) में बदल दिया गया है।
चौथा बदलाव एम्प्लॉयर पर निर्भरता खत्म करना है। पहले क्लेम के सत्यापन के लिए कंपनी या नियोक्ता के डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत होती थी, जिससे देरी होती थी। अब यदि यूएएन (UAN) पूरी तरह केवाईसी कम्प्लायंट है, तो सेल्फ-सर्टिफिकेशन के जरिए कर्मचारी खुद क्लेम कर सकेंगे।
पांचवां बदलाव केंद्रीकृत आईटी आर्किटेक्चर (CITES) का लागू होना है। ईपीएफओ ने अपने सभी क्षेत्रीय डेटाबेस को एक केंद्रीय नेशनल प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही नई 'पासबुक लाइट' और उमंग ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन से यूएएन एक्टिवेशन जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
महत्वपूर्ण नियम: यूपीआई या एटीएम से निकासी की सुविधा का लाभ केवल उन्हीं अंशधारकों को मिलेगा जिनका यूएएन एक्टिव है और बैंक खाता, पैन व पहचान पत्र पूरी तरह लिंक और सत्यापित हैं। 5 साल से कम की सेवा अवधि में 50,000 रुपये से अधिक निकासी पर नियमानुसार टीडीएस (TDS) लागू रहेगा।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार पीएफ क्लेम प्रक्रिया को बैंकिंग लेन-देन की तरह सरल और बाधा रहित बनाएगा। उद्योग विशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि आपातकालीन स्थिति, जैसे गंभीर बीमारी या बच्चों की उच्च शिक्षा के समय, यह सुविधा कर्मचारियों को भारी राहत देगी। वित्तीय जानकारों का यह भी मानना है कि 25 फीसदी बैलेंस अनिवार्य रूप से बनाए रखने का नियम रिटायरमेंट सुरक्षा के लिहाज से बेहद संतुलित और व्यावहारिक है।
इस ऐतिहासिक कदम का सीधा प्रभाव देश के 6 करोड़ से अधिक सक्रिय पीएफ अंशधारकों पर पड़ेगा। पहले जहां क्लेम सेटल होने में 15 से 20 दिन का समय लगता था और दस्तावेजों में मामूली विसंगति पर क्लेम खारिज हो जाता था, वहीं अब यह काम चंद घंटों में पूरा होगा। कंपनियों की मनमानी और एचआर विभागों पर कर्मचारियों की निर्भरता समाप्त होने से कामकाजी पेशेवरों का समय और तनाव दोनों बचेगा। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से ईपीएफओ दफ्तरों पर काम का बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
ईपीएफओ नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इस सिस्टम का अंतिम एकीकरण कर रहा है। आने वाले हफ्तों में यह सुविधा उमंग ऐप, संशोधित ईपीएफओ मोबाइल ऐप्लिकेशन और आधिकारिक पोर्टल पर चरणबद्ध तरीके से सभी अंशधारकों के लिए पूरी तरह लाइव कर दी जाएगी। अंशधारकों को सलाह दी गई है कि वे बिना किसी रुकावट के सुविधा का लाभ लेने के लिए अपने यूएएन पोर्टल पर जाकर बैंक खाता, पैन और पहचान विवरण समय रहते अपडेट और सत्यापित कर लें।
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