CJP Protest से पहले दिल्ली पुलिस का मेगा एक्शन: 15 जिलों में 48 घंटे चली ताबड़तोड़ छापेमारी, असामाजिक तत्वों समेत कई गिरफ्तार

CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी 15 जिलों में दो दिनों तक व्यापक छापेमारी अभियान चलाकर उपद्रव की आशंका वाले कई तत्वों को गिरफ्तार किया है।

Oct 10, 2026 - 12:09
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CJP Protest से पहले दिल्ली पुलिस का मेगा एक्शन: 15 जिलों में 48 घंटे चली ताबड़तोड़ छापेमारी, असामाजिक तत्वों समेत कई गिरफ्तार
  • जंतर-मंतर पर बवाल रोकने के लिए दिल्ली पुलिस की किलेबंदी: 15 जिलों में दो दिन चला कॉम्बिंग ऑपरेशन, दर्जनों संदिग्ध दबोचे
  • Delhi Police Action Before CJP Protest: लुटियंस दिल्ली में प्रदर्शन से पहले राजधानी में बड़ा धरपकड़ अभियान, पुलिस ने खंगाले 15 जिले
  • राजधानी में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस का कड़ा पहरा: CJP मार्च से पहले 15 जिलों में छापेमारी, उपद्रव की आशंका वाले तत्वों पर नकेल

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए राजधानी स्तर पर एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के कड़े निर्देशों पर पिछले 48 घंटों के दौरान राजधानी के सभी 15 पुलिस जिलों में सघन तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दो दिवसीय विशेष अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने असामाजिक तत्वों, सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटरों और ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर दबिश दी, जिनके प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने या भीड़ को भड़काने की आशंका थी।

इस व्यापक कार्रवाई के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों से कई संदिग्धों और असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार व एहतियातन पाबंद किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राजधानी में किसी भी अप्रत्याशित हिंसा, अव्यवस्था या तोड़फोड़ की साजिश को पहले ही नाकाम करने के उद्देश्य से उठाया गया था।

  • 15 जिलों में कैसे चला 48 घंटे का स्पेशल सर्च ऑपरेशन?

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) के निर्देश पर उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी, पश्चिमी, मध्य, शाहदरा और नई दिल्ली सहित सभी 15 जिलों के डीसीपी ने अपने-अपने इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर यह तलाशी अभियान संचालित किया:

होटलों और गेस्ट हाउसों की जांच: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास पहाड़गंज, दरियागंज, करोल बाग, जामा मस्जिद और महिपालपुर स्थित सैकड़ों होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों में रुके मुसाफिरों के पहचान पत्रों की सघन जांच की गई।

संदिग्ध ठिकानों पर दबिश: विभिन्न थानों के सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों, पूर्व में दंगों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में शामिल रहे आरोपियों के पतों पर पुलिस टीमों ने सीधे छापे मारे।

नाइट पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग: रात के समय घनी बस्तियों, झुग्गी बस्तियों और संवेदनशील पॉकेट्स में स्थानीय एसएचओ के नेतृत्व में फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग की गई।

अवैध हथियारों और संदिग्ध वस्तुओं की बरामदगी: कई क्षेत्रों में वाहनों की आकस्मिक जांच के दौरान संदिग्ध वस्तुएं, धारदार हथियार और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।

  • जंतर-मंतर पर भीड़ जुटाने की खुफिया रिपोर्ट के बाद अलर्ट

सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को खुफिया इनपुट मिले थे कि CJP के आह्वान पर न केवल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और छात्र, बल्कि कई ऐसे उपद्रवी तत्व भी राजधानी के प्रमुख चौराहों पर अराजकता फैलाने की योजना बना रहे हैं, जिनका मकसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना हो सकता है।

इसी आधार पर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि नई दिल्ली जिले के वीवीआईपी इलाकों विशेषकर संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, निर्वाचन सदन और जंतर-मंतर के आसपास किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए शहर के बाहरी और भीतरी दोनों घेरों को मजबूत किया जाए। 15 जिलों में की गई इस अग्रिम छापेमारी का मुख्य मकसद प्रदर्शन स्थल तक ऐसे तत्वों के पहुंचने के रास्तों को पहले ही काटना था।

  • गिरफ्तारियों और निवारक पाबंदियों का कानूनी दायरा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में की गई कार्रवाइयों में कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया है:

सीआरपीसी/बीएनएसएस के तहत पाबंदी: संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की निवारक धाराओं के तहत पाबंद करने की कार्रवाई की गई है।

सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी: जिन व्यक्तियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) लंबित थे या जो अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए, उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

मुचलके पर चेतावनी: कई स्थानीय तत्वों को शांति बनाए रखने के लिए भारी मुचलके और बॉन्ड भरवाकर पाबंद किया गया है।

दो दिन चले इस व्यापक तलाशी अभियान के बाद शनिवार को जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के प्रमुख केंद्रों पर सुरक्षा बंदोबस्त अभेद्य बना हुआ है। जहां एक ओर 15 जिलों की छापेमारी से स्थानीय स्तर पर असामाजिक तत्वों को नियंत्रित किया गया, वहीं दूसरी ओर सीमाओं पर कड़ी नाकेबंदी, 45 से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी और संवेदनशील चौराहों पर नाइट-विजन बॉडी कैमरों से लैस सुरक्षाबलों की तैनाती ने पूरे इलाके को एक सुरक्षित घेरे में ले लिया है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोहराया है कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आम नागरिकों की सुरक्षा तथा सामान्य यातायात संचालन को बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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