Delhi Jantar Mantar Security: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP, प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने के लिए नाइट-विजन बॉडी कैमरों से लैस हुई पुलिस

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जवान नाइट-विजन बॉडी कैमरों से लैस हैं।

Oct 10, 2026 - 12:22
 0  1
Delhi Jantar Mantar Security: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP, प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने के लिए नाइट-विजन बॉडी कैमरों से लैस हुई पुलिस
  • CJP Protest at Jantar Mantar: कॉकरोच जनता पार्टी के घेराव को लेकर दिल्ली में हाई-अलर्ट, आधुनिक तकनीक और बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस जवान तैनात
  • दिल्ली पुलिस की हाई-टेक सुरक्षा: जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुख्ता बंदोबस्त, अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करेंगे नाइट-विजन कैमरे
  • Delhi Protest Security Update: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का हल्लाबोल, पुलिस ने छावनी में बदला लुटियंस जोन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति, अव्यवस्था अथवा सुरक्षा चूक से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस बार जमीन पर अत्यधिक आधुनिक और हाई-टेक रणनीति लागू की है। लुटियंस दिल्ली और संसद मार्ग से सटे प्रमुख चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से आधुनिक 'नाइट-विजन बॉडी-वॉर्न कैमरों' (BWCs) से लैस किया गया है।

यह पहला मौका नहीं है जब राजधानी में कानून-व्यवस्था के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इन्फ्रारेड और नाइट-विजन तकनीक से युक्त ये नए कैमरे दिन के पूरे उजाले के साथ-साथ देर शाम और रात के घने अंधेरे में भी उच्च गुणवत्ता (फुल एचडी) की वीडियो फुटेज और स्पष्ट ऑडियो रिकॉर्ड करने में पूरी तरह सक्षम हैं। पुलिस का यह कदम प्रदर्शन के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने, उपद्रवी तत्वों की सटीक पहचान करने और किसी भी संभावित टकराव के निष्पक्ष दस्तावेजीकरण के उद्देश्य से उठाया गया है।

  • नाइट-विजन बॉडी कैमरों की तकनीकी विशेषताएं

प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए जवानों की छाती और कॉलर पर लगाए गए इन विशेष कैमरों को आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत डिजाइन किया गया है:

अंधेरे में निर्बाध विजिबिलिटी: इनमें लगे उन्नत इन्फ्रारेड सेंसर्स बेहद कम रोशनी अथवा पूर्ण अंधेरे में भी 10 से 15 मीटर की दूरी तक चेहरे के भाव और हलचल को स्पष्ट रूप से कैद कर सकते हैं।

रियल-टाइम लाइव स्ट्रीमिंग क्षमता: कई यूनिट्स में वायरलेस डेटा ट्रांसमिशन की सुविधा है, जिससे फील्ड में तैनात जवानों के कैमरे का लाइव विजुअल सीधे सेंट्रल पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) में देखा जा सकता है।

टैम्पर-प्रूफ स्टोरेज: रिकॉर्ड की जा रही वीडियो और ऑडियो फाइलें एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में सुरक्षित होती हैं, जिससे मौके पर फुटेज से किसी भी तरह की छेड़छाड़ या उसे मिटाया जाना संभव नहीं है।

व्यापक ऑडियो कवरेज: शोर-शराबे और नारों के बीच भी बातचीत को स्पष्ट रूप से पकड़ने के लिए इसमें नॉयज-कैंसिलेशन माइक्रोफोन लगाए गए हैं।

  • जंतर-मंतर और लुटियंस जोन में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक पर हुई पूर्व निवारक कार्रवाइयों के बाद राजधानी में कार्यकर्ताओं के संभावित जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है:

बहुस्तरीय बैरिकेडिंग: जंतर-मंतर की ओर आने वाले सभी प्रमुख मार्गों टॉलस्टॉय मार्ग, संसद मार्ग, कस्तूरबा गांधी मार्ग और अशोका रोड पर भारी धातु के बैरिकेड्स और कंटीले तारों की लेयरिंग की गई है।

अर्धसैनिक बलों की तैनाती: स्थानीय पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त कंपनियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों (Anti-Riot Gear) और वॉटर कैनन (वज्र वाहनों) के साथ रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात रखा गया है।

ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी: जमीन पर बॉडी-वॉर्न कैमरों के साथ-साथ आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए कनॉट प्लेस और आसपास की गलियों में भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।

  • क्या है CJP का विरोध और मांगें?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हालिया प्रशासनिक प्रक्रियाओं, चुनावी निष्पक्षता और मतदाता सूचियों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। संगठन का आरोप है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है और इसी के विरोध में उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण मार्च और धरने का आह्वान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था को देखते हुए इस आयोजन के लिए कोई औपचारिक प्रशासनिक मंजूरी नहीं दी गई थी, जिसके चलते किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े (Unlawful Assembly) को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी किए गए हैं।

नई दिल्ली जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा का यह व्यापक तकनीकी बंदोबस्त किसी लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों की आवाजाही को सुचारु रखने और कानून का राज कायम रखने के लिए किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बॉडी कैमरों से मिलने वाली रिकॉर्डिंग कानूनी रूप से साक्ष्य (Digital Evidence) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि कोई असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या पुलिस कर्मियों पर हमला करने की कोशिश करता है, तो फुटेज के आधार पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, यह प्रणाली पुलिस कर्मियों के अपने व्यवहार और आचरण की जवाबदेही भी सुनिश्चित करती है। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Also Read- Delhi Protest Rail Chaos: CJP प्रदर्शन के चलते 170 लोकल ट्रेनें रद्द, रेलवे स्टेशनों पर रात भर भटकते रहे हजारों मुसाफिर

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow