CJP Protest Row: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक (KK Create) को हिरासत में ले लिया है। पढ़ें पूरा मामला।

- Kavya Karnatac Detained: 'KK Create' फेम काव्या कर्नाटक को दिल्ली पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP के मार्च से पहले कार्रवाई
- दिल्ली पुलिस का प्रिवेंटिव एक्शन: CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक डिटेन, समर्थकों में नाराजगी
- Cockroach Janta Party Protest: अभिजीत दीपके के बाद काव्या कर्नाटक पर पुलिसिया एक्शन, दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत में ली गईं
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य से जुड़े डिजिटल मंच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ा निवारक कदम (Preventive Action) उठाया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर 'केके क्रिएट' (KK Create) के नाम से लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक को प्रदर्शन स्थल के समीप पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। इससे पूर्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली हवाई अड्डे पर रोके जाने का मामला सामने आया था, और अब काव्या कर्नाटक पर हुई इस कार्रवाई के बाद इंटरनेट पर डिजिटल क्रिएटर्स और समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, CJP के आह्वान पर नई दिल्ली क्षेत्र के एक सार्वजनिक स्थल पर सांकेतिक मार्च और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और पूर्व अनुमति (Police Permission) न होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों के जमावड़े को रोकने के लिए कई प्रमुख चेहरों को एहतियातन हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी।
- कौन हैं काव्या कर्नाटक (KK Create)?
काव्या कर्नाटक डिजिटल स्पेस में एक बेहद लोकप्रिय और प्रभावशाली कंटेंट क्रिएटर हैं। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं:
'केके क्रिएट' के जरिए पहचान: काव्या मुख्य रूप से भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भूगोल, सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण और समसामयिक विषयों पर शोधपरक और सूचनाप्रद लघु वीडियो (Reels/Shorts) बनाने के लिए जानी जाती हैं।
सार्थक और सरल भाषा: जटिल भौगोलिक और राजनीतिक विषयों को बेहद सरल, रोचक और विजुअल अंदाज में समझाने के उनके तरीके ने उन्हें युवाओं और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है।
मुद्दों पर सक्रियता: हाल के दिनों में उन्होंने नागरिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युवाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय मुखरता से रखी थी।
- प्रदर्शन से पहले कैसे हुई हिरासत की कार्रवाई?
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो संदेशों के अनुसार, काव्या कर्नाटक प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने या उसे कवर करने के सिलसिले में निर्धारित स्थल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान क्षेत्र में तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों और महिला पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग के पास उन्हें रोक लिया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उक्त स्थान पर किसी भी प्रकार के सार्वजनिक मार्च, नारेबाजी या धरना-प्रदर्शन के लिए सक्षम प्राधिकारी (डीसीपी कार्यालय) से कोई वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी। धारा 144 या प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से काव्या कर्नाटक सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को अपनी हिरासत में लेकर पुलिस वाहन से नजदीकी थाने भेज दिया।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई एहतियाती हिरासत (Preventive Detention) है:
अनुमति का अभाव: नई दिल्ली और वीवीआईपी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के मार्च या प्रदर्शन के लिए पुलिस का औपचारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) अनिवार्य होता है।
यातायात और सुरक्षा प्रबंधन: प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित होने और सुरक्षा जोखिम पैदा होने की संभावना थी, जिसे टालने के लिए यह कदम उठाया गया।
औपचारिक सत्यापन: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों से आवश्यक पूछताछ और औपचारिक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद नियमानुसार छोड़ दिया जाएगा।
- सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
काव्या कर्नाटक को हिरासत में लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर साझा होते ही वायरल हो गया। बड़ी संख्या में डिजिटल क्रिएटर्स, पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस की इस कार्रवाई को ज्यादती बताया है।
यूजर्स का कहना है कि एक लोकप्रिय एजुकेशनल और कल्चरल कंटेंट क्रिएटर को केवल किसी शांतिपूर्ण आयोजन में मौजूदगी या समर्थन दर्ज कराने के आधार पर हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों पर आघात है। वहीं, कुछ अन्य लोगों का मानना है कि राजधानी के संवेदनशील इलाकों में बिना अनुमति के किसी भी भीड़ को जुटने की इजाजत देना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। फिलहाल पुलिस थाने के बाहर समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया है और स्थिति पर उच्चाधिकारियों की नजर बनी हुई है।
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