भारत में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल- 3 सितंबर 2025 की नवीनतम दरें
पर्यटन और शिल्प उद्योग यहां सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा देते हैं। बरेली में 24 कैरेट सोना 1,05,020 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो थोड़ा कम है, और चांदी 1,23,103 रुपये प्रति किलोग्राम। यह भिन्नता स्था
3 सितंबर 2025 को भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नई ऊंचाइयां छू ली हैं, जहां वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और डॉलर की कमजोरी ने इन कीमती धातुओं को मजबूत समर्थन प्रदान किया है। बहुमूल्य धातुओं के बाजार में आज का दिन ऐतिहासिक रहा, क्योंकि सोने की कीमतें 1,06,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गईं, जबकि चांदी ने भी क्षेत्रीय स्तर पर 1,36,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक का स्तर छुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुझान के कारण है, जो आर्थिक मंदी की आशंकाओं से प्रेरित है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अक्टूबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में 0.30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि चांदी में भी मिश्रित रुझान रहे।
वैश्विक बाजार में सोना 3,543.71 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले महीने से 5.02 प्रतिशत ऊपर है, जबकि चांदी 40.77 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर है, जो 8.94 प्रतिशत की मासिक बढ़त दर्शाता है। भारतीय बाजार में यह रुझान अंतरराष्ट्रीय संकेतों से प्रभावित है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी अनिश्चितताएं और ट्रंप प्रशासन की संभावित टैरिफ नीतियां सोने को और मजबूत कर रही हैं। आज की कीमतों का विश्लेषण करते हुए, हम देखते हैं कि देश के विभिन्न शहरों में सोने और चांदी की दरों में मामूली भिन्नताएं हैं, जो स्थानीय मांग, करों और बाजार की गतिविधियों पर निर्भर करती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 24 कैरेट सोने की कीमत 10,610 रुपये प्रति ग्राम है, जो 10 ग्राम के लिए 1,06,100 रुपये बनती है। 22 कैरेट सोना 9,726 रुपये प्रति ग्राम पर उपलब्ध है, जबकि 18 कैरेट 7,958 रुपये प्रति ग्राम है। चांदी की बात करें तो राष्ट्रीय औसत 1,26,200 रुपये प्रति किलोग्राम है, लेकिन दक्षिण भारत में यह ऊंची है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सोने की कीमतों ने निवेशकों को आकर्षित किया है। यहां 24 कैरेट सोने की दर 1,06,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो कल की तुलना में 210 रुपये की बढ़ोतरी दर्शाती है।
22 कैरेट सोना 97,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमत 1,26,100 रुपये प्रति किलोग्राम है, जिसमें 100 रुपये की मामूली वृद्धि हुई है। स्थानीय ज्वेलर्स का कहना है कि त्योहारों की तैयारी में सोने की मांग बढ़ रही है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। दिल्ली में, जो देश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, सोने की दरें राष्ट्रीय औसत से थोड़ी नीचे हैं। यहां 24 कैरेट सोना 1,06,030 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट 97,300 रुपये है। चांदी 1,26,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में औद्योगिक मांग के कारण चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। नोएडा, जो दिल्ली से सटा हुआ है, में कीमतें लगभग समान हैं। 24 कैरेट सोना 1,06,030 रुपये प्रति 10 ग्राम है, और चांदी 1,26,200 रुपये प्रति किलोग्राम। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी उद्योग की वजह से चांदी की खपत अधिक है। आगरा, ताजमहल की नगरी, में सोने की कीमतें 1,06,030 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) हैं, जबकि चांदी 1,26,100 रुपये प्रति किलोग्राम है।
पर्यटन और शिल्प उद्योग यहां सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा देते हैं। बरेली में 24 कैरेट सोना 1,05,020 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो थोड़ा कम है, और चांदी 1,23,103 रुपये प्रति किलोग्राम। यह भिन्नता स्थानीय बाजार की गतिविधियों से जुड़ी है। असम में, गुवाहाटी जैसे शहरों में सोना 1,06,230 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) है, और चांदी 1,24,470 रुपये प्रति किलोग्राम। पूर्वोत्तर भारत में चाय उद्योग और सांस्कृतिक उत्सव सोने की मांग को प्रभावित करते हैं। मुंबई, वित्तीय राजधानी, में सोना 1,06,220 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि चांदी 1,26,200 रुपये प्रति किलोग्राम। यहां एमसीएक्स ट्रेडिंग वॉल्यूम उच्च होने से कीमतें वैश्विक रुझानों से सीधे जुड़ी हैं। कोलकाता में सोना 1,05,915 रुपये प्रति 10 ग्राम है, और चांदी 1,26,200 रुपये प्रति किलोग्राम। दुर्गा पूजा की तैयारी में यहां सोने की खरीदारी बढ़ रही है। चेन्नई में सोना 1,06,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है, लेकिन चांदी 1,36,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर ऊंची है। तमिलनाडु में समान रुझान हैं, जहां चांदी की औद्योगिक मांग मजबूत है।
बिहार के पटना में सोना 1,06,140 रुपये प्रति 10 ग्राम है, और चांदी 1,24,140 रुपये प्रति किलोग्राम। यहां कृषि और विवाह सीजन की वजह से मांग स्थिर है। इन कीमतों का उछाल कई कारकों से जुड़ा है। वैश्विक स्तर पर, फेडरल रिजर्व की सितंबर में ब्याज दर कटौती की 90 प्रतिशत संभावना ने सोने को समर्थन दिया है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति की आशंकाएं निवेशकों को सोने की ओर खींच रही हैं। भारत में, आयात शुल्क में कमी और त्योहारों की मांग ने कीमतों को बढ़ाया है। 2025 में सोने ने 34 प्रतिशत और चांदी ने 42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोना 1,05,000 से 1,06,500 रुपये के रेंज में रहेगा, जबकि चांदी 1,30,000 से 1,35,000 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, लाभ लेने की बिकवाली से थोड़ी गिरावट संभव है। निवेशकों को सलाह है कि लंबी अवधि के लिए खरीदें, क्योंकि आर्थिक अनिश्चितताएं बनी रहेंगी। बाजार में आज का कारोबार मिश्रित रहा, लेकिन समग्र रुझान सकारात्मक है। जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है, मांग और बढ़ने की उम्मीद है, जो कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है। कुल मिलाकर, 3 सितंबर 2025 का दिन सोने-चांदी के बाजार के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, जहां रिकॉर्ड ऊंचाइयों ने निवेशकों को उत्साहित किया है।
What's Your Reaction?