Agnipath Scheme Update - अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी, 4 से बढ़कर 6 साल हो सकता है सेवा काल; 21 नवंबर तक फैसला
केंद्र सरकार अग्निवीरों का सेवा काल 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। पहले बैच का 4 साल पूरा होने से ठीक पहले 21 नवंबर तक अंतिम फैसला संभव है।

- Agniveer Tenure Extension - अग्निवीरों को मिल सकता है 2 साल का एक्सटेंशन, सेवा निधि पैकेज के साथ बाहर निकलने का भी रहेगा विकल्प
- Defence Reforms Agniveer - पहले बैच का कार्यकाल पूरा होने से पहले बड़ा प्रस्ताव, सेना में बन सकती हैं सैनिकों की 3 श्रेणियां
- Indian Armed Forces News - 6 साल की सर्विस या ₹11.71 लाख की सेवा निधि, अग्निवीरों के कार्यकाल विस्तार पर केंद्र सरकार में मंथन
- 4 से बढ़कर 6 साल हो सकती है अग्निवीरों की सर्विस
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत तैनात अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार अग्निवीरों के मौजूदा चार साल के सेवा काल को दो साल और बढ़ाकर छह साल करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बड़े बदलाव पर अंतिम निर्णय 21 नवंबर तक लिए जाने की संभावना है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब साल 2022 में भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल पूरा होने के करीब है। भारतीय नौसेना में पहले बैच का कार्यकाल 21 नवंबर को पूरा हो रहा है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना का बैच 21 दिसंबर और थल सेना का पहला बैच 31 दिसंबर को अपने चार साल पूरे करेगा।
- स्वैच्छिक विकल्प: एक्सटेंशन या सेवा निधि पैकेज
सूत्रों के अनुसार, यह सेवा विस्तार पूरी तरह से अग्निवीरों की व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करेगा। 25 प्रतिशत उत्कृष्ट अग्निवीरों को स्थायी कैडर में नियमित सैनिक के रूप में शामिल करने का मौजूदा नियम यथावत रहेगा, जिन्हें न्यूनतम 15 वर्ष की अतिरिक्त पेंशन-योग्य सेवा का अवसर मिलेगा।
वहीं, शेष अग्निवीरों के समक्ष दो स्पष्ट विकल्प होंगे। वे चाहें तो दो साल का अतिरिक्त एक्सटेंशन लेकर छह साल तक सेवा जारी रख सकते हैं, या फिर चार साल का कार्यकाल पूरा होते ही 11.71 लाख रुपये के कर-मुक्त 'सेवा निधि' पैकेज के साथ सम्मानपूर्वक सेवामुक्त हो सकते हैं।
सशस्त्र बलों में बन सकती हैं तीन अलग-अलग श्रेणियां
यदि इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति मिलती है, तो भारतीय सशस्त्र बलों में सैनिकों की संरचना तीन श्रेणियों में विभाजित हो सकती है:
प्रारंभिक 4 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीर
दो साल का अतिरिक्त एक्सटेंशन प्राप्त करने वाले अग्निवीर
25 फीसदी कोटे के तहत नियमित कैडर में स्थायी रूप से शामिल होने वाले सैनिक
उल्लेखनीय है कि 2022 में पहले बैच के तहत तीनों सेनाओं में लगभग 24,000 अग्निवीर शामिल हुए थे, जिनमें अकेले थल सेना में 19,000 जवान थे। सेवा काल के दौरान अग्निवीर के मासिक वेतन से कटी राशि और सरकार द्वारा दिए गए बराबर अंशदान (प्रत्येक 5.02 लाख रुपये) पर संचित ब्याज को मिलाकर कुल 11.71 लाख रुपये का पैकेज दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ (CAPF) और असम राइफल्स की भर्तियों में पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षण के दायरे को भी विस्तारित किया है।
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