राज्यसभा चुनाव पर आरजेडी के दावों का जवाब: लालू यादव परिवार को हारने की आदत हो चुकी है, दिन में सपने देखते रहें।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में राज्यसभा चुनावों को लेकर आरजेडी और लालू प्रसाद यादव के परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि
- बिहार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर तीखा तंज: लालू परिवार 21 साल से हार रहा, 2005 से लगातार हार की आदत पड़ गई
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में राज्यसभा चुनावों को लेकर आरजेडी और लालू प्रसाद यादव के परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू परिवार 2005 से लगातार चुनाव हार रहा है और अब उन्हें हारने की आदत पड़ चुकी है। यह बयान पटना में LPG सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया, जब आरजेडी ने राज्यसभा की पांचवीं सीट पर दावा किया था। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग दिन में सपने देखना चाहते हैं उन्हें देखने दीजिए, इससे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि 2005 के बाद से लालू परिवार को बिहार की जनता ने बार-बार नकारा है।
सम्राट चौधरी का यह बयान 11 मार्च 2026 को दिया गया, जब वे LPG संकट पर केंद्र सरकार के निर्देशों की जानकारी देते हुए मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लालू यादव का परिवार 2005 से लगातार हारता आ रहा है और अब तो उन्हें हारने की आदत पड़ चुकी है। यह टिप्पणी आरजेडी के राज्यसभा सीट पर दावे के जवाब में आई, जहां विपक्षी दल पांच सीटों में से एक पर अपना उम्मीदवार उतारने की बात कर रहा था। डिप्टी सीएम ने जोर दिया कि NDA की मजबूत तैयारी के कारण सभी सीटें गठबंधन के खाते में आएंगी। बयान के दौरान उन्होंने लालू परिवार की पुरानी शैली पर भी कटाक्ष किया और कहा कि सपने देखना उनकी आदत है, लेकिन जनता अब विकास और स्थिरता चाहती है। यह बयान ऐसे समय में आया जब बिहार में नीतीश कुमार राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में चर्चा में हैं।
2005 का चुनाव बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सरकार को हराकर सत्ता हासिल की। उस समय लालू परिवार 15 साल से बिहार पर राज कर रहा था, लेकिन जंगल राज, भ्रष्टाचार और विकास की अनदेखी के आरोपों ने जनता को उनके खिलाफ कर दिया। 2005 में NDA को स्पष्ट बहुमत मिला और नीतीश कुमार पहली बार पूर्ण कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने। लालू परिवार के लिए यह शुरुआत हार की श्रृंखला की थी, जो आज तक जारी है। सम्राट चौधरी ने इसी ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा कि 21 साल बीत गए लेकिन लालू परिवार को सत्ता वापस मिलने का सपना अधूरा रह गया। इस दौरान बिहार में सड़कें, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार हुए, जिसने जनता का विश्वास NDA के साथ जोड़ा।
आरजेडी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2005 के बाद 2010 में फिर हार, 2015 में महागठबंधन के बावजूद सीमित सफलता, 2020 में विपक्ष में रहना और 2025 के विधानसभा चुनाव में करारी हार शामिल है। 2025 में आरजेडी को मात्र 75 सीटें मिलीं जबकि NDA ने 160 से ज्यादा सीटें जीतीं। इसके बाद लालू परिवार में भी कलह शुरू हुई, जहां बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। अन्य बेटियां भी पटना छोड़ दिल्ली चली गईं। सम्राट चौधरी के बयान में इन्हीं घटनाओं का इशारा है कि परिवार न केवल चुनाव हार रहा है बल्कि आंतरिक रूप से भी कमजोर हो चुका है। डिप्टी सीएम ने कहा कि हार की इस श्रृंखला ने लालू परिवार को इतना अभ्यस्त बना दिया है कि अब वे हर मुद्दे पर सपने देखते रहते हैं। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यह बयान NDA की मजबूती को दर्शाता है। नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं और बिहार में नया मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सम्राट चौधरी, जो पहले लालू की पार्टी से जुड़े थे लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हुए, अब कुशवाहा और पिछड़े वर्गों का चेहरा बन चुके हैं। उनका यह बयान आरजेडी को यह याद दिलाता है कि 2005 के बाद बिहार की जनता ने विकास की राजनीति को अपनाया है। राज्यसभा चुनाव में NDA की तैयारी पूरी है और सभी पांच सीटें उसके खाते में आने की संभावना है। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के दावे केवल कागजी हैं और हकीकत में कोई असर नहीं पड़ेगा।
What's Your Reaction?







