Petrol Diesel Rate 26 July 2026: दिल्ली, मुंबई से यूपी तक क्या हैं आज ईंधन के दाम? चेक करें पूरी रेट लिस्ट

26 जुलाई 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली, नोएडा, मुंबई, लखनऊ और कोलकाता समेत देश के प्रमुख शहरों की रेट लिस्ट देखें।

Jul 26, 2026 - 16:39
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Petrol Diesel Rate 26 July 2026: दिल्ली, मुंबई से यूपी तक क्या हैं आज ईंधन के दाम? चेक करें पूरी रेट लिस्ट
Petrol Diesel Prices Today 26 July 2026
  • Petrol Diesel Prices Today: 26 जुलाई को देशभर में पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर, देखें अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स
  • 26 जुलाई को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: दिल्ली-यूपी में राहत, जानें मुंबई-एमपी में क्यों महंगे हैं तेल के भाव?
  • पेट्रोल-डीजल की ताजा दरें जारी: अंतरराष्ट्रीय बाजार के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर, जानें प्रमुख शहरों के दाम

सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 26 जुलाई 2026 को सुबह 6 बजे देशभर में पेट्रोल और डीजल के नवीनतम रेट जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार में ईंधन के दामों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं देखा गया है और दरें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली, नोएडा और लखनऊ समेत उत्तर भारत के अधिकतर शहरों में पेट्रोल 101 से 102 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और मध्य प्रदेश में स्थानीय वैट और करों के चलते कीमतें 111 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बनी हुई हैं। रोजाना तय होने वाले इन दामों से वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों और आम परिवारों को अपना दैनिक बजट निर्धारित करने में मदद मिल रही है।

देशभर की इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 26 जुलाई 2026 की सुबह पेट्रोल और डीजल के दैनिक दामों की समीक्षा कर नई रेट लिस्ट जारी कर दी है। समीक्षा के बाद आज भी ज्यादातर महानगरों और राज्यों में ईंधन के दामों में कोई उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया।

स्थानीय बिक्री कर या मूल्य संवर्धित कर (VAT), डीलर कमीशन और माल ढुलाई की लागत (Freight Charges) में अंतर के कारण राज्यों के हिसाब से पेट्रोल-डीजल के फुटकर भाव में भिन्नता देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत सस्ता ईंधन मिल रहा है, वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में करों का ढांचा ऊंचा होने से कीमतें अधिक हैं।

तेल विपणन कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे समीक्षा के बाद ईंधन के नए भाव जारी करती हैं। आज 26 जुलाई को जारी प्रमुख शहरों और राज्यों की आधिकारिक दरें इस प्रकार हैं:

जगह / शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली 102.12 95.20
नोएडा 101.96 95.44
लखनऊ 101.56 95.06
कानपुर 101.56 95.06
बरेली 102.25 95.33
शाहजहांपुर 102.01 95.51
बाराबंकी 102.40 95.86
मुरादाबाद 102.68 96.09
आगरा 101.67 95.14
हरदोई 102.96 96.33
कोलकाता 113.51 99.82
पुणे 112.40 99.03
मुम्बई 111.21 97.83
असम 105.73 98.00
चेन्नई 107.76 99.55
तमिलनाडु 107.76 99.55
मध्य प्रदेश 114.65 100.50
राजस्थान 113.51 98.00

स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों जैसे कानपुर और लखनऊ में पेट्रोल 101.56 रुपये प्रति लीटर के निचले स्तर पर है, जबकि मध्य प्रदेश में औसत रेट 114.65 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

  • आम उपभोक्ता व दैनिक यात्री: निजी कार और दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि पेट्रोल की कीमतों में लंबे समय से जारी स्थिरता से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा है, हालांकि वैट में कटौती कर इसे और नीचे लाया जाना चाहिए।

  • ट्रांसपोर्टर्स एवं कमर्शियल ड्राइवर्स: ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े कैब और ट्रक चालकों के अनुसार, लंबी दूरी की यात्रा में ईंधन का खर्च परिचालन लागत का 50% से अधिक होता है। डीजल के रेट 95-100 रुपये के दायरे में स्थिर रहने से माल भाड़े की दरों को नियंत्रित रखने में आसानी हो रही है।

  • ऊर्जा विशेषज्ञ: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक कच्चे तेल (Brent Crude) के भाव में उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने रिटेल कीमतों को संतुलित बनाए रखा है, जिससे मुद्रास्फीति (Inflation) को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।

ईंधन की स्थिर दरों का सीधा प्रभाव देश की व्यापक अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ता है:

  1. बाजार में स्थिरता: पेट्रोल-डीजल की स्थिर कीमतों के कारण माल ढुलाई महंगी नहीं हो रही है, जिससे हरी सब्जियों, खाद्यान्न और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की थोक व खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

  2. क्षेत्रीय असमानता पर चर्चा: अलग-अलग राज्यों में वैट की दरों में भारी अंतर (जैसे दिल्ली में 102.12 रुपये बनाम मध्य प्रदेश में 114.65 रुपये) के कारण अब एक समान टैक्स यानी ईंधन को जीएसटी (GST) के दायरे में लाने की मांग फिर से उठने लगी है।

  3. स्थानीय अर्थव्यवस्था को राहत: छोटे शहरों में सस्ता डीजल मिलने से स्थानीय कृषि उपकरणों और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को सीधी राहत मिल रही है।

यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कोई अचानक बड़ा उछाल या गिरावट नहीं आती है, तो आने वाले दिनों में भी घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के यही स्थिर भाव जारी रहने की संभावना है।

उपभोक्ता अपने शहर के दैनिक रेट्स को एसएमएस या तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप (जैसे IOCL का ONE App, BPCL SmartDrive) के जरिए प्रतिदिन सुबह 6 बजे के बाद ट्रैक कर सकते हैं। राज्य सरकारों द्वारा भविष्य में वैट में किसी संशोधन की स्थिति में ही स्थानीय दरों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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