गाजा में इजरायल-हमास युद्ध- प्रियंका गांधी के नरसंहार के आरोप पर इजरायली राजदूत का पलटवार।

इजरायल और हमास के बीच गाजा में चल रही जंग ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, और मानवीय....

Aug 13, 2025 - 12:08
 0  50
गाजा में इजरायल-हमास युद्ध- प्रियंका गांधी के नरसंहार के आरोप पर इजरायली राजदूत का पलटवार।
गाजा में इजरायल-हमास युद्ध- प्रियंका गांधी के नरसंहार के आरोप पर इजरायली राजदूत का पलटवार।

इजरायल और हमास के बीच गाजा में चल रही जंग ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, और मानवीय संकट गहराता जा रहा है। गाजा में इजरायली सेना की सैन्य कार्रवाइयों और हमास के हमलों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इस बीच, भारत में इस मुद्दे पर सियासी बहस भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गाजा में इजरायल की कार्रवाइयों को नरसंहार करार देते हुए भारत सरकार की चुप्पी की आलोचना की।

उनके इस बयान पर भारत में इजरायल के राजदूत रेवुएन अजार ने तीखा जवाब दिया, इसे गलत और शर्मनाक बताया। गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्ध अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ, जब हमास ने इजरायल पर हमला किया, जिसमें 1,139 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी कार्रवाइयां शुरू कीं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक 61,499 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं, और 1,53,575 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, सैकड़ों लोग भुखमरी के शिकार हुए हैं, जिनमें 103 बच्चे शामिल हैं। इस युद्ध ने गाजा में भोजन, पानी, दवाइयों और ईंधन की भारी कमी पैदा कर दी है, जिससे लाखों लोग संकट में हैं।

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि इजरायल ने 60,000 से ज्यादा लोगों को मारा, जिनमें 18,430 बच्चे थे। उन्होंने भुखमरी और मानवीय संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इजरायल लाखों लोगों को भूखा मारने की धमकी दे रहा है। प्रियंका ने भारत सरकार पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि चुप्पी और निष्क्रियता के जरिए इन अपराधों को बढ़ावा देना भी अपराध है। उन्होंने पांच अल जजीरा पत्रकारों की हत्या को भी क्रूर अपराध बताया, जो गाजा शहर में एक टेंट में थे, जब इजरायली हमले में उनकी जान चली गई।

प्रियंका ने कहा कि ये पत्रकार सच्चाई को सामने लाने की कोशिश कर रहे थे, और उनकी हत्या इजरायल की हिंसा और नफरत का सबूत है। इस बयान पर इजरायल के राजदूत रेवुएन अजार ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने प्रियंका के आरोपों को गलत और शर्मनाक करार दिया। एक्स पर अपनी पोस्ट में अजार ने कहा कि इजरायल ने 25,000 हमास आतंकियों को मारा है, और नागरिकों की मौतें हमास की रणनीति का नतीजा हैं, जो नागरिकों के पीछे छिपता है और मदद लेने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोली चलाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल ने गाजा में 20 लाख टन भोजन की आपूर्ति की है, लेकिन हमास इसे जब्त कर भुखमरी पैदा कर रहा है। अजार ने यह भी कहा कि गाजा की आबादी पिछले 50 सालों में 450% बढ़ी है, इसलिए नरसंहार का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने प्रियंका को हमास के आंकड़ों पर भरोसा न करने की सलाह दी।

इस घटना ने भारत में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने अजार के बयान की कड़ी निंदा की। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि प्रियंका ने गाजा में नरसंहार पर दुख और पीड़ा व्यक्त की थी, लेकिन इजरायली राजदूत का जवाब पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि वह गाजा में इजरायल की कार्रवाइयों पर चुप्पी साधे हुए है, जो नैतिक कायरता को दर्शाता है। कांग्रेस ने हमेशा से फिलिस्तीन के लोगों के अधिकारों का समर्थन किया है, और प्रियंका ने पहले भी कई बार इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। पिछले साल उन्होंने संसद में फिलिस्तीन के समर्थन में एक बैग ले जाकर अपनी बात रखी थी, जिस पर बीजेपी ने तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया था।

गाजा में स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ रही है। हाल ही में इजरायल ने गाजा के कई हिस्सों पर बड़े हवाई हमले किए, जिनमें 404 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। हमास ने दावा किया कि इन हमलों में उनके छह वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। दूसरी ओर, इजरायल ने गाजा पर कब्जे की योजना बनाई है, ताकि हमास के प्रभाव को पूरी तरह खत्म किया जा सके। चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो बंधक भूख से मर सकते हैं और गाजा हमास के नियंत्रण में रहेगा। इजरायल ने पूर्वी गाजा के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया है, जिससे वहां फिर से जमीनी कार्रवाइयां शुरू होने की आशंका है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने गाजा में पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की है, इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। यूरोपीय संघ, चीन और जर्मनी जैसे देशों ने भी पत्रकारों की हत्या की आलोचना की है। गाजा में भोजन, दवाइयों और ईंधन की आपूर्ति रुकने से मानवीय संकट गहरा गया है। सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो लाखों लोग भुखमरी का शिकार हो सकते हैं। इस युद्ध ने न केवल गाजा में तबाही मचाई है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सियासी और सामाजिक बहस को भी हवा दी है। भारत में प्रियंका गांधी और इजरायली राजदूत के बीच यह तीखी बहस पहली बार नहीं है। प्रियंका ने पहले भी इजरायल की कार्रवाइयों को क्रूर और नरसंहार बताया है। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भी आलोचना की थी, जब उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में भाषण दिया था। प्रियंका ने तब कहा था कि इजरायल की कार्रवाइयां मानवता के खिलाफ हैं और पश्चिमी देश इसके लिए जिम्मेदार हैं।

Also Read- पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग और राजनयिकों के लिए समाचार पत्रों की डिलीवरी रोकी, पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा निगरानी भी की जा रही है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow