डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और मर्डोक पर ठोका 10 अरब डॉलर का मुकदमा, एपस्टीन को पत्र को बताया फर्जी। 

International News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ), इसके मालिक रूपर्ट मर्डोक, और दो पत्रकारों के खिलाफ फ्लोरिडा की एक संघीय अदालत ....

Jul 19, 2025 - 11:53
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डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और मर्डोक पर ठोका 10 अरब डॉलर का मुकदमा, एपस्टीन को पत्र को बताया फर्जी। 
डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और मर्डोक पर ठोका 10 अरब डॉलर का मुकदमा, एपस्टीन को पत्र को बताया फर्जी। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ), इसके मालिक रूपर्ट मर्डोक, और दो पत्रकारों के खिलाफ फ्लोरिडा की एक संघीय अदालत में 10 अरब डॉलर का मानहानि का मुकदमा दायर किया। यह मुकदमा वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के जवाब में दायर किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि ट्रंप ने 2003 में अपने तत्कालीन मित्र जेफ्री एपस्टीन को उनके 50वें जन्मदिन पर एक अश्लील पत्र भेजा था। ट्रंप ने इस पत्र को "फर्जी" और "मनगढ़ंत" बताते हुए इसे झूठा, दुर्भावनापूर्ण, और बदनाम करने वाला करार दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हमने वॉल स्ट्रीट जर्नल, जो एक बेकार अखबार है, में छपे झूठे, दुर्भावनापूर्ण, और बदनाम करने वाले फर्जी समाचार के खिलाफ एक जबरदस्त मुकदमा दायर किया है।"

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 17 जुलाई 2025 को एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें दावा किया गया कि ट्रंप ने 2003 में जेफ्री एपस्टीन को उनके 50वें जन्मदिन पर एक पत्र भेजा था। इस पत्र में कथित तौर पर एक नग्न महिला की आकृति थी, जिसके स्तनों को छोटे चापों से और ट्रंप के हस्ताक्षर "डोनाल्ड" को कमर के नीचे इस तरह बनाया गया था कि वह जघन बालों की तरह दिखे। पत्र में लिखा था, "हैप्पी बर्थडे - और हर दिन एक नया शानदार रहस्य हो।" यह पत्र कथित तौर पर घिसलीन मैक्सवेल द्वारा संकलित एक जन्मदिन एल्बम का हिस्सा था, जिसमें एपस्टीन के अन्य मशहूर दोस्तों के पत्र भी शामिल थे।

ट्रंप ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह पत्र उनकी शैली में नहीं लिखा गया और न ही वह ऐसी तस्वीरें बनाते हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "ये मेरे शब्द नहीं हैं, मैं इस तरह बात नहीं करता। मैं तस्वीरें भी नहीं बनाता।" ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने और उनकी प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के मालिक रूपर्ट मर्डोक और संपादक एम्मा टकर को पहले ही चेतावनी दी थी कि यह पत्र फर्जी है, लेकिन फिर भी इसे प्रकाशित किया गया।

ट्रंप ने यह मुकदमा मियामी की दक्षिणी फ्लोरिडा संघीय अदालत में दायर किया। इसमें वॉल स्ट्रीट जर्नल के प्रकाशक डाउ जोन्स, इसकी मूल कंपनी न्यूज कॉर्प, न्यूज कॉर्प के सीईओ रॉबर्ट थॉमसन, मर्डोक, और लेख लिखने वाले दो पत्रकार खदीजा सफदर और जो पलाज्जोलो को प्रतिवादी बनाया गया है। 18 पेज के मुकदमे में दावा किया गया कि इस लेख ने ट्रंप की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाया और इसे "पत्रकारिता नैतिकता और सटीकता के मानकों की घोर विफलता" बताया। मुकदमा कम से कम 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग करता है।

मुकदमे में कहा गया कि पत्रकारों ने जानबूझकर गलत तथ्य प्रस्तुत किए, जिसमें यह दावा किया गया कि ट्रंप ने पत्र लिखा और उसमें नग्न महिला की तस्वीर बनाई। ट्रंप के वकीलों ने तर्क दिया कि यह पत्र "वास्तविक नहीं है" और डाउ जोन्स व न्यूज कॉर्प ने मर्डोक और थॉमसन के निर्देश पर इसे प्रकाशित कर ट्रंप को बदनाम किया। डाउ जोन्स के एक प्रवक्ता ने जवाब में कहा, "हमें अपनी पत्रकारिता की सटीकता और कठोरता पर पूरा भरोसा है, और हम इस मुकदमे का पुरजोर बचाव करेंगे।"

  • एपस्टीन के साथ ट्रंप का रिश्ता

जेफ्री एपस्टीन एक वित्तीय सलाहकार थे, जिन्हें 2006 में यौन अपराधों के लिए पहली बार गिरफ्तार किया गया था। 2019 में उन्हें फिर से संघीय यौन तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे से पहले उन्होंने जेल में आत्महत्या कर ली। उनकी मृत्यु ने कई षड्यंत्र सिद्धांतों को जन्म दिया, खासकर यह कि वह प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए मारे गए। ट्रंप और एपस्टीन 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में सामाजिक रूप से जुड़े थे, और उनकी तस्वीरें मार-ए-लागो क्लब में एक साथ खींची गई थीं। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि 2006 से पहले उनका एपस्टीन के साथ "झगड़ा" हो गया था, और उनके खिलाफ कोई गलत काम का आरोप नहीं है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने ट्रंप और एपस्टीन के रिश्ते को फिर से चर्चा में ला दिया, जिससे ट्रंप के समर्थकों में नाराजगी बढ़ी। कुछ समर्थकों ने इस रिपोर्ट को ट्रंप को बदनाम करने की साजिश बताया, जबकि अन्य ने सरकार से एपस्टीन की फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की।

  • ट्रंप का एपस्टीन फाइलों पर रुख

ट्रंप ने अपनी दूसरी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान वादा किया था कि वे एपस्टीन से संबंधित सभी सरकारी फाइलें सार्वजनिक करेंगे। हालांकि, उनकी सरकार के न्याय विभाग ने हाल ही में घोषणा की कि एपस्टीन की मृत्यु आत्महत्या थी और कोई "क्लाइंट लिस्ट" मौजूद नहीं है। इस घोषणा से ट्रंप के कुछ समर्थकों में निराशा फैली, जिन्होंने इसे सरकारी ढुलमुलपन माना।

इस विवाद के जवाब में, ट्रंप ने 18 जुलाई 2025 को अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को निर्देश दिया कि वे एपस्टीन मामले से संबंधित ग्रैंड जूरी गवाही को सार्वजनिक करने की कोशिश करें। न्याय विभाग ने उसी दिन न्यूयॉर्क की एक अदालत में इसके लिए याचिका दायर की, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, क्योंकि ग्रैंड जूरी गवाही आमतौर पर गोपनीय होती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह इस मामले में विशेष अभियोजक नियुक्त करने के पक्ष में नहीं हैं।

  • ट्रंप और मर्डोक का रिश्ता

ट्रंप और मर्डोक का रिश्ता दशकों पुराना है, जो कभी सहयोगी तो कभी तनावपूर्ण रहा है। मर्डोक की न्यूज कॉर्प फॉक्स न्यूज, न्यूयॉर्क पोस्ट, और वॉल स्ट्रीट जर्नल जैसे ट्रंप समर्थक मीडिया आउटलेट्स की मालिक है। हाल ही में फरवरी 2025 में ट्रंप ने मर्डोक को व्हाइट हाउस में "दिग्गज" कहकर सम्मानित किया था। लेकिन इस मुकदमे ने उनके रिश्ते में नई दरार डाल दी है।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मर्डोक का मीडिया साम्राज्य ट्रंप के प्रति संतुलित रुख अपनाता है। जहां फॉक्स न्यूज ट्रंप समर्थकों को आकर्षित करता है, वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल कभी-कभी उनकी आलोचना करता है। मर्डोक के एक करीबी ने कहा, "रूपर्ट को समय-समय पर राष्ट्रपति को आंखों में आंखें डालकर चुनौती देना पसंद है।"

इस मुकदमे ने सोशल मीडिया, खासकर X पर, व्यापक चर्चा छेड़ दी। ट्रंप के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने X पर इस लेख को "पूरी तरह बकवास" बताया और पूछा, "यह पत्र कहां है? क्या आपको आश्चर्य होगा कि उन्होंने इसे प्रकाशित करने से पहले हमें नहीं दिखाया?" ट्रंप समर्थक और रूढ़िवादी कार्यकर्ता लॉरा लूमर और चार्ली किर्क ने भी इस लेख को फर्जी बताया, यह कहते हुए कि यह ट्रंप की बोलने की शैली से मेल नहीं खाता।

हालांकि, कुछ लोग इस मुकदमे को ट्रंप की मीडिया के खिलाफ पुरानी रणनीति का हिस्सा मानते हैं। ट्रंप ने हाल के वर्षों में ABC न्यूज, CBS न्यूज, और अन्य के खिलाफ मुकदमे दायर किए, जिनमें से कुछ में उन्हें 15 से 16 मिलियन डॉलर की सेटलमेंट मिली। लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुकदमे में जीतना मुश्किल होगा, क्योंकि ट्रंप को यह साबित करना होगा कि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने जानबूझकर या लापरवाही से गलत जानकारी छापी।

डोनाल्ड ट्रंप का वॉल स्ट्रीट जर्नल और रूपर्ट मर्डोक के खिलाफ 10 अरब डॉलर का मानहानि मुकदमा एक बार फिर उनकी मीडिया के साथ तनातनी को उजागर करता है। यह मुकदमा जेफ्री एपस्टीन के साथ उनके कथित पत्र को लेकर है, जिसे ट्रंप ने फर्जी बताया है। यह विवाद न केवल ट्रंप और मर्डोक के रिश्ते को प्रभावित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे ट्रंप अपने समर्थकों के बीच एपस्टीन मामले को लेकर बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं।

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