ब्राजील-अमेरिका तनाव- लूला डा सिल्वा ने ट्रंप को फोन करने से इनकार किया, PM मोदी से करेंगे बात। 

International: ब्राजील और अमेरिका के बीच संबंधों में तनाव बढ़ गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील से आयात होने वाले उत्पादों पर 50% का ....

Aug 6, 2025 - 10:55
 0  26
ब्राजील-अमेरिका तनाव- लूला डा सिल्वा ने ट्रंप को फोन करने से इनकार किया, PM मोदी से करेंगे बात। 
ब्राजील-अमेरिका तनाव- लूला डा सिल्वा ने ट्रंप को फोन करने से इनकार किया, PM मोदी से करेंगे बात। 

ब्राजील और अमेरिका के बीच संबंधों में तनाव बढ़ गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील से आयात होने वाले उत्पादों पर 50% का भारी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। इस फैसले के जवाब में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह ट्रंप से बात नहीं करेंगे, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करेंगे। यह बयान ब्राजील और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक और राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।

  • तनाव की शुरुआत: 50% आयात शुल्क का फैसला

9 जुलाई 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि 1 अगस्त 2025 से ब्राजील से आयात होने वाले उत्पादों पर 50% का आयात शुल्क लगाया जाएगा। यह शुल्क पहले से लागू 10% शुल्क के अतिरिक्त 40% की वृद्धि को दर्शाता है। ट्रंप ने इस फैसले को 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों अधिनियम के तहत जायज ठहराया, जिसमें उन्होंने ब्राजील की नीतियों और पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमे को अमेरिकी हितों के लिए खतरा बताया। इस घोषणा से पहले ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को पत्र लिखकर टैरिफ की चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय इसका आधार व्यापार असंतुलन बताया गया था।

ट्रंप ने अपने बयान में ब्राजील की न्यायिक प्रणाली और नीतियों पर सवाल उठाए, विशेष रूप से ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट द्वारा बोल्सोनारो को नजरबंद करने के फैसले को। ट्रंप ने इसे "राजनीति से प्रेरित साजिश" करार दिया और दावा किया कि ब्राजील ने अमेरिकी चुनावों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला किया है। इसके जवाब में लूला ने ट्रंप के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि ब्राजील एक संप्रभु राष्ट्र है, जो किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।

  • लूला का बयान: ट्रंप नहीं, PM मोदी से होगी बात

लूला ने ब्रासीलिया में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, "मैं डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं करूंगा, क्योंकि वह इस मामले पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं। मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करूंगा, जो एक संप्रभु और सम्मानित नेता हैं।" यह बयान न केवल अमेरिका के प्रति लूला के असंतोष को दर्शाता है, बल्कि भारत और ब्राजील के बीच मजबूत होते रिश्तों को भी रेखांकित करता है। लूला ने यह भी कहा कि ब्राजील विश्व व्यापार संगठन (WTO) सहित सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करेगा ताकि अमेरिकी टैरिफ से अपने हितों की रक्षा कर सके।

लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लिखा, "ब्राजील एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है। हमारी संस्थाएं स्वतंत्र हैं, और हम किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने एकतरफा टैरिफ बढ़ाए, तो ब्राजील भी जवाबी कार्रवाई करेगा।

  • ब्राजील और भारत के संबंध

लूला का भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने का फैसला दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है। ब्राजील और भारत, दोनों ही ब्रिक्स (BRICS) समूह के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। 2024 में रियो डी जनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लूला ने PM मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी, जिसमें उन्होंने भारत के G20 शिखर सम्मेलन के अनुभव से बहुत कुछ सीखने की बात कही थी। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, जैव ईंधन, रक्षा, और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी। लूला ने भूख और गरीबी के खिलाफ वैश्विक गठबंधन में भारत की भागीदारी की भी सराहना की थी।

इसके अलावा, 2023 में लूला ने PM मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी, जिसमें दोनों ने पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम पर चिंता जताई थी और आतंकवाद, हिंसा, और नागरिकों की हानि के खिलाफ एकजुटता दिखाई थी। यह दर्शाता है कि भारत और ब्राजील के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

  • बोल्सोनारो का मामला

इस तनाव का एक प्रमुख कारण ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहा मुकदमा है। ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2025 को बोल्सोनारो को नजरबंद करने का आदेश दिया, क्योंकि उन पर 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप है। ट्रंप, जो बोल्सोनारो के करीबी समर्थक हैं, ने इस कार्रवाई को "विच हंट" (राजनीति से प्रेरित साजिश) करार दिया और इसे अपने टैरिफ फैसले का आधार बनाया।

लूला ने इस मामले में स्पष्ट किया कि ब्राजील की न्यायिक प्रणाली स्वतंत्र है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने ट्रंप के हस्तक्षेप को ब्राजील की संप्रभुता पर हमला बताया। लूला ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ब्राजील में तख्तापलट की साजिश रच रहा है, विशेष रूप से पिछले साल सितंबर में ट्विटर (X) बैन को लेकर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए, जिसे बोल्सोनारो और ट्रंप के समर्थन ने हवा दी थी।

50% आयात शुल्क से ब्राजील की अर्थव्यवस्था, जो लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, पर गहरा असर पड़ सकता है। ब्राजील के निर्यात, विशेष रूप से कृषि उत्पाद, स्टील, और अन्य वस्तुएं, अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। हालांकि, ट्रंप के कार्यकारी आदेश में नागरिक विमान, एल्यूमीनियम, ऊर्जा उत्पाद, टिन, उर्वरक, और लकड़ी के गूदे को छूट दी गई है, जिससे कुछ क्षेत्रों को राहत मिली है।

ब्राजील सरकार ने तत्काल जवाबी टैरिफ लगाने के बजाय अपने प्रभावित उद्योगों के लिए राहत पैकेज पर ध्यान केंद्रित किया है। रॉयटर्स के अनुसार, ब्राजील सार्वजनिक क्रेडिट लाइनों और निर्यात वित्त सहायता के माध्यम से निर्यातकों को समर्थन दे रहा है। यह रणनीति ब्राजील की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने का प्रयास है।

ट्रंप ने ब्रिक्स समूह को "अमेरिका-विरोधी" करार दिया और कहा कि इसके सदस्य देशों (भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, और ब्राजील) पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा, क्योंकि वे डॉलर को वैश्विक मानक के रूप में कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। लूला ने इस बयान का जवाब देते हुए कहा, "दुनिया बदल गई है। हमें कोई सम्राट नहीं चाहिए।" यह बयान ट्रंप की नीतियों के खिलाफ ब्राजील के मजबूत रुख को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव जल्दी कम होने की संभावना नहीं है। लूला का PM मोदी से संपर्क करने का फैसला भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर सकता है। ब्रिक्स और G20 जैसे मंचों पर दोनों देश मिलकर वैश्विक व्यापार और आर्थिक नीतियों पर प्रभाव डाल सकते हैं। दूसरी ओर, अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने से ब्राजील को अपनी व्यापार रणनीति में विविधता लाने की जरूरत होगी, जैसे कि एशिया और यूरोप के बाजारों पर अधिक ध्यान देना।

ब्राजील और अमेरिका के बीच 50% आयात शुल्क को लेकर बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और कूटनीति में एक नया मोड़ ला रहा है। लूला डा सिल्वा का ट्रंप से बात न करने और PM मोदी से संपर्क करने का फैसला ब्राजील की संप्रभुता और स्वतंत्र नीतियों पर जोर देता है। भारत और ब्राजील के बीच मजबूत होते संबंध इस तनाव के बीच एक सकारात्मक पहलू हैं। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ब्राजील इस आर्थिक चुनौती का सामना कैसे करता है और क्या भारत के साथ उसकी साझेदारी वैश्विक मंच पर नई दिशा तय करती है।

Also Read- ट्रंप की फिर टैरिफ धमकी, लिखा 'मैं भारत पर टैरिफ बढ़ाने जा रहा हूं, रूस से फायदे के लिए भारत ने तेल खरीदा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow