रेलवे की बड़ी तैयारी: जल्द पटरियों पर दौड़ेगी 24 कोच वाली लंबी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानें क्या होगा खास

भारतीय रेलवे लंबी दूरी के सफर को सुगम बनाने के लिए 24 कोच वाली लंबी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। जानें इस ट्रेन की क्षमता, आधुनिक सुविधाएं और इसके संचालन से जुड़ी अहम बातें।

Oct 13, 2026 - 15:02
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रेलवे की बड़ी तैयारी: जल्द पटरियों पर दौड़ेगी 24 कोच वाली लंबी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानें क्या होगा खास
  • लंबी दूरी के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी: 16 के बजाय 24 कोच के साथ आएगी वंदे भारत स्लीपर, बढ़ेंगी सीटें
  • वंदे भारत स्लीपर का नया अवतार: 24 डिब्बों वाली सेमी-हाईस्पीड ट्रेन चलाने की योजना, चेक करें आधुनिक फीचर्स
  • राजधानी एक्सप्रेस से भी तेज और लंबी! रेलवे ला रहा है 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर, वेटिंग लिस्ट से मिलेगी राहत

भारतीय रेल अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वंदे भारत' के स्लीपर संस्करण को व्यापक स्तर पर उतारने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौजूदा चेयर-कार संस्करणों की भारी सफलता के बाद, रेलवे अब लंबी दूरी और रात के सफर के लिए 24 कोच वाली लंबी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है। शुरुआत में 16 कोच वाले प्रोटोटाइप पर केंद्रित रहने के बाद, भारी यात्री मांग और उच्च घनत्व वाले रूटों पर वेटिंग लिस्ट की समस्या से निपटने के लिए रेलवे बोर्ड 24 डिब्बों के बड़े रेक (Rake) उतारने की रणनीति बना रहा है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-बेंगलुरु जैसे व्यस्त रेल गलियारों पर 16 कोच वाली ट्रेनों की तुलना में 24 कोच की ट्रेन अधिक व्यावहारिक और प्रभावी साबित होगी। इससे न केवल ट्रेन की वहन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि टिकट मिलने की संभावना भी बेहतर होगी।

  • 24 कोच वाली ट्रेन की जरूरत क्यों पड़ी?

पारंपरिक रूप से भारत में राजधानी और सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें 22 से 24 कोच के साथ संचालित की जाती हैं, जिससे एक फेरे में लगभग 1,000 से 1,200 यात्री सफर कर पाते हैं।

16 कोच वाले स्लीपर रेक में सीमित संख्या में बर्थ उपलब्ध हो पाती हैं, जिसके कारण प्रीमियम रूटों पर मांग पूरी कर पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता था।

24 कोच के विस्तार से एसी फर्स्ट क्लास, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर में बर्थ की उपलब्धता में 50 प्रतिशत तक का इजाफा होगा।

अधिक क्षमता का सीधा लाभ यह होगा कि रेलवे की परिचालन लागत में सुधार आएगा और यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।

  • वंदे भारत स्लीपर में क्या होगा खास?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों के आधुनिक विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके प्रमुख फीचर्स में शामिल हैं:

एर्गोनोमिक और कुशन वाली बर्थ: पारंपरिक स्लीपर कोचों की तुलना में बेहतर फोम और कमर के सपोर्ट वाली बर्थ डिजाइन की गई हैं, ताकि लंबी यात्रा में थकान न हो।

उन्नत सस्पेंशन और झटके-रहित यात्रा: ट्रेन में सेमी-परमानेंट कप्लर्स और बेहतर सेकेंडरी सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जिससे तेज गति में भी कोच के भीतर कंपन (vibration) और झटके महसूस नहीं होते।

कवच सुरक्षा प्रणाली: ट्रेन पूरी तरह से स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच' (Kavach) से लैस होगी, जो मानवीय भूल की स्थिति में भी टक्कर से सुरक्षा प्रदान करता है।

आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स: विश्वस्तरीय स्वच्छता मानकों के साथ गंध-मुक्त बायो-वैक्यूम टॉयलेट और टच-फ्री फिटिंग्स।

यात्री सुविधाएं: हर बर्थ के लिए अलग रीडिंग लाइट, यूएसबी और टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट, ऑटोमैटिक एक्सटीरियर दरवाजे और सेंट्रलाइज्ड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम।

  • कब तक शुरू होने की संभावना?

रेलवे की योजना के अनुसार, पहले 16 कोच वाले स्लीपर रेक के व्यापक ट्रायल रन, गति परीक्षण और सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सुरक्षा आयुक्त (CRS) से हरी झंडी मिलने और शुरुआती परीक्षणों के परिणाम देखने के बाद 24 कोच वाले विस्तारित रेक के उत्पादन और परिचालन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।

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