SIR के खिलाफ पटना की सड़कों पर उतरा आइसा: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
बिहार की राजधानी पटना में आइसा (AISA) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बिहार में घमासान: भाकपा-माले की छात्र इकाई AISA ने पटना में निकाला विरोध मार्च
- चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का विरोध: आइसा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ खोला मोर्चा
- पटना में आइसा का प्रदर्शन: मतदाता सूची से नाम हटाने का लगाया आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े छात्र
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन की छात्र शाखा आइसा ने चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

पटना के प्रमुख मार्गों से गुजरे इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में नारे लिखे थे। संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के बहाने वास्तविक मतदाताओं और समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का जोखिम पैदा हो गया है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर क्या हैं आपत्तियां?
छात्र नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रशासनिक कार्य होना चाहिए, लेकिन मौजूदा प्रक्रिया में नियमों को लेकर भ्रम और जल्दबाजी दिखाई दे रही है। उनका दावा है कि बिहार समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के सत्यापन के नाम पर विसंगतियां सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहा है, इसलिए संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

- सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए पटना जिला प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील चौराहों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। आइसा ने स्पष्ट किया है कि यदि मतदाता सूची की प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया और चुनाव आयोग ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया, तो यह आंदोलन राज्य के अन्य जिलों और शिक्षण संस्थानों तक भी ले जाया जाएगा।
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