Car Safety Rules: कारों के डिजाइन में बड़े बदलाव की तैयारी में चीन, हिडन डोर हैंडल और वर्चुअल बटन पर लग सकता है प्रतिबंध

चीन वाहनों के सुरक्षा नियमों को सख्त करते हुए कारों में हिडन डोर हैंडल और अत्यधिक वर्चुअल टच बटनों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। जानें क्या हैं नए नियम।

Oct 11, 2026 - 13:05
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Car Safety Rules: कारों के डिजाइन में बड़े बदलाव की तैयारी में चीन, हिडन डोर हैंडल और वर्चुअल बटन पर लग सकता है प्रतिबंध

बीजिंग: दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार चीन में आधुनिक कारों के डिजाइन और इंटीरियर को लेकर एक बड़ा विनियामक (Regulatory) बदलाव होने जा रहा है। चीन का उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MIIT) यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वाहनों के निर्माण और सुरक्षा मानकों में कड़े संशोधन का मसौदा तैयार कर रहा है। इस नए सुरक्षा प्रस्ताव के तहत हाल के वर्षों में बेहद लोकप्रिय हुए 'हिडन डोर हैंडल' (Flush/Retractable Door Handles) और डैशबोर्ड पर दिए जाने वाले पूरी तरह 'वर्चुअल टच बटन' (Virtual Screen Controls) पर सख्त पाबंदियां लगाने या उनके डिजाइन को अनिवार्य रूप से बदलने की योजना बनाई जा रही है।

आधुनिक कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों में एयरोडायनामिक्स बेहतर करने और भविष्यवादी (Futuristic) लुक देने के नाम पर कार कंपनियां पारंपरिक भौतिक बटनों (Physical Buttons) और उभरे हुए मैकेनिकल डोर हैंडल्स को हटा रही थीं। हालांकि, हाल के महीनों में हुई कई सड़क दुर्घटनाओं के दौरान यह तकनीकी बदलाव यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हुआ। दुर्घटना के बाद बिजली गुल होने या आग लगने की स्थिति में आपातकालीन बचाव दल (Rescue Workers) बाहर से दरवाजा नहीं खोल पाए, जिससे कई जिंदगियां समय रहते नहीं बचाई जा सकीं। इसी पृष्ठभूमि में चीनी नियामक अब कारों में मूलभूत मैकेनिकल सुरक्षा को दोबारा अनिवार्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

1. हिडन डोर हैंडल पर प्रतिबंध की तैयारी: क्यों बना बड़ा खतरा?

टेस्ला (Tesla) द्वारा शुरू किए गए और बाद में बीवाईडी (BYD), श्याओमी (Xiaomi) सहित लगभग सभी प्रमुख चीनी व वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं द्वारा अपनाए गए फ्लश डोर हैंडल कार की बॉडी के समानांतर अंदर छिपे रहते हैं। जैसे ही चाबी पास आती है, ये मोटर के जरिए बाहर निकलते हैं।

  • क्रैश के दौरान पावर कट का संकट: सड़क दुर्घटना के समय वाहन का 12-वोल्ट लो-वोल्टेज बैटरी सिस्टम या मुख्य पावर बैकअप अक्सर क्रैश होते ही कट जाता है। बिजली कटते ही ये इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल बाहर नहीं निकल पाते और अंदर ही लॉक रह जाते हैं।

  • बचाव कार्य में देरी: आपात स्थिति में जब कार में आग लगने या धुआं भरने का खतरा होता है, तब बाहर खड़े लोग या राहत कर्मी दरवाजे को पकड़कर खींचने में असमर्थ होते हैं। कई मामलों में खिड़की का शीशा तोड़ने के बावजूद दरवाजे का आंतरिक लॉक नहीं खुला, जिसके कारण यात्रियों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

  • नए नियमों का मसौदा: चीन के नए नियमों के तहत कार निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि दुर्घटना या बिजली गुल होने के बाद भी कार का दरवाजा बाहर और अंदर दोनों तरफ से बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक सहायता के सीधे भौतिक (Mechanical) तरीके से खोला जा सके।

2. वर्चुअल बटन बनाम फिजिकल बटन: ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटकने की समस्या

डिजाइन में दूसरा बड़ा बदलाव कारों के केबिन और डैशबोर्ड से जुड़ा हुआ है। आधुनिक कारों में एसी (AC), हजार्ड लाइट (Hazard Lights), डिफॉगर और वाइपर जैसे बुनियादी कंट्रोल्स को टचस्क्रीन के भीतर मेन्यू में छिपा दिया गया है।

  • चालक का ध्यान भटकना: गाड़ी चलाते समय टचस्क्रीन पर स्लाइड या स्क्रॉल करके तापमान बदलना या डिफॉगर ऑन करना ड्राइवर की नजरों को सड़क से कई सेकंड के लिए हटा देता है। अध्ययनों में साबित हुआ है कि 100 किमी/घंटा की रफ्तार पर महज 2 सेकंड के लिए नजर हटना भी कई मीटर तक अंधी ड्राइविंग के बराबर है।

  • फिजिकल बटनों की अनिवार्यता: प्रस्तावित नियमों में यह अनिवार्य किया जा रहा है कि हजार्ड वार्निंग लाइट, विंडशील्ड डिफॉगर, इंडिकेटर, हॉर्न और इमरजेंसी ब्रेक जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर्स के लिए डैशबोर्ड या स्टीयरिंग पर अलग से स्पर्शनीय भौतिक बटन (Tactile Physical Buttons) दिए जाएं, जिन्हें चालक बिना स्क्रीन देखे केवल छूकर ऑपरेट कर सके।

वैश्विक ऑटो उद्योग पर क्या पड़ेगा असर?

चीन केवल कारों का सबसे बड़ा आयातक या खरीदार नहीं है, बल्कि वह वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा वाहनों का निर्यात भी करता है। यदि चीन में ये सुरक्षा मानक कानूनी रूप से लागू होते हैं, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर बिकने वाली सभी गाड़ियों पर पड़ेगा:

  1. कार कंपनियों को री-इंजीनियरिंग की जरूरत: वैश्विक और चीनी कंपनियों को अपने नए प्लेटफॉर्म्स के एक्सटीरियर मोल्ड्स और इंटीरियर डैशबोर्ड लेआउट को दोबारा डिजाइन करना होगा।

  2. यूरोपीय और अमेरिकी मानकों पर प्रभाव: यूरोप की सुरक्षा एजेंसी 'यूरो एनसीएपी' (Euro NCAP) ने भी पहले ही चेतावनी दी है कि 2026 से सुरक्षा रेटिंग में 5-स्टार पाने के लिए बुनियादी फीचर्स के लिए फिजिकल बटन होना अनिवार्य होगा। चीन के इस विनियामक कदम से इस वैश्विक मुहिम को और अधिक बल मिलेगा।

  3. लागत और एरोडायनामिक्स में संतुलन: हालांकि फ्लश हैंडल से कार का ड्रैग कोफिशिएंट (Cd) मामूली सुधरता था और रेंज में कुछ किलोमीटर का फायदा मिलता था, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 1-2 प्रतिशत रेंज बचाने के लिए इंसानी जान को दांव पर नहीं लगाया जा सकता।

उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक कदम

सड़क सुरक्षा कार्यकर्ताओं और ऑटोमोबाइल विश्लेषकों ने चीन के इस प्रस्तावित कदम का व्यापक स्वागत किया है। उनका मानना है कि ऑटोमोबाइल उद्योग में पिछले कुछ वर्षों से 'सुरक्षा के ऊपर सौंदर्य' (Style Over Safety) को तरजीह दी जा रही थी। कारों को स्मार्टफोन जैसा बनाने की होड़ में बुनियादी इंजीनियरिंग सिद्धांतों की अनदेखी हो रही थी। भौतिक हैंडल और बटनों की वापसी यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन चाहे कितने भी स्मार्ट या स्वायत्त (Autonomous) क्यों न हो जाएं, आपातकालीन स्थिति में बुनियादी मानवीय सुरक्षा तकनीक पर निर्भरता और भ्रम से मुक्त रहे।

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