UP Board Exam 2027: यूपी बोर्ड 29 अक्टूबर तक फाइनल करेगा परीक्षा केंद्र, पूरी तरह ऑनलाइन होगी चयन प्रक्रिया
UP Board Exams 2027: यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा के लिए केंद्रों की अंतिम सूची 29 अक्टूबर तक जारी करेगा। सभी केंद्र ऑनलाइन प्रक्रिया और सॉफ्टवेयर से तय होंगे।

- UP Board Center Allotment 2027: 10वीं और 12वीं परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की समयसीमा तय, 29 अक्टूबर को आएगी फाइनल लिस्ट
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- UPMSP Update: यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए परीक्षा केंद्रों का चयन ऑनलाइन माध्यम से होगा, 29 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की विस्तृत समयसीमा तय कर दी है। बोर्ड प्रशासन आगामी 29 अक्टूबर 2026 तक सभी परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची औपचारिक रूप से फाइनल कर जारी कर देगा। परीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के उद्देश्य से केंद्रों के चयन की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा रही है। मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करने और दागी विद्यालयों को व्यवस्था से बाहर रखने के लिए इस बार कई कड़े मानक तय किए गए हैं, जिनका भौतिक सत्यापन जिला स्तरीय समितियां करेंगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सत्र 2027 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन और निर्धारण की रूपरेखा घोषित कर दी है। बोर्ड द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया ऑनलाइन संपन्न होगी और 29 अक्टूबर तक केंद्रों की अंतिम सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत किसी भी स्तर पर ऑफलाइन पैरवी या सिफारिश के आधार पर केंद्र बनाने की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर विद्यालयों द्वारा दर्ज किए गए भौतिक संसाधनों, आधारभूत ढांचे और सुरक्षा मानकों के आधार पर ही सॉफ्टवेयर केंद्रों का प्राथमिक चयन करेगा।
परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले सभी संबंधित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अपने विद्यालय के भौतिक संसाधनों, कमरों की संख्या, चहारदीवारी, मुख्य मार्ग की स्थिति, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और बिजली-पानी की व्यवस्था का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा गठित तहसील स्तरीय टीमें इन दावों का स्थलीय भौतिक सत्यापन करेंगी।
सत्यापन रिपोर्ट को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) द्वारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद डिबार या अमान्य विद्यालयों को स्वतः बाहर कर प्रारंभिक सूची जारी की जाएगी। सूची जारी होने के बाद छात्र, अभिभावक, प्रधानाचार्य और प्रबंधक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत जिला केंद्र निर्धारण समिति की संस्तुति पर 29 अक्टूबर को अंतिम सूची पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन केंद्र निर्धारण प्रणाली से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और नकल माफियाओं के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार होगा। अधिकारियों के अनुसार हर केंद्र पर विद्यार्थियों की क्षमता और दूरी का निर्धारण सॉफ्टवेयर करेगा, जिससे दूर-दराज केंद्र बनने की समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी।
वहीं शिक्षक संघों और अभिभावकों ने भी समय रहते केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने के बोर्ड के फैसले का स्वागत किया है। अभिभावकों का मानना है कि अक्टूबर में ही केंद्र तय हो जाने से विद्यार्थियों को अपने परीक्षा केंद्र की दूरी और यात्रा के साधनों का पहले से अंदाजा हो जाएगा, जिससे वे परीक्षा के समय अनावश्यक तनाव से बच सकेंगे।
इस पारदर्शी प्रक्रिया का सीधा असर परीक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर पड़ेगा। केवल वे ही विद्यालय केंद्र बन सकेंगे जिनके पास वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर बैकअप, सुरक्षित स्ट्रांग रूम और चौड़ी सड़कों जैसी अनिवार्य सुविधाएं मौजूद होंगी।
कम मानक वाले और काली सूची में डाले गए विद्यालयों को बाहर किए जाने से परीक्षा के दौरान होने वाली धांधली पर पूरी तरह रोक लगेगी। इसके अलावा छात्राओं को उनके ही विद्यालय अथवा नजदीकी केंद्र पर स्वकेंद्र या निकट केंद्र की सुविधा का लाभ भी तकनीकी रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अंतिम सूची फाइनल होने के बाद बोर्ड परीक्षा के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की अंतिम तैयारियों में जुट जाएगा। जिन विद्यालयों को केंद्र बनाया जाएगा, वहां परीक्षा से पहले कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जिनका सीधा संपर्क राज्य और जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल से रहेगा। बोर्ड समयबद्ध तरीके से प्रवेश पत्र और रोल नंबर आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा, ताकि छात्र समय रहते अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे सकें।
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