जानें 05 सितम्बर 2025 को अपने शहर में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें, शहरवार दरें स्थिर

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर रही, जो कल के मुकाबले स्थिर थी। डीजल की दर 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बनी रही। राजधानी में ट्रैफिक और वाहनों की अधिकता के कारण

Sep 5, 2025 - 11:02
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जानें 05 सितम्बर 2025 को अपने शहर में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें, शहरवार दरें स्थिर
जानें 05 सितम्बर 2025 को अपने शहर में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें, शहरवार दरें स्थिर

भारत में आज 05 सितम्बर 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मामूली बदलाव देखा गया, जहां वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों के संकेतों और घरेलू मांग के प्रभाव से दरें प्रभावित हुईं। तेल विपणन कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने रोजाना 6 बजे सुबह कीमतों की समीक्षा की, जिसमें कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी या कमी दर्ज की गई। कुल मिलाकर, अधिकांश शहरों में कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में थोड़ा उतार-चढ़ाव आया। वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल ब्रेंट 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले दिनों की तुलना में स्थिर था, लेकिन ओपेक के उत्पादन कटौती और भू-राजनीतिक तनावों ने दबाव बनाया। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आयात पर निर्भर होने से रुपये की कमजोरी ने भी प्रभाव डाला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने से कीमतें ऊपर जा सकती हैं, लेकिन सरकारी हस्तक्षेप से स्थिरता बनी रह सकती है। देश के विभिन्न शहरों में कीमतें स्थानीय वैट, परिवहन लागत और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के आधार पर थोड़ी भिन्न रहीं, लेकिन कुल मिलाकर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर रही, जो कल के मुकाबले स्थिर थी। डीजल की दर 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बनी रही। राजधानी में ट्रैफिक और वाहनों की अधिकता के कारण ईंधन की मांग हमेशा ऊंची रहती है, लेकिन हाल के दिनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या ने पेट्रोल-डीजल की खपत पर थोड़ा असर डाला है। नोएडा, जो दिल्ली से सटा हुआ है, में पेट्रोल 94.87 रुपये और डीजल 88.01 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध था। यहां औद्योगिक क्षेत्रों और कॉर्पोरेट ऑफिसों की वजह से डीजल की मांग मजबूत है, जो ट्रकिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी कीमतें दिल्ली के अनुरूप रहीं। लखनऊ में पेट्रोल की दर 94.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.81 रुपये रही। शहर में गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे त्योहारों के कारण वाहनों की आवाजाही बढ़ी, लेकिन कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। आगरा में, जहां पर्यटन सीजन शुरू हो रहा है, पेट्रोल लगभग 94.70 रुपये और डीजल 87.85 रुपये प्रति लीटर के आसपास रहा, जो राज्य स्तर की औसत दरों के अनुरूप है। ताजमहल के पर्यटकों ने टैक्सी और बसों से ईंधन की मांग बढ़ाई। बरेली में भी समान दरें लागू रहीं पेट्रोल 94.70 रुपये और डीजल 87.85 रुपये प्रति लीटर। स्थानीय बाजारों में किसानों की ट्रैक्टर और वाहनों से डीजल की खपत में उछाल आया।

मुंबई, भारत का वित्तीय केंद्र, में पेट्रोल की कीमत 103.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.03 रुपये पर कारोबार कर रहा था। शहर में ऊंचे वैट के कारण दरें अन्य शहरों से अधिक रहीं, लेकिन स्टॉक मार्केट की तेजी के साथ ईंधन को आवश्यक खर्च माना जा रहा है। कोलकाता में कीमतें ऊंची रहीं पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर। पूर्वी भारत में दुर्गा पूजा की तैयारी ने वाहनों की मांग बढ़ाई, लेकिन वैश्विक गिरावट ने प्रभाव डाला। चेन्नई में पेट्रोल की दरें 100.90 रुपये और डीजल 92.48 रुपये प्रति लीटर रहीं। तमिलनाडु राज्य में चेन्नई के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी यही दरें लागू रहीं, जहां ओणम और ईद-ए-मिलाद के त्योहारों ने मांग बढ़ाई। इलेक्ट्रिक वाहनों और मेट्रो प्रोजेक्ट्स की वजह से डीजल की मांग में थोड़ी कमी आई। असम के गुवाहाटी में पेट्रोल 98.46 रुपये और डीजल 89.68 रुपये प्रति लीटर पर रहा। राज्य में चाय बागानों और पर्यटन ने कीमतों को स्थिर रखा, लेकिन मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई। बिहार के पटना में पेट्रोल 105.23 रुपये और डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर। यहां कृषि आय ने डीजल की खरीदारी को बढ़ावा दिया, लेकिन कीमतों में कमी आई।

वैश्विक स्तर पर, कच्चा तेल की कीमतें स्थिर रहीं, जहां अमेरिकी इन्वेंटरी डेटा का इंतजार है। भारत में आयात पर निर्भरता के कारण डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने कीमतें बढ़ाईं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि डीजल पेट्रोल से बेहतर प्रदर्शन करेगा, क्योंकि औद्योगिक मांग जैसे लॉजिस्टिक्स और कृषि सेक्टर से बढ़ोतरी हो रही है। 2025 में डीजल की कीमतें औसतन 90 रुपये के आसपास रह सकती हैं। घरेलू बाजार में त्योहारों का मौसम शुरू होने से मांग बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन ऊंची कीमतें वाहन मालिकों को सतर्क रखेंगी। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ और चीनी उत्तेजना से ईंधन को समर्थन मिला। भारत में पेट्रोल की कीमतें 2025 में स्थिर रहीं, जहां सालाना कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि डीजल में मामूली उतार-चढ़ाव। शहरों में अंतर मुख्य रूप से स्थानीय वैट और परिवहन से आता है। उदाहरण के लिए, दक्षिण भारत में चेन्नई जैसी जगहों पर कीमतें मध्यम रहती हैं, जबकि पश्चिम में मुंबई ऊंची। उत्तर प्रदेश के शहरों में एकरूपता है, क्योंकि वे दिल्ली बाजार से जुड़े हैं। असम और बिहार जैसे राज्यों में भी पूर्वी प्रभाव दिखता है।

आज के अपडेट्स में स्टॉक मार्केट की तेजी ने ईंधन को आवश्यक बनाया। सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर खुले, जहां जीएसटी सुधारों ने मूड सकारात्मक रखा। ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स की वजह से डीजल की कमी के कारण कीमतें स्थिर रहीं, जहां उत्पादन में बढ़त के बावजूद मांग बनी। भारत की डीजल आयात 2025 में बढ़ी, लेकिन औद्योगिक मांग से दबाव बढ़ा। भविष्य में, विशेषज्ञ डीजल को 2025 में पेट्रोल से आगे देखते हैं, क्योंकि आपूर्ति घाटा जारी रहेगा। पेट्रोल की कीमतें वैश्विक कट्स से ऊपर जा सकती हैं, लेकिन स्थिरता जरूरी। शहरों में कीमतें त्योहारों से प्रभावित होंगी, जहां ओणम, ईद-ए-मिलाद और गणेश चतुर्थी ने मांग बढ़ाई। कुल मिलाकर, आज का बाजार स्थिर रहा, लेकिन वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी होगी। वाहन मालिकों को सलाह है कि ईंधन बचत के उपाय अपनाएं, क्योंकि ईंधन कीमतें अर्थव्यवस्था की सेहत दर्शाती हैं, जहां मुद्रास्फीति और डॉलर की चाल महत्वपूर्ण हैं।

सरकार की ओर से कोई नया हस्तक्षेप नहीं हुआ, लेकिन हाल के महीनों में इथेनॉल ब्लेंडिंग ने कीमतों को नियंत्रित रखा। 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण से पर्यावरण लाभ के साथ-साथ आयात पर निर्भरता घटी। उत्तर भारत में सर्दियों की तैयारी ने डीजल की मांग बढ़ाई, जबकि दक्षिण में मानसून के बाद सामान्य स्थिति बनी। अर्थव्यवस्था में ईंधन की भूमिका महत्वपूर्ण है, जहां परिवहन सेक्टर 70 प्रतिशत डीजल खपत करता है। 2025 में जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत के आसपास होने से मांग बढ़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चा तेल 70 डॉलर नीचे रहता है, तो कीमतें कम हो सकती हैं। लेकिन ओपेक के फैसलों से अनिश्चितता बनी हुई है। शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की बढ़ती संख्या ने पारंपरिक ईंधन पर दबाव कम किया। असम में चाय उद्योग ने डीजल की मांग बनाए रखी, जबकि बिहार में कृषि ने। तमिलनाडु में आईटी सेक्टर ने पेट्रोल वाहनों को प्राथमिकता दी।

कुल मिलाकर, 05 सितम्बर 2025 को ईंधन बाजार में स्थिरता बनी, लेकिन छोटे बदलावों ने ध्यान खींचा। गुवाहाटी में पेट्रोल +0.27 और डीजल +0.26 रुपये बढ़ा, जबकि पटना में पेट्रोल -0.35 और डीजल -0.33 रुपये गिरा। चेन्नई में पेट्रोल +0.10 और डीजल +0.09। अन्य शहरों में कोई बदलाव नहीं। यह बदलाव राज्य वैट और स्थानीय कारकों से आया। भविष्य में, यदि रुपये मजबूत होता है, तो राहत मिल सकती है। निवेशकों और उपभोक्ताओं को सलाह है कि बाजार पर नजर रखें, क्योंकि ईंधन कीमतें दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। भारत की ऊर्जा नीति में नवीकरणीय स्रोतों की ओर झुकाव से लंबी अवधि में निर्भरता घटेगी। आज के अपडेट्स से स्पष्ट है कि बाजार संतुलित है, लेकिन वैश्विक घटनाएं बदलाव ला सकती हैं।

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