उत्तर प्रदेश विधानसभा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के बीच तीखी नोकझोंक, कोडीन कफ सिरप मामले पर सियासी भिड़ंत।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के बीच कोडीन

Dec 24, 2025 - 11:52
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के बीच तीखी नोकझोंक, कोडीन कफ सिरप मामले पर सियासी भिड़ंत।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के बीच तीखी नोकझोंक, कोडीन कफ सिरप मामले पर सियासी भिड़ंत।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के बीच कोडीन कफ सिरप मामले पर तीखी बहस हुई। यह बहस विधान परिषद में हुई, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। लाल बिहारी यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा माफिया जुड़े हुए हैं और प्रदेश में क्राइम का ग्राफ बढ़ गया है। उन्होंने साइबर अपराध में वृद्धि का भी जिक्र किया और सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफलता का आरोप लगाया।

केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब देते हुए कहा कि हर तरह के माफिया को उल्टा लटकाना सरकार की जिम्मेदारी है और एक भी माफिया नहीं बचेगा। उन्होंने कोडीन कफ सिरप मामले में एसआईटी, पुलिस और ईडी की जांच का हवाला दिया। मौर्य ने कहा कि अब तक साइबर अपराध के 87175 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार चुनाव में हार के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे सत्ता के मुंगेरी लाल के सपने देख रहे हैं। बहस के दौरान लाल बिहारी यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में माफिया फोटो खेल रहे हैं और आरोपी जमानत पा जा रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया कि सपा के पास मुद्दे नहीं हैं इसलिए बार-बार जातीय गणना की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि सपा मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करती है और वोट बैंक की राजनीति में लिप्त है। बहस इतनी तीखी हो गई कि विधान परिषद में सपा सदस्यों ने हंगामा किया और कुछ समय के लिए कार्यवाही प्रभावित हुई।

यह बहस शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन हुई, जहां अनुपूरक बजट पेश किया गया था। बजट पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए लेकिन मुख्य विवाद कोडीन कफ सिरप मामले पर केंद्रित रहा। लाल बिहारी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी संस्थानों का निजीकरण कर रही है और इससे आरक्षण समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। केशव प्रसाद मौर्य ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है और जातीय गणना का विरोध नहीं करती लेकिन सपा ने 2004-2014 में केंद्र में यूपीए सरकार का समर्थन करते हुए इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी सत्र में वंदे मातरम पर भी चर्चा हुई लेकिन कोडीन मामले ने बहस को गर्माया। लाल बिहारी यादव ने कहा कि पुरस्कार लोगों को भोजन नहीं देते और आरक्षित वर्गों की उपेक्षा हो रही है। केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया कि भाजपा ने चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि सपा सदस्य अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता के सपने दिखाकर गुमराह कर रहे हैं। बहस के दौरान सपा सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन से बहिर्गमन किया। यह नोकझोंक उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच जारी तनाव को दर्शाती है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा के लिए 2047 तक कोई वैकेंसी नहीं है और भाजपा ही वर्तमान और भविष्य है। लाल बिहारी यादव ने जवाब दिया कि सरकार कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही। बहस के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हुई लेकिन अगले दिन भी ऐसे विवाद की संभावना बनी रही।

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