Dhanteras Silver Rate: त्योहार पर खरीदारों को राहत, MCX और सर्राफा बाजार में 1.91% तक फिसली चांदी
धनतेरस पर चांदी की कीमतों में करीब 1.91% की गिरावट दर्ज की गई। 1,87,140 रुपये से फिसलकर भाव 1,84,080 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। जानिए दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों के ताजा रेट्स।

- धनतेरस पर चांदी की कीमतों में नरमी, 3,600 रुपये प्रति किलो तक सस्ती होकर 1.84 लाख रुपये पर आई दरें
- Headline 3:1.87 लाख से टूटकर ₹1,84,080 प्रति किलो पर पहुंची चांदी, जानें धनतेरस पर प्रमुख शहरों के ताजा भाव
- त्योहारी मांग के बीच वैश्विक नरमी का असर, धनतेरस के दिन चांदी के दाम में तेज उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली: धनतेरस के पावन अवसर पर कीमती धातुओं के बाजार में खरीदारी का उत्साह बना हुआ है, हालांकि वायदा और हाजिर बाजार में चांदी की कीमतों में नरमी का रुख देखा गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू बुलियन बाजार में चांदी के दाम पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव 1,87,140 रुपये प्रति किलोग्राम से 1.91 प्रतिशत तक टूटकर 1,84,080 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करते दिखे। इस गिरावट से त्योहारी खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को कल के मुकाबले लगभग 3,000 से 3,600 रुपये प्रति किलो तक की सीधी राहत मिली है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (Comex) पर बहुमूल्य धातुओं में आई मुनाफावसूली और डॉलर इंडेक्स की चाल का असर भारतीय वायदा कारोबार पर पड़ा है। विदेशी बाजारों में चांदी की कीमतों में आई नरमी के चलते घरेलू स्तर पर भी सुबह के सत्र से ही बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि, स्थानीय खुदरा बाजारों में धनतेरस के चलते चांदी के सिक्कों, बर्तनों और पूजा सामग्री की मांग में तेजी बनी हुई है।
- महानगरों में हाजिर बाजार की स्थिति
विभिन्न राज्यों में स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और ज्वैलर्स एसोसिएशन के स्तर पर तय होने वाले प्रीमियम के कारण शहरों में हाजिर भाव में मामूली अंतर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाजिर चांदी का भाव लगभग 1,83,990 रुपये प्रति किलो के करीब दर्ज किया गया, जबकि मुंबई के बाजारों में यह दर 1,84,310 रुपये प्रति किलो के आसपास रही। दक्षिणी महानगरों में मांग अधिक रहने से चेन्नई में भाव 1,84,980 रुपये प्रति किलो और हैदराबाद में 1,84,740 रुपये प्रति किलो पर रहे। कोलकाता में चांदी 1,84,200 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर दर्ज की गई।
- कीमतों में नरमी के मुख्य कारण
कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिमी एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों द्वारा ऊंचे भावों पर की गई आंशिक मुनाफावसूली ने कीमतों को नीचे खींचा है। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव से बुलियन पर दबाव बना। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक स्तर पर यह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन धनतेरस और आगामी वैवाहिक सीजन के चलते भौतिक बाजार में मांग मजबूत रहने की संभावना है।
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