Saudi Airport Drone Attack: सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, कहा- 'नागरिक ठिकानों पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं'

सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।

Oct 11, 2026 - 12:35
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Saudi Airport Drone Attack: सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, कहा- 'नागरिक ठिकानों पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं'

नई दिल्ली: सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी असीर प्रांत में स्थित आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Abha International Airport) को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले की भारत सरकार ने कड़े शब्दों में निंदा की है। भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नागरिक बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) और निर्दोष यात्रियों को जानबूझकर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान में कहा कि भारत हर तरह के आतंकवाद, हिंसा और नागरिक ठिकानों पर होने वाले हमलों की बिना किसी शर्त निंदा करता है। भारत ने सऊदी अरब के साथ अपनी गहरी रणनीतिक साझेदारी और ऐतिहासिक मित्रता को दोहराते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में नई दिल्ली, रियाद की सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़ी है।

विदेश मंत्रालय का आधिकारिक पक्ष: 'नागरिकों पर हमला अस्वीकार्य'

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा:

  1. स्पष्ट निंदा: "हम सऊदी अरब में आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नागरिक आबादी और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़े से कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं।"

  2. अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान: भारत ने रेखांकित किया कि नागरिक उड्डयन और यात्री हवाई अड्डों पर इस प्रकार के सशस्त्र ड्रोन हमले निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालते हैं, जो वैश्विक नागरिक उड्डयन सुरक्षा मानकों के खिलाफ है।

  3. सऊदी अरब के साथ एकजुटता: भारत ने सऊदी साम्राज्य और वहां के नागरिकों के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त की है तथा हमले में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

आभा एयरपोर्ट पर क्या हुआ था?

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों के अनुसार, यमन की ओर से विद्रोही गुटों द्वारा विस्फोटक लदे ड्रोनों (Loitering Munitions) के जरिए आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया था।

  • एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्शन: सऊदी वायु रक्षा प्रणाली (Saudi Air Defense) ने आने वाले अधिकांश खतरों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।

  • मलबे से नुकसान और नागरिक घायल: हालांकि, हवा में नष्ट किए गए ड्रोनों का मलबा (Shrapnel) हवाई अड्डे के परिसर और रनवे के आसपास गिरने से कुछ यात्री विमानों को आंशिक नुकसान पहुंचा और हवाई अड्डे पर मौजूद कई नागरिक घायल हुए, जिनमें विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे।

  • उड़ानों पर तात्कालिक असर: हमले के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आभा हवाई अड्डे पर आने-जाने वाली उड़ानों को कुछ समय के लिए डायवर्ट किया गया और रनवे की तकनीकी जांच के बाद परिचालन दोबारा बहाल किया गया।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जोर

सऊदी अरब में करीब 25 लाख से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं और काम करते हैं, जो वहां सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। इसके अलावा, आभा और दक्षिणी प्रांतों में भी भारतीय मूल के डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और कामगार बड़ी संख्या में कार्यरत हैं।

विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता भारत के राष्ट्रीय और आर्थिक हितों से सीधे जुड़ी हुई है। नागरिक हवाई अड्डों पर इस तरह के हमलों से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि वहां रहने वाले लाखों विदेशी नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा को भी गंभीर जोखिम पहुंचता है। भारतीय दूतावास (रियाद) और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

भारत हमेशा से मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में किसी भी प्रकार के तनाव को बातचीत, कूटनीति और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के माध्यम से हल करने का पक्षधर रहा है। भारत का स्पष्ट मानना है कि यमन संकट और क्षेत्रीय तनावों का समाधान सैन्य हमलों या नागरिक ठिकानों पर बमबारी से नहीं निकल सकता।

कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत का यह त्वरित और कड़ा बयान सऊदी अरब के साथ उसके प्रगाढ़ होते रक्षा और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। दोनों देश हाल के वर्षों में आतंकवाद विरोधी अभियानों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वे इस तरह के अकारण हमलों की रोकथाम और शांति बहाली के लिए एकजुट होकर काम करें।

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