Imran Khan PTI Protest: इस्लामाबाद छावनी में तब्दील, 22 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात; इमरान खान की रिहाई को लेकर संग्राम

इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई के इस्लामाबाद मार्च से पहले राजधानी को सील कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए 22,000 जवानों की तैनाती की गई है।

Sep 26, 2026 - 15:11
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Imran Khan PTI Protest: इस्लामाबाद छावनी में तब्दील, 22 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात; इमरान खान की रिहाई को लेकर संग्राम
  • Pakistan Politics: इमरान खान के समर्थकों के मार्च से पहले इस्लामाबाद सील, कंटेनर लगाकर रास्ते बंद, धारा 144 लागू
  • PTI Islamabad Protest: राजधानी में भारी पुलिस और रेंजर्स की तैनाती, पीटीआई के शक्ति प्रदर्शन से पहले शहबाज सरकार अलर्ट
  • Islamabad Lockdown: डी-चौक की ओर कूच की तैयारी में पीटीआई कार्यकर्ता, शहर के एंट्री प्वाइंट्स पर 22,000 जवान मुस्तैद

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल से रिहाई और सरकार विरोधी आंदोलन को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पूरी राजधानी को एक तरह से छावनी में बदल दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर में पुलिस, अर्धसैनिक बलों और फ्रंटियर कोर के लगभग 22,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए राजधानी के प्रमुख प्रवेश द्वारों और महत्वपूर्ण रेड जोन की ओर जाने वाली सड़कों को शिपिंग कंटेनर रखकर पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। शहर में शांति बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसके तहत किसी भी तरह की जनसभा, रैली, जुलूस या चार से अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है।

  • डी-चौक की ओर कूच की योजना और प्रशासन की पाबंदियां

पीटीआई नेतृत्व ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत के विभिन्न हिस्सों से इस्लामाबाद के ऐतिहासिक 'डी-चौक' पर पहुंचने का आह्वान किया है। पार्टी का मुख्य मुद्दा जेल में बंद पार्टी संस्थापक इमरान खान की तत्काल रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना और देश में हालिया संवैधानिक संशोधनों व चुनावी कथित धांधली के खिलाफ आवाज उठाना है।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली संघीय सरकार और गृह मंत्रालय ने राजधानी के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा चक्र बेहद कड़ा कर दिया है। संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेशी दूतावासों वाले संवेदनशील रेड जोन की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि या हिंसा से सख्ती से निपटा जाएगा।

सख्त सुरक्षा पहरे और सड़कों की नाकेबंदी के कारण इस्लामाबाद और रावलपिंडी के जुड़वां शहरों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रमुख हाईवे, जैसे जीटी रोड और मोटरवे के कई हिस्सों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिससे दैनिक यात्रियों, दफ्तर जाने वालों और एम्बुलेंस सेवाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो बस सेवाओं को भी आंशिक रूप से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाओं पर अस्थाई रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अफवाहों और भीड़ को संगठित होने से रोका जा सके। स्कूल, कॉलेज और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए एहतियात बरत रहे हैं।

इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं। हालांकि कई मामलों में उन्हें अदालतों से राहत या जमानत मिली है, लेकिन नए मामलों के दर्ज होने के कारण उनकी रिहाई संभव नहीं हो सकी है। पीटीआई का आरोप है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के तहत पार्टी को कुचलने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

वहीं सरकार का रुख यह है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी राजनीतिक दल को सार्वजनिक शांति भंग करने या सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने संभावित झड़पों और शांति भंग होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद यह भारी सुरक्षा तैनाती की गई है।

पीटीआई के काफिलों के राजधानी के बाहरी इलाकों तक पहुंचने की खबरों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। यदि कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास करते हैं तो सुरक्षा बलों के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुए टकराव के इतिहास को देखते हुए पुलिस को आंसू गैस और वाटर कैनन से लैस रखा गया है। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है या राजधानी में एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता का नया दौर शुरू होता है।

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