Donald Trump Canada Tariffs: ट्रंप की कनाडा को नई चेतावनी, ऑटो सेक्टर और स्टील पर 50% टैरिफ लगाने का किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले ऑटोमोटिव उत्पादों, पार्ट्स और स्टील पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार युद्ध और बढ़ गया है।

Aug 25, 2026 - 16:00
 0  1
Donald Trump Canada Tariffs: ट्रंप की कनाडा को नई चेतावनी, ऑटो सेक्टर और स्टील पर 50% टैरिफ लगाने का किया ऐलान
  • US-Canada Trade War: ट्रंप ने कनाडा के ऑटो सेक्टर पर 50 फीसदी टैरिफ की दी चेतावनी, जानिए दोनों देशों के बीच क्यों बढ़ा तनाव
  • ट्रंप का कनाडा पर बड़ा वार: कारों, ट्रकों और ऑटो पार्ट्स पर 50% टैरिफ का ऐलान, बोले- 'अब अमेरिका के 51वें राज्य जैसा बर्ताव नहीं होगा'
  • US Canada Trade War: डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के ऑटो और स्टील सेक्टर पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की, व्यापारिक तनाव गहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ व्यापारिक मोर्चे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए उसके ऑटोमोबाइल और स्टील क्षेत्र पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। वाशिंगटन और ओटावा के बीच हालिया द्विपक्षीय व्यापार वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह कड़ा बयान जारी किया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा लंबे समय से अमेरिकी किसानों और उद्योगों के साथ अनुचित व्यवहार कर रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच भारी व्यापार घाटा पैदा हुआ है। इस नए कदम के तहत कारों, ट्रकों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर 50 फीसदी शुल्क लागू करने की चेतावनी दी गई है। जवाब में कनाडा ने भी जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी कर ली है, जिससे उत्तरी अमेरिकी ऑटो सप्लाई चेन और वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्यापक उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है। 

संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक विवाद अब एक नए और बेहद गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि अमेरिका कनाडा से आयात होने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों, ट्रकों, ऑटोमोबाइल कलपुर्जों (ऑटो पार्ट्स) और स्टील पर 50 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाएगा। यह ऐलान दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों और व्यापार प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के अचानक टूटने के तुरंत बाद सामने आया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि यदि कंपनियां अमेरिका के भीतर विनिर्माण करती हैं तो उन पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा, लेकिन कनाडाई सीमाओं से आने वाले तैयार वाहनों और स्पेयर पार्ट्स पर यह सख्त नियम लागू होगा। इस घोषणा ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच दशकों पुराने मुक्त व्यापार और एकीकृत विनिर्माण ढांचे को हिलाकर रख दिया है। 

अमेरिका और कनाडा के बीच मतभेद उस समय और गहरे हो गए जब सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच अंतिम क्षणों में चल रही द्विपक्षीय वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। अमेरिकी प्रशासन ने पहले ही लगभग 20 अरब डॉलर मूल्य की कई कनाडाई उपभोक्ता और औद्योगिक वस्तुओं पर 50 फीसदी शुल्क लगा दिया था। इसके बाद जब दोनों देशों ने मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत शुरू की, तो अमेरिकी पक्ष ने कनाडाई ऑटोमोबाइल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए कुछ नई शर्तें सामने रखीं।

कनाडा के नेतृत्व ने इन शर्तों को अनुचित और अस्वीकार्य बताते हुए वार्ता से अपने प्रतिनिधियों को वापस बुला लिया। इसके बाद नाराज डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि कनाडा वर्षों से अमेरिका का आर्थिक लाभ उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि कनाडाई कृषि नीतियों और भारी शुल्कों की वजह से अमेरिकी किसानों को नुकसान हुआ है और करीब 60 अरब डॉलर का व्यापार घाटा बना हुआ है। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा कि कनाडा के साथ अब अमेरिका के 51वें राज्य की तरह तरजीही व्यवहार नहीं किया जाएगा और ऑटो सेक्टर पर 50% का भारी टैरिफ थोप दिया जाएगा। 

इस फैसले के बाद ओटावा और वाशिंगटन दोनों ओर से तीखी राजनीतिक व आर्थिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने देश की संप्रभुता और आर्थिक हितों की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कनाडा किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लागू करेगा और यह कार्रवाई पूरी तरह आनुपातिक (डॉलर के बदले डॉलर) होगी। कनाडा के विभिन्न प्रांतों के प्रीमियर और उद्योग संगठनों ने भी राष्ट्रीय रुख का समर्थन किया है।

दूसरी ओर, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमिसन ग्रीर ने प्रशासन के रुख का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य अपने घरेलू कामगारों, स्थानीय विनिर्माण और औद्योगिक सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ऑटो सेक्टर पर टैरिफ का सीधा असर सीमा पार व्यापार करने वाले अमेरिकी डीलरों और उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा, क्योंकि इस शुल्क का एक बड़ा हिस्सा आयात लागत के रूप में अंतिम खरीदार तक पहुंचता है। 

ऑटोमोबाइल उद्योग अमेरिका और कनाडा के बीच सबसे एकीकृत विनिर्माण क्षेत्रों में से एक है। डेट्रायट और ओंटारियो के बीच वाहन और उनके स्पेयर पार्ट्स अंतिम असेंबली से पहले कई बार सीमा पार करते हैं। ऐसे में ऑटो सेक्टर पर 50 फीसदी का भारी टैरिफ लगने से संपूर्ण उत्तरी अमेरिकी वाहन उद्योग की लागत संरचना में भारी इजाफा हो सकता है।

कनाडा के कुल वस्तु निर्यात का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अमेरिका जाता है, जिससे कनाडाई विनिर्माण क्षेत्र पर इसका गंभीर असर पड़ना तय है। वहीं, अमेरिकी बाजार में भी नई गाड़ियों और ऑटो रिपेयरिंग के पार्ट्स महंगे होने से मुद्रास्फीति (महंगाई) का दबाव बढ़ सकता है। वित्तीय बाजारों में इस ट्रेड वॉर के चलते ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और वैश्विक निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। 

कनाडाई वित्त मंत्रालय और संबंधित विभाग अब अमेरिकी शुल्कों के जवाब में अपनी विस्तृत जवाबी टैरिफ सूची और कार्ययोजना को अंतिम रूप दे रहे हैं। कनाडाई जवाबी उपायों में अमेरिकी स्टील, डेयरी, घरेलू उपकरण और कृषि उत्पादों को निशाना बनाए जाने की पूरी संभावना है।

वर्तमान में दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता स्थगित हो चुकी है। यदि कूटनीतिक स्तर पर आगामी हफ्तों में कोई नया समझौता नहीं बनता है, तो उत्तरी अमेरिका में टैरिफ युद्ध और गहरा सकता है, जिसका असर बहुपक्षीय व्यापार समझौतों और वैश्विक विनिर्माण श्रृंखला पर लंबे समय तक बना रहेगा।

Also Read- Donald Trump Kim Jong Un: ट्रंप ने शेयर की किम जोंग उन संग पुरानी तस्वीर, बोले- हमारे रिश्ते आज भी बेहतरीन और मजबूत

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow