Kerala Doctor Bride: शादी की रस्मों के बीच डॉक्टर दुल्हन ने बचाई कैटरिंग कर्मियों की जान, कन्नूर में डॉ. शिरीन सुबैर की दरियादिली वायरल

Kerala Doctor Bride: केरल के कन्नूर में शादी की रस्मों के दौरान दो कैटरिंग कर्मियों की तबीयत बिगड़ने पर दुल्हन डॉ. शिरीन सुबैर ने तुरंत उनका इलाज किया।

Aug 22, 2026 - 12:53
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Kerala Doctor Bride: शादी की रस्मों के बीच डॉक्टर दुल्हन ने बचाई कैटरिंग कर्मियों की जान, कन्नूर में डॉ. शिरीन सुबैर की दरियादिली वायरल
  • Dr Shirin Subair: मंडप छोड़ कैटरिंग वर्कर्स का इलाज करने दौड़ीं डॉक्टर दुल्हन, केरल के कन्नूर से सामने आई इंसानियत की मिसाल
  • शादी के जोड़े में डॉक्टर दुल्हन ने पेश की इंसानियत की मिसाल: रस्में छोड़ बीमार कैटरिंग स्टाफ का किया इलाज, वीडियो हुआ वायरल
  • Kerala: शादी समारोह में कैटरिंग स्टाफ की तबीयत बिगड़ने पर दुल्हन बनीं मसीहा, डॉक्टर शिरीन सुबैर ने तुरंत दिया प्राथमिक उपचार

केरल के कन्नूर जिले में एक शादी समारोह के दौरान इंसानियत और चिकित्सकीय कर्तव्य की एक भावुक कर देने वाली मिसाल सामने आई है। शादी की रस्मों के बीच जब मंडप के पास काम कर रहे दो कैटरिंग कर्मचारियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई, तो दुल्हन के जोड़े में सजी डॉ. शिरीन सुबैर ने बिना एक पल गंवाए अपनी शादी की रस्में रोक दीं और सीधे दोनों कर्मचारियों के पास पहुंचकर उनका प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। दुल्हन द्वारा अपने सबसे खास दिन पर पेशे और इंसानियत को सर्वोपरि रखने के इस सराहनीय कदम की अब सोशल मीडिया से लेकर पूरे देश में जमकर तारीफ हो रही है।

केरल के कन्नूर में आयोजित एक विवाह समारोह उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब दुल्हन बनीं डॉ. शिरीन सुबैर ने अपनी शादी की रस्मों के बीच दो बीमार कर्मचारियों का आपातकालीन इलाज किया। शादी के हॉल में भोजन प्रबंधन संभाल रहे दो कैटरिंग वर्कर्स अचानक अस्वस्थ महसूस करने लगे और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

जैसे ही यह खबर शादी के मंच तक पहुंची, दुल्हन डॉ. शिरीन सुबैर ने अपने वैवाहिक समारोह की औपचारिकताओं की परवाह किए बिना तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाया। दुल्हन के भारी-भरकम पोशाक और आभूषणों में होने के बावजूद उन्होंने एक डॉक्टर के रूप में अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी को निभाया और दोनों युवकों को समय रहते प्राथमिक चिकित्सा दी।

कन्नूर के एक मैरिज हॉल में डॉ. शिरीन सुबैर की शादी का मुख्य कार्यक्रम चल रहा था। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और मेहमान नवदंपति को शुभकामनाएं देने में व्यस्त थे। इसी दौरान परिसर में काम कर रहे कैटरिंग दल के दो कर्मियों को अचानक चक्कर आने और बेचैनी की शिकायत हुई। गर्मी और लगातार काम की थकान के चलते उनकी हालत गंभीर होने लगी।

आसपास मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते या एंबुलेंस बुलाने की तैयारी करते, तब तक मंच से ही डॉ. शिरीन ने स्थिति को भांप लिया। वह तुरंत स्टेज से नीचे उतरीं और बिना किसी झिझक के सीधे कर्मचारियों के पास पहुंच गईं। उन्होंने मौके पर ही उनकी नब्ज, ब्लड प्रेशर और अन्य आवश्यक संकेतों की जांच की। त्वरित उपचार और देखभाल मिलने से दोनों कर्मियों की स्थिति समय रहते स्थिर हो गई। बाद में एहतियातन उन्हें आगे की चिकित्सीय देखरेख के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी बने बारातियों और मेहमानों ने दुल्हन की तत्परता की मुक्तकंठ से सराहना की। शादी में मौजूद रिश्तेदारों का कहना था कि डॉ. शिरीन ने साबित कर दिया कि एक सच्चा डॉक्टर हर परिस्थिति में पहले अपने मरीज और इंसानियत के प्रति समर्पित होता है।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद देशभर के चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने डॉ. शिरीन सुबैर को 'असली हीरो' करार दिया है। लोगों का कहना है कि जहां अक्सर लोग अपने निजी उत्सवों में इतने मग्न हो जाते हैं कि आसपास की तकलीफों पर ध्यान नहीं देते, वहीं डॉ. शिरीन ने कर्तव्यनिष्ठा की असाधारण मिसाल पेश की है।

डॉ. शिरीन सुबैर के इस मानवीय कदम ने समाज में चिकित्सकों के प्रति सम्मान और भरोसे को और मजबूत किया है। यह घटना इस बात का जीवंत उदाहरण है कि मेडिकल प्रोफेशन केवल एक आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन बचाने का एक पवित्र संकल्प है।

सोशल मीडिया पर इस पूरे वाकये को सकारात्मकता के प्रसार के रूप में देखा जा रहा है। शादी-ब्याह जैसे बड़े आयोजनों में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य, उनके काम के घंटों और ऐसे स्थानों पर प्राथमिक चिकित्सा किट व आपातकालीन व्यवस्था की अनिवार्यता को लेकर भी लोगों के बीच सकारात्मक जागरूकता बढ़ी है।

उपचार के बाद दोनों कैटरिंग कर्मियों की हालत पूरी तरह खतरे से बाहर बताई गई है। वहीं शादी की बाकी रस्में भी परिवार और रिश्तेदारों के अपार गर्व और खुशी के माहौल में संपन्न हुईं। यह घटना आने वाले लंबे समय तक लोगों के दिलों में एक प्रेरणादायी मिसाल के तौर पर याद रखी जाएगी। डॉ. शिरीन का यह कदम युवाओं और चिकित्सा जगत से जुड़े नए पेशेवरों को समाज सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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