Lucknow Gomti Nagar Case: गोमतीनगर में पारिवारिक विवाद में 3 मौतें, सोशल मीडिया पोस्ट और सीसीटीवी से खुले कई पहलू
लखनऊ के गोमतीनगर में बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन को गोली मार खुदकुशी की। सोशल मीडिया पोस्ट और सीसीटीवी फुटेज से मामले में नया मोड़ आया।

- Gomti Nagar Double Murder Suicide: लखनऊ में बैंक कर्मी ने पत्नी और बहन को गोली मार खुद को उड़ाया, पुलिस जांच तेज
- लखनऊ के गोमतीनगर में सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी और बहन की हत्या कर खुद को मारी गोली, सामने आए सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट
- लखनऊ: गोमतीनगर के हुसड़िया में पारिवारिक विवाद के चलते 3 लोगों की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के व्यस्ततम और पॉश इलाके गोमतीनगर में गुरुवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां पारिवारिक कलह के चलते तीन लोगों की जान चली गई। जानकीपुरम स्थित स्टेट बैंक की शाखा में लेखाकार के पद पर कार्यरत मानस बाजपेई ने पहले अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा, जो एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं, को मिठाई वाला चौराहे के पास गोली मारी। इसके बाद वह ई-रिक्शा से हुसड़िया स्थित अपने आवास पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तुलिका बाजपेई को गोली मारने के बाद स्वयं को भी गोली मार ली। घटना के तुरंत बाद मानस द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए स्टेटस और मृतका की बहन प्रज्ञा द्वारा साझा किए गए सीसीटीवी फुटेज ने मामले में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गोली लगने से मौत की अत्यंत दुखद और सनसनीखेज घटना घटी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लेखाकार मानस बाजपेई और उनकी पत्नी दिव्या मिश्रा के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था। गुरुवार दोपहर यह विवाद उस समय खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया जब मानस ने सार्वजनिक स्थान पर अपनी पत्नी पर गोली चला दी। इसके उपरांत उसने घर पहुंचकर अपनी बहन पर भी फायरिंग की और अंत में खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली। अस्पताल ले जाए जाने पर चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
वारदात की शुरुआत दोपहर के समय हुई जब निजी बैंक में कार्यरत दिव्या मिश्रा मिठाई वाला चौराहे के निकट मौजूद थीं। उसी दौरान मानस वहां पहुंचा और उसने सीधे दिव्या पर गोली चला दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह एक ई-रिक्शा में सवार होकर हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तुलिका बाजपेई पर हथियार से हमला किया और फिर उसी हथियार से खुद को गोली मार ली। घटना के तत्काल बाद मानस के मोबाइल से एक स्टेटस अपडेट हुआ, जिसमें उसने वैवाहिक विश्वासघात का आरोप लगाते हुए इस कृत्य को अंजाम देने की बात कही। इस स्टेटस ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर हथियार और साक्ष्य कब्जे में लिए।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मृतका दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज साझा कर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रज्ञा ने अपनी पोस्ट में गहरा दुख व्यक्त करते हुए कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपनी पोस्ट के माध्यम से सवाल उठाया कि एक सामान्य बैंक कर्मचारी के पास अत्याधुनिक हथियार कहां से आए, उसे अपराध के लिए किसने उकसाया और अपराध स्थल तक आने-जाने में इस्तेमाल किए गए ऑटो या ई-रिक्शा चालक की क्या भूमिका रही। उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि क्या इस पूरी घटना के पीछे कोई अन्य साजिश या बाहरी व्यक्ति का स्वार्थ छिपा हो सकता है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का मुआयना कर हथियार, खोखे और डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बैंक के सामने के सीसीटीवी कैमरों, रास्ते के फुटेज और मृतकों के मोबाइल कॉल्स व संदेशों की साइबर विशेषज्ञों द्वारा स्क्रूटनी की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में प्रयुक्त हथियार लाइसेंसी थे या अवैध, और क्या मानस के साथ यात्रा करने वाले ई-रिक्शा या ऑटो चालक की इसमें कोई संदिग्ध भूमिका थी या वह महज एक सामान्य यात्री वाहन था। दिनदहाड़े शहर के प्रमुख चौराहे पर हुई इस घटना ने स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
पुलिस प्रशासन ने तीनों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवा दी है ताकि फॉरेंसिक साक्ष्यों और बैलिस्टिक रिपोर्ट के आधार पर गोली चलने के क्रम और दूरी की पुष्टि की जा सके। प्रज्ञा मिश्रा द्वारा उठाए गए बिंदुओं और सोशल मीडिया पोस्ट्स को भी पुलिस ने अपनी विस्तृत जांच में शामिल किया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। मामले के हर कानूनी और मानवीय पहलू की गहराई से छानबीन जारी है।
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