Pune News: पत्नी से छिपाकर महिला मित्र संग मलेशिया गए पति की खुली पोल, पासपोर्ट के फटे पन्नों ने पहुंचाया हवालात
पत्नी से विदेश यात्रा छुपाने के लिए पासपोर्ट के 12 पन्ने फाड़ना पुणे के एक शख्स को महंगा पड़ गया। मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच में पोल खुली और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

- बिजनेस ट्रिप का बहाना पड़ा भारी: पासपोर्ट से फाड़े विदेश यात्रा के पन्ने, मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ने पकड़ा
- Pune Crime: पासपोर्ट से छेड़छाड़ कर छुपा रहा था सीक्रेट वेकेशन, एयरपोर्ट पर खुला राज तो पुलिस ने दर्ज किया केस
- मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया पुणे का इंजीनियर, पत्नी के डर से पासपोर्ट के 12 पन्ने फाड़ने पर कानूनी शिकंजा
मुंबई/पुणे। निजी जिंदगी में बोले गए झूठ को छिपाने के लिए सरकारी और आधिकारिक दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करना कितना महंगा पड़ सकता है, इसका एक चौंकाने वाला मामला मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सामने आया है। पुणे के रहने वाले एक 32 वर्षीय पेशेवर इंजीनियर ने अपनी पत्नी से दूसरी महिला मित्र के साथ की गई विदेश यात्रा को गुप्त रखने के चक्कर में अपने भारतीय पासपोर्ट के साथ गंभीर खिलवाड़ कर डाला। यात्रा से लौटने के बाद उसने पासपोर्ट के उन पन्नों को ही फाड़ दिया, जिन पर इमिग्रेशन की आधिकारिक मुहरें (स्टैंप) लगी थीं। हालांकि, उसका यह दांव तब पूरी तरह उल्टा पड़ गया जब वह एक अन्य अधिकृत यात्रा के सिलसिले में पुनः हवाई अड्डे पर पहुंचा।
इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा नियमित प्रस्थान जांच के दौरान इस विसंगति को तत्काल पकड़ लिया गया। पासपोर्ट जैसे अति-संवेदनशील संप्रभु दस्तावेज को नुकसान पहुंचाने और पृष्ठ गायब करने के आरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और आगे की विधिक कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ और पासपोर्ट अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
- घरेलू झूठ से शुरू हुआ आपराधिक कृत्य
मुंबई के सहार पुलिस थाने से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक पुणे की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत है। कुछ समय पूर्व उसने अपने परिवार और पत्नी को यह बताया था कि वह आधिकारिक काम के सिलसिले में भारत के ही किसी शहर में एक महत्वपूर्ण बिजनेस ट्रिप पर जा रहा है। घरेलू स्तर पर विश्वास कायम करने के बाद, वह अपनी एक महिला परिचित के साथ थाईलैंड और मलेशिया की छुट्टियों पर रवाना हो गया।
विदेश यात्रा पूरी कर जब वह स्वदेश लौटा, तो उसके मन में यह आशंका घर कर गई कि घर पर कभी भी पासपोर्ट की जांच होने या पत्नी द्वारा दस्तावेज देखे जाने पर विदेशी इमिग्रेशन की मुहरों से उसके झूठ का पर्दाफाश हो जाएगा। इस खुलासे के डर से उसने बिना किसी कानूनी परिणाम की परवाह किए अपने मूल पासपोर्ट की बुकलेट से पृष्ठ संख्या 3 से लेकर 14 तक यानी कुल 12 महत्वपूर्ण पन्नों को ब्लेड या हाथ से खींचकर अलग कर दिया। उसे लगा कि पन्ने हटा देने से यात्रा का कोई भौतिक साक्ष्य बाकी नहीं रहेगा।
- एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन सिस्टम ने यूं पकड़ा खेल
आरोपी की यह चालाकी तब धरी की धरी रह गई जब कुछ दिनों बाद उसे कंपनी के वास्तविक काम के सिलसिले में बैंकॉक के लिए आधिकारिक उड़ान पकड़नी थी। वह निश्चिंत होकर मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल पर पहुंचा और सिक्योरिटी क्लीयरेंस के बाद इमिग्रेशन काउंटर पर अपना पासपोर्ट प्रस्तुत किया।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत, जब भी कोई यात्री विदेशी यात्रा के लिए इमिग्रेशन डेस्क पर पहुंचता है, तो अधिकारी न केवल डिजिटल डेटाबेस (इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) में व्यक्ति की ट्रैवल हिस्ट्री जांचते हैं, बल्कि पासपोर्ट बुकलेट के क्रम, बाइंडिंग धागे और पन्नों की संख्या की भी भौतिक पड़ताल करते हैं। काउंटर पर तैनात आव्रजन अधिकारी ने जैसे ही पासपोर्ट की जांच की, उन्हें पृष्ठ संख्या में सीधा गैप दिखाई दिया। पन्नों के किनारे फटे हुए पाए गए, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि बुकलेट के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है।
अधिकारियों ने जब केंद्रीय आव्रजन प्रणाली में आरोपी का डिजिटल रिकॉर्ड खंगाला, तो उसमें हाल ही में हुई मलेशिया यात्रा का पूरा विवरण दर्ज मिला, जबकि भौतिक दस्तावेज से संबंधित पन्ने गायब थे। कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर आरोपी टूट गया और उसने पत्नी से अवैध ट्रिप छिपाने के लिए पन्ने फाड़ने की बात स्वीकार कर ली।
- पासपोर्ट से छेड़छाड़: जानिए क्या कहता है कानून
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया जाने वाला पासपोर्ट एक राष्ट्रीय संप्रभु दस्तावेज है, जो भारत गणराज्य की संपत्ति माना जाता है। धारक के पास इसे केवल एक अधिकृत पहचान और यात्रा अनुमति पत्र के रूप में रखने का अधिकार होता है, उसमें किसी भी प्रकार का फेरबदल करने का अधिकार किसी व्यक्ति को नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पासपोर्ट में किसी भी तरह की कटिंग, ओवरराइटिंग, पेज फाड़ना अथवा विरूपण (Mutilation) 'पासपोर्ट अधिनियम, 1967' की धारा 12 के तहत संज्ञेय और दंडनीय अपराध है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत धोखाधड़ी और आधिकारिक रिकॉर्ड को विकृत करने से संबंधित गैर-जमानती धाराएं भी लागू हो सकती हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को भारी आर्थिक जुर्माने के साथ कारावास की सजा हो सकती है। ऐसे मामलों में विदेश मंत्रालय संबंधित व्यक्ति का पासपोर्ट स्थायी रूप से जब्त (Impound) या निरस्त कर सकता है, जिससे भविष्य में किसी भी देश का वीजा मिलना लगभग असंभव हो जाता है।
सहार पुलिस थाने के जांच अधिकारियों ने इमिग्रेशन ब्यूरो की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी पुष्टि कर रही है कि क्या पन्ने हटाने के पीछे केवल वैवाहिक विवाद से बचने की निजी वजह थी अथवा किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि को छिपाने का प्रयास किया गया था।
विमानन और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर किया जाने वाला हर आवागमन इलेक्ट्रॉनिक इमिग्रेशन सर्वर से सीधे जुड़ा होता है। भौतिक पासपोर्ट से कोई पन्ना फाड़ देने से डिजिटल सर्वर का रिकॉर्ड कभी मिटाया नहीं जा सकता। क्षणिक घरेलू कलह या झूठ को बचाने के लिए उठाया गया ऐसा कदम न केवल व्यक्ति का करियर और अंतरराष्ट्रीय आवागमन हमेशा के लिए बाधित कर सकता है, बल्कि उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकता है।
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