मुंबई में राज्यव्यापी प्रतिबंध के बीच ओला और रैपिडो पर अवैध बाइक टैक्सी संचालन के लिए एफआईआर, डायरेक्टर्स पर कार्रवाई। 

महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद मुंबई में ओला और रैपिडो द्वारा बाइक टैक्सी सेवाओं का अवैध संचालन जारी रखने

Dec 9, 2025 - 11:54
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मुंबई में राज्यव्यापी प्रतिबंध के बीच ओला और रैपिडो पर अवैध बाइक टैक्सी संचालन के लिए एफआईआर, डायरेक्टर्स पर कार्रवाई। 
मुंबई में राज्यव्यापी प्रतिबंध के बीच ओला और रैपिडो पर अवैध बाइक टैक्सी संचालन के लिए एफआईआर, डायरेक्टर्स पर कार्रवाई। 

महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद मुंबई में ओला और रैपिडो द्वारा बाइक टैक्सी सेवाओं का अवैध संचालन जारी रखने के आरोप में अंबोली पुलिस ने दोनों कंपनियों के डायरेक्टर्स के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की शिकायत पर आधारित है, जिसमें नवंबर 22 से दिसंबर 3, 2025 तक चार रैपिडो राइडर्स और एक ओला राइडर को रोकने के बाद मामले दर्ज किए गए। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ये प्लेटफॉर्म परिवहन प्राधिकरणों द्वारा प्रतिबंधित सेवाएं प्रदान करके सरकार को धोखा दे रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने 19 जनवरी, 2023 को एक अधिसूचना जारी कर गैर-परिवहन वाहनों, जिसमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन शामिल हैं, का एग्रीगेशन और राइड पूलिंग के लिए उपयोग प्रतिबंधित कर दिया था। इसके तहत मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 66 के अनुसार, निजी वाहनों को व्यावसायिक रूप से यात्रियों को ले जाने की अनुमति नहीं है, और उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

एफआईआर 5 दिसंबर, 2025 को अंबोली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसमें ओला और रैपिडो के डायरेक्टर्स को नामजद किया गया है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के मोटर वाहन निरीक्षक बाबू टेली की शिकायत पर आधारित इस मामले में आरोप है कि कंपनियां मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से निजी वाहनों का उपयोग कर यात्रियों को ढोने की सुविधा दे रही हैं, जबकि उनके पास राज्य सरकार या क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण से कोई अनुमति नहीं है। निरीक्षकों ने अवैध संचालन की पुष्टि के लिए डमी राइड्स बुक किए थे, जिसमें पाया गया कि रैपिडो और ओला के राइडर्स सफेद नंबर प्लेट वाले निजी दोपहिया वाहनों से यात्रियों को ले जा रहे थे। यह प्रतिबंध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 66(1), 192 और 112 के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है, जो निजी वाहनों को व्यावसायिक परिवहन के लिए अयोग्य ठहराता है। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि कंपनियां ड्राइवर्स के चरित्र प्रमाणपत्रों की जांच नहीं कर रही हैं और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा हो रहा है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं पर बढ़ते नियमन का हिस्सा है, जो पिछले कुछ वर्षों से विवादास्पद बनी हुई हैं। 2023 में जारी अधिसूचना के बाद भी ये सेवाएं चुपचाप संचालित हो रही थीं, लेकिन जुलाई 2025 में परिवहन मंत्री द्वारा एक छद्म नाम से रैपिडो पर बाइक टैक्सी बुक करने के बाद सख्ती बढ़ गई। मंत्री ने मंत्रालय से दादर तक राइड बुक की और पाया कि सेवा बिना वैध अनुमति के चल रही थी, जिसके बाद तत्काल निलंबन का आदेश दिया गया। इसके परिणामस्वरूप रैपिडो और ओला ने मुंबई में बाइक टैक्सी विकल्प अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया, लेकिन हाल के निरीक्षणों से पता चला कि उल्लंघन फिर से शुरू हो गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी 2022 में एक रिट याचिका के तहत रैपिडो के संचालन को निलंबित करने का निर्देश दिया था, क्योंकि कंपनी ने वैध लाइसेंस साबित करने में विफल रही थी। सुप्रीम कोर्ट के बाद के निर्देशों ने भी इस प्रतिबंध को मजबूत किया, फिर भी कंपनियां कथित तौर पर निजी वाहनों का उपयोग जारी रखे हुए हैं।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में बाइक टैक्सी सेवाओं का विस्तार ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए एक विकल्प के रूप में देखा जाता था, लेकिन नियामक चिंताओं ने इसे अवैध बना दिया। परिवहन विभाग ने जून 2025 में रैपिडो, ओला और उबर के खिलाफ शिकायतें दर्ज कीं, जब अधिकारियों ने ऐप के माध्यम से बुकिंग की और पाया कि सेवाएं बिना अनुमति के चल रही थीं। अंबोली पुलिस की एफआईआर के अलावा, घाटकोपर पुलिस स्टेशन में 2 दिसंबर, 2025 को रैपिडो के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया, जहां घाटकोपर रेलवे स्टेशन के पास ऐप-आधारित बुकिंग से यात्रियों को ले जाते राइडर्स पकड़े गए। इसी तरह, आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में जून 2025 में रैपिडो और उबर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(3) और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत था। इन मामलों में आरोप है कि कंपनियां वित्तीय लाभ के लिए अवैध परिवहन सुविधा प्रदान कर रही हैं, जबकि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रही हैं। राज्य सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं को विनियमित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देशों के तहत अनिवार्य परमिट शामिल हैं। धारा 93 के अनुसार, ऐसी कंपनियों को उचित अनुमतियां प्राप्त करनी होती हैं, लेकिन ओला और रैपिडो ने ऐसा नहीं किया। जुलाई 2025 में राज्य परिवहन आयुक्त ने मुंबई, नवी मुंबई और अन्य क्षेत्रों के आरटीओ को निर्देश दिए कि वे बाइक टैक्सी सेवाओं पर कार्रवाई करें, क्योंकि ये कंपनियां अनिवार्य परमिट के बिना यात्रियों को ढो रही थीं। थाने जिले के कल्याण-डोंबिवली में आरटीओ ने दिसंबर 2025 में 47 रैपिडो बाइक टैक्सी राइडर्स पर जुर्माना लगाया, जिसमें एक लाख रुपये से अधिक की वसूली हुई। यह अभियान मुंबई महानगर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां अवैध संचालन की शिकायतें बढ़ रही हैं। परिवहन विभाग ने जोर दिया है कि निजी दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक उपयोग यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालता है, क्योंकि इनमें बीमा कवरेज और सुरक्षा उपकरणों की कमी होती है।

इस मामले ने बाइक टैक्सी सेवाओं की कानूनी स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं, जो कई राज्यों में अलग-अलग हैं। कर्नाटक में जून 2025 में हाईकोर्ट के निर्देश पर रैपिडो, उबर और ओला को बाइक टैक्सी सेवाएं पूर्ण रूप से निलंबित करनी पड़ीं। दिल्ली में फरवरी 2023 से बाइक टैक्सी प्रतिबंधित हैं, जबकि गोवा, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पंजाब, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्य इन्हें अनुमति देते हैं। महाराष्ट्र में प्रतिबंध का मुख्य कारण लाइसेंसिंग, सुरक्षा और किराया संरचना पर दिशानिर्देशों की कमी है। रैपिडो ने पहले इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी के लिए अस्थायी लाइसेंस प्राप्त किया था, लेकिन शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई हुई। एफआईआर में उल्लेख है कि कंपनियां सफेद नंबर प्लेट वाले वाहनों को हटाने का वादा करने के बावजूद मुंबई, नासिक और नागपुर में उनका उपयोग जारी रखे हुए हैं। अवैध संचालन के कारण यात्रियों को जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि दुर्घटनाओं में बीमा कंपनियां दावों को अस्वीकार कर सकती हैं। मुंबई की सड़कों पर बाइक टैक्सी दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या ने चिंता बढ़ाई है, जहां पीड़ितों को कानूनी सुरक्षा की कमी का सामना करना पड़ता है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उद्देश्य यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अंबोली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है, जिसमें ड्राइवर्स की भर्ती प्रक्रिया और ऐप-आधारित बुकिंग सिस्टम की समीक्षा शामिल है। राज्य सरकार ने परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि वे एग्रीगेटर दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यह मामला मुंबई में ट्रैफिक प्रबंधन और वैकल्पिक परिवहन के लिए बहस को जन्म दे रहा है, लेकिन वर्तमान में प्रतिबंध कायम है।

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