IND vs WI 3rd T20I: इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आज टूटेगा 3,214 दिन का सूखा? क्या ध्वस्त होगा रोहित शर्मा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारत और वेस्टइंडीज के बीच आज इंदौर के होल्कर स्टेडियम में तीसरा टी20 मुकाबला खेला जाएगा। 3,214 दिन पुराने रोहित शर्मा के 118 रन के व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर सबकी निगाहें हैं।

इंदौर: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का तीसरा और अत्यंत रोमांचक मुकाबला रविवार, 11 अक्टूबर 2026 की शाम इंदौर के ऐतिहासिक होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। दोनों देशों के बीच खेली जा रही यह सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले को भारत ने एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया था, जबकि रांची में हुए दूसरे टी20 में वेस्टइंडीज ने 250 रन के विशाल लक्ष्य को हासिल कर शानदार वापसी दर्ज की थी। ऐसे में दोनों ही टीमों की निगाहें होल्कर स्टेडियम में जीत दर्ज कर सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल करने पर टिकी हैं।
हालांकि, इस कड़े मुकाबले के साथ-साथ क्रिकेट प्रेमियों की नजरें 3,214 दिन पुराने एक ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर भी टिकी हैं, जो पिछले आठ वर्षों से इस मैदान की पहचान बना हुआ है। वह रिकॉर्ड है होल्कर स्टेडियम में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर, जिसे भारतीय दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने साल 2017 में स्थापित किया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या आज इस मैदान पर रनों की बारिश के बीच 3,214 दिनों का यह सूखा खत्म होगा और कोई नया बल्लेबाज रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर इंदौर का नया 'बादशाह' बन पाएगा?
22 दिसंबर 2017: जब होल्कर में आया था रोहित का तूफान
होल्कर स्टेडियम में सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी का इतिहास 22 दिसंबर 2017 से जुड़ा है। उस दिन इस मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबला खेला जा रहा था। मैच में बतौर कप्तान उतरे रोहित शर्मा ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 35 गेंदों में संयुक्त रूप से सबसे तेज टी20I शतक ठोक दिया था।
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43 गेंदों में 118 रन: रोहित ने क्रीज पर बिताए 61 मिनटों के दौरान 43 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के जड़े थे।
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274 से अधिक का स्ट्राइक रेट: उस विस्फोटक पारी में उनका स्ट्राइक रेट 274.41 का था, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवरों में 260/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
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अभेद्य कीर्तिमान: 22 दिसंबर 2017 से लेकर 11 अक्टूबर 2026 तक पूरे 3,214 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मैदान पर कोई भी बल्लेबाज रोहित के 118 रनों के आंकड़े को पार नहीं कर पाया है।
होल्कर स्टेडियम में केवल दो शतक, क्या आज बनेगा तीसरा?
इंदौर की पिच को पारंपरिक रूप से 'बल्लेबाजों का स्वर्ग' माना जाता है। छोटी बाउंड्री, तेज आउटफील्ड और सपाट पिच के कारण यहां चौकों-छक्कों की बरसात होना आम बात है। इसके बावजूद, अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में इस मैदान पर अब तक केवल दो शतक ही लगे हैं:
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रोहित शर्मा (भारत): 118 रन बनाम श्रीलंका (22 दिसंबर 2017)।
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राइली रूसो (दक्षिण अफ्रीका): नाबाद 100 रन बनाम भारत (4 अक्टूबर 2022)।
विदेशी बल्लेबाजों में रूसो इकलौते खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने यहां सैकड़ा जमाया था। ऐसे में आज के मैच में दोनों टीमों की आक्रामक बल्लेबाजी लाइनअप को देखते हुए इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि होल्कर को अपना तीसरा टी20 शतकवीर मिल सकता है।
कौन तोड़ सकता है रोहित का रिकॉर्ड? दावेदारों की लंबी कतार
मौजूदा फॉर्म और दोनों टीमों की ताकत को देखते हुए ऐसे कई विस्फोटक बल्लेबाज मैदान में उतरेंगे जो इस कीर्तिमान को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं:
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भारतीय खेमे से दावेदार:
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संजू सैमसन: हालिया मैचों में शानदार लय में दिख रहे संजू सैमसन टॉप ऑर्डर में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हैं और बड़े शतक लगाने में माहिर हैं।
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अभिषेक शर्मा: पावरप्ले में निर्भीक बल्लेबाजी के लिए मशहूर अभिषेक शर्मा छोटी बाउंड्री वाले इस मैदान पर विपक्षी गेंदबाजी को तहस-नहस करने की पूरी क्षमता रखते हैं।
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ईशान किशन: आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन अगर पहले छह ओवरों में क्रीज पर टिक जाते हैं, तो वे किसी भी बड़े लक्ष्य या रिकॉर्ड को आसानी से पार कर सकते हैं।
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वेस्टइंडीज की आतिशी ब्रिगेड:
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शाई होप: कैरेबियाई कप्तान शाई होप इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं और पिछले ही मैच में उन्होंने 45 गेंदों में शतकीय पारी खेली थी।
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शेरफेन रदरफोर्ड और रोवमेन पॉवेल: मध्यक्रम में रदरफोर्ड और पॉवेल ऐसे हिटर हैं जो किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं। रांची में रदरफोर्ड ने महज 37 गेंदों में 84 रन ठोककर अपनी ताकत का अहसास कराया था।
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पिच रिपोर्ट और रणनीति: टॉस की भूमिका होगी अहम
होल्कर स्टेडियम की लाल मिट्टी वाली पिच पर उछाल समान रहता है और गेंद बल्ले पर काफी तेजी से आती है। शाम 7:00 बजे शुरू होने वाले इस डे-नाइट मुकाबले में दूसरी पारी के दौरान ओस (Dew Factor) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यही कारण है कि टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकता है, ताकि लक्ष्य का पीछा करते समय ओस का पूरा लाभ उठाया जा सके। दोनों टीमों के पास 220+ का स्कोर खड़ा करने और चेज करने की पूरी क्षमता है, जिससे यह मुकाबला रिकॉर्ड्स की दृष्टि से ऐतिहासिक बनने की दहलीज पर खड़ा है।
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