यमन के अदन में राष्ट्रपति महल पर हूती विद्रोहियों का हमला, दो सुरक्षाकर्मियों की मौत और छह घायल
यमन के अदन स्थित अल-मआशिक राष्ट्रपति महल पर हूती विद्रोहियों के हमले में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और छह घायल हुए। कैबिनेट मंत्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।

- अदन में अल-मआशिक पैलेस को हूतियों ने बनाया निशाना, कैबिनेट मंत्री सुरक्षित होने की पुष्टि
- यमन में गहराया संकट: राष्ट्रपति महल पर हमले के बाद भी सरकार का अदन न छोड़ने का ऐलान
- हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ा तनाव, अदन के राष्ट्रपति भवन पर बड़ा हमला
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित मोर्चे के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। यमन की अस्थायी प्रशासनिक राजधानी अदन में स्थित अल-मआशिक राष्ट्रपति महल परिसर को निशाना बनाकर हमला किया गया। शुरुआती प्रशासनिक सूचना के अनुसार, इस हमले की चपेट में आने से दो सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई, जबकि छह अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
अल-मआशिक पैलेस परिसर देश के शीर्ष प्रशासनिक कामकाज का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हमले के वक्त वहां सरकार और कैबिनेट से जुड़े अहम प्रतिनिधि मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया और घायलों को उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सा केंद्र भेजा गया।
- कैबिनेट के सभी सदस्य सुरक्षित, शहर न छोड़ने का ऐलान
हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट अल अरबिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यमन के युवा एवं खेल मंत्री नायेफ सालेह अल-बकरी ने पुष्टि की कि अदन में मौजूद कैबिनेट के सभी मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। मंत्री ने प्रशासनिक रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि इस प्रकार के हमलों के बावजूद सरकार के सदस्य अदन छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और प्रशासनिक कार्य शहर से ही जारी रहेंगे। सरकार की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि अदन में प्रशासनिक मौजूदगी को अस्थिर करने के प्रयासों के सामने सरकार पीछे नहीं हटेगी।
यमन में लंबे समय से उत्तरी हिस्सों पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच संघर्ष चल रहा है। राजधानी सना पर हूतियों के नियंत्रण के बाद से अदन को सरकार की अंतरिम कार्यप्रणाली का मुख्य केंद्र बनाया गया था। क्षेत्रीय स्तर पर सऊदी अरब और हूती बलों के बीच तनाव लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरता रहा है। सीधे प्रशासनिक केंद्र को निशाना बनाए जाने की इस घटना ने बंदरगाह शहर अदन में सुरक्षा चिंताओं को एक बार फिर बढ़ा दिया है।
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