Markandey Katju Controversial Remark - '90% वोटरों के दिमाग में गोबर भरा है, छीन लेना चाहिए वोटिंग का अधिकार'; मार्कंडेय काटजू का विवादित बयान

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने कहा कि 90% वोटरों के दिमाग में गोबर भरा है और वे वोट देने लायक नहीं हैं। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों और CJP पर भी तीखा हमला बोला।

Nov 5, 2026 - 15:59
 0  2
Markandey Katju Controversial Remark - '90% वोटरों के दिमाग में गोबर भरा है, छीन लेना चाहिए वोटिंग का अधिकार'; मार्कंडेय काटजू का विवादित बयान
  • Ex SC Judge On Vote Chori Row - 'और ज्यादा वोट चोरी होनी चाहिए, लोग वोट देने लायक नहीं'; ज्ञानेश कुमार विवाद पर बोले पूर्व जज मार्कंडेय काटजू
  • Markandey Katju Slams Voters & CJP - 'रीढ़ की हड्डी टूट गई, नेता बन गए भगोड़े'; CJP पर भड़के काटजू, देश में तानाशाही की कर डाली वकालत
  • Legal & Political Row Katju - 'जाति और संप्रदाय पर वोट डालते हैं लोग', सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस काटजू ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
  • '90% वोटरों के दिमाग में गोबर भरा है' : मार्कंडेय काटजू

अक्सर अपने बेबाक और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने एक बार फिर भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं पर तीखा हमला बोला है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान पूर्व जस्टिस काटजू ने भारतीय मतदाताओं के विवेक को सिरे से खारिज करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की।

काटजू ने कहा कि लोकतंत्र उन समाजों के लिए कारगर होता है जहां लोगों का दिमाग विकसित और आधुनिक सोच वाला हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में 90 से 95 फीसदी लोग मतदान केंद्र पर जाते समय किसी उम्मीदवार की योग्यता, गुण या दोष नहीं देखते, बल्कि केवल जाति और धर्म के आधार पर भेड़-बकरियों की तरह वोट डालते हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों के दिमाग में जातिवाद और सांप्रदायिकता का गोबर भरा हुआ है। ये लोग वोट देने लायक ही नहीं हैं। देश के 90 प्रतिशत लोगों से वोट डालने का अधिकार छीन लेना चाहिए।"

  • 'और वोट चोरी होनी चाहिए'

विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मार्कंडेय काटजू ने तीखा तंज कसा।

उन्होंने कहा, "मुझसे जो लोग आकर कहते हैं कि ज्ञानेश कुमार ने 13 करोड़ वोट चोरी कर लिए और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, मैं उनसे कहता हूं कि और वोट चोरी होनी चाहिए! जब तुम वोट देने के लायक ही नहीं हो और केवल जाति-बिरादरी पर वोट डालते हो, तो तुम्हें लोकतंत्र की बात करने का कोई नैतिक हक नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि देश की मौजूदा चुनावी प्रणाली सामंती ताकतों, सांप्रदायिकता और जातिगत विद्वेष को बढ़ावा देती है, जिससे देश प्रगति नहीं कर पा रहा है।

  • CJP के नेताओं पर बरसे: 'रीढ़ की हड्डी टूट गई, बन गए भगोड़े'

वोटरों के अलावा मार्कंडेय काटजू ने हालिया छात्र व युवा आंदोलन से चर्चा में आई 'सीजेपी' (CJP) के शीर्ष नेतृत्व पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने शांति समझौते (Peace Accord) पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि आंदोलन को बीच मझधार में छोड़कर भागने वालों का राजनीतिक भविष्य अब समाप्त हो चुका है।

काटजू ने कहा, "सीजेपी का करियर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। इस संगठन की रीढ़ की हड्डी टूट गई है। इनके नेताओं की छवि जनता के बीच अब भगोड़ों जैसी बन गई है।" उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह ब्रिटिश हुकूमत में माफीनामे पर दस्तखत करने वालों की साख खत्म हो जाती थी, उसी तरह पुलिस और प्रशासन के दबाव में समझौता करने वाले नेताओं पर अब कोई युवा या छात्र भरोसा नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन खड़ा करके जेल जाने से डरने वाले लोग कभी दीर्घकालिक बदलाव नहीं ला सकते।

Also Read- Rahul Gandhi Allegation - कनॉट प्लेस में दुकानें बंद कराने पर भड़के राहुल गांधी, बीजेपी पर लगाया जबरन बंदी का आरोप

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow