घर में घुसकर छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुल्हाड़ी से हमला कर लहूलुहान किया, ग्रामीणों का आक्रोश, पुलिस ने शुरू की जांच। 

Fatehpur : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के कल्यानपुर थाना क्षेत्र के रामदीनखेड़ा गांव में 28 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। एक युवक...

Aug 19, 2025 - 11:38
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घर में घुसकर छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुल्हाड़ी से हमला कर लहूलुहान किया, ग्रामीणों का आक्रोश, पुलिस ने शुरू की जांच। 
घर में घुसकर छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुल्हाड़ी से हमला कर लहूलुहान किया, ग्रामीणों का आक्रोश, पुलिस ने शुरू की जांच। 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के कल्यानपुर थाना क्षेत्र के रामदीनखेड़ा गांव में 28 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर 14 वर्षीय किशोरी निशा देवी के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ की। जब किशोरी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे गांव में आक्रोश फैला दिया।

परिजनों और ग्रामीणों ने शव को पोस्टमार्टम हाउस से गांव लाकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना रामदीनखेड़ा गांव में हुई, जहां निशा देवी अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता महेंद्र सिंह एक मजदूर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। 28 जुलाई की शाम को निशा घर में अकेली थी, जब पड़ोसी कमलेश निषाद अपने दो साथियों के साथ उनके घर में घुस गया। कमलेश ने निशा के साथ छेड़छाड़ शुरू की। निशा ने इसका जोरदार विरोध किया और शोर मचाया। इससे गुस्साए कमलेश और उसके साथियों ने कुल्हाड़ी से निशा पर हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गई। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों ने शोर सुनकर निशा के परिजनों को सूचना दी। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और निशा को फतेहपुर के एक स्थानीय अस्पताल ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे कानपुर के एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन 29 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद 30 जुलाई को निशा का शव गांव लाया गया। शव को देखकर परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने गांव के मुख्य चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने की कोशिश भी की गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही कल्यानपुर थाना प्रभारी शैलेश सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रात हो जाने के कारण परिजनों ने अंतिम संस्कार अगले दिन यानी 31 जुलाई को करने का फैसला किया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू की। कमलेश निषाद और उसके दो साथियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (छेड़छाड़), 307 (हत्या का प्रयास), और 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा, पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं, क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों की तलाश के लिए चार टीमें गठित कीं। 2 अगस्त 2025 तक मुख्य आरोपी कमलेश निषाद को खैरथल-तिजारा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके दो साथियों की तलाश अभी भी जारी है, और पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। फतेहपुर पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने बताया कि इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि निशा की मृत्यु सिर और छाती पर गहरे घावों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव से हुई। फॉरेंसिक जांच में कुल्हाड़ी को हत्या का हथियार माना गया। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिनमें खून के धब्बे और आसपास के क्षेत्र से मिले कुछ औजार शामिल हैं। इन साक्ष्यों को और जांच के लिए लखनऊ की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। इस घटना ने रामदीनखेड़ा गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि कमलेश निषाद पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसका व्यवहार संदिग्ध था। कुछ लोगों ने बताया कि कमलेश और उसके साथी अक्सर गांव में शराब पीकर हंगामा करते थे। निशा के पिता महेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी और नौवीं कक्षा में पढ़ रही थी। वह घर में सबसे बड़ी बेटी थी और परिवार की उम्मीदों का केंद्र थी। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह घटना फतेहपुर में हाल के महीनों में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की एक और कड़ी है। इससे पहले जून 2025 में फतेहपुर के हथगांव थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग के साथ गैंगरेप और हत्या का मामला सामने आया था, जिसमें तीन युवकों पर आरोप लगा था। उस मामले में भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी। इन घटनाओं ने जिले में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कई यूजर्स ने इसे उत्तर प्रदेश में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा की विफलता बताया। एक यूजर ने लिखा, "जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, ऐसी घटनाएं रुकेंगी नहीं। सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।" कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए, उनका कहना था कि अगर समय पर कार्रवाई की गई होती, तो शायद निशा की जान बच सकती थी। इस घटना ने समाज में कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराध, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, और पुलिस की त्वरित कार्रवाई जरूरी है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ाने की जरूरत है। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय लोगों से भी सहयोग मांगा है। थाना प्रभारी शैलेश सिंह ने कहा कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर ही कमलेश को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास बाकी दो आरोपियों के बारे में कोई जानकारी हो, तो वह पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निशा की मृत्यु ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। महेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी बहुत समझदार और मेहनती थी। वह घर के कामों में भी मां का हाथ बंटाती थी। परिवार अब निशा के बिना अपने भविष्य की कल्पना नहीं कर पा रहा है। ग्रामीणों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और गांव में शोक का माहौल है। इस घटना ने फतेहपुर जिले में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कुछ स्थानीय नेताओं ने इस मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने हाल ही में फतेहपुर में हुए एक अन्य विवाद के संदर्भ में सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सत्ताधारी दल कानून व्यवस्था को बनाए रखने में विफल हो रहा है। इस घटना के बाद भी विपक्षी दलों ने सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। फतेहपुर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाकी दो आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने पड़ोसी जिलों में भी अलर्ट जारी किया है। साथ ही, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की योजना बनाई जा रही है।

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