पीएम फसल बीमा योजना 2025- 35 लाख किसानों को 3900 करोड़ रुपये का मुआवजा, जानिए कैसे चेक करें स्टेटस?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत देश के 35 लाख किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रबी 2024-25 की फसलों को प्राकृतिक....

Aug 12, 2025 - 11:42
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पीएम फसल बीमा योजना 2025- 35 लाख किसानों को 3900 करोड़ रुपये का मुआवजा, जानिए कैसे चेक करें स्टेटस?
पीएम फसल बीमा योजना 2025- 35 लाख किसानों को 3900 करोड़ रुपये का मुआवजा, जानिए कैसे चेक करें स्टेटस?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत देश के 35 लाख किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रबी 2024-25 की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए बीमा क्लेम की पहली किस्त के रूप में 3900 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। यह राशि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के झुंझुनूं से डिजिटल रूप से ट्रांसफर की। इस कार्यक्रम में 23 राज्यों के किसान वर्चुअली शामिल हुए, और राजस्थान के विभिन्न जिलों से लगभग 35,000 किसानों ने हिस्सा लिया। इस योजना का मकसद प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। यह योजना केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, जैसे बाढ़, सूखा, तूफान, भूकंप, कीट और रोगों से फसलों को होने वाले नुकसान के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देना है। यह योजना खरीफ, रबी और बागवानी फसलों को कवर करती है। किसानों को नाममात्र प्रीमियम देना होता है, और बाकी प्रीमियम की राशि केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं। 2016 से अब तक इस योजना के तहत 23 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, और 1.83 लाख करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान किया गया है, जबकि किसानों ने केवल 35,864 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया।

  • 35 लाख किसानों को 3900 करोड़ रुपये

सोमवार को झुंझुनूं, राजस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 35 लाख किसानों के खातों में 3900 करोड़ रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर की। इस राशि में राजस्थान के किसानों को 1200 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 1156 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 152.84 करोड़ रुपये और अन्य राज्यों को 773 करोड़ रुपये शामिल हैं। यह राशि रबी 2024-25 सीजन के लिए दायर किए गए बीमा क्लेम के लिए है। दूसरी किस्त के रूप में 8000 करोड़ रुपये जल्द ही ट्रांसफर किए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब केंद्र सरकार की सब्सिडी के आधार पर आनुपातिक भुगतान किया जाएगा, बिना राज्य सरकारों के प्रीमियम योगदान की प्रतीक्षा किए। खरीफ 2025 सत्र से, यदि कोई राज्य सरकार प्रीमियम देने में देरी करती है, तो उस पर 12% ब्याज का जुर्माना लगेगा। इसी तरह, बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान में देरी होने पर भी 12% ब्याज देना होगा।

  • योजना के लाभ और विशेषताएं

पीएम फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

आर्थिक सुरक्षा: प्राकृतिक आपदाओं, कीट या रोगों से फसल नुकसान होने पर मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में जाता है।

कम प्रीमियम: रबी फसलों के लिए 1.5%, खरीफ फसलों के लिए 2% और बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होता है। बाकी राशि सरकार देती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में प्रीमियम पूरी तरह माफ है।

ऑनलाइन सुविधा: किसान घर बैठे pmfby.gov.in पर आवेदन स्टेटस चेक कर सकते हैं और फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं।

आधुनिक तकनीक: ड्रोन और सैटेलाइट का उपयोग कर फसल नुकसान का आकलन तेजी से होता है।

विस्तृत कवरेज: बुवाई से लेकर कटाई तक, और विशेष मामलों में कटाई के 14 दिन बाद तक का नुकसान कवर होता है।

आय स्थिरता: यह योजना किसानों को आर्थिक स्थिरता देती है, जिससे वे बिना डर के खेती जारी रख सकते हैं।

आधुनिक खेती को प्रोत्साहन: किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

पीएम फसल बीमा योजना का लाभ देश के सभी किसान उठा सकते हैं, चाहे वे छोटे हों या बड़े। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं:

किसान द्वारा उगाई जाने वाली फसल सरकार द्वारा अधिसूचित होनी चाहिए।

किसान के पास जमीन के मालिकाना हक के कागजात या बटाईदारी के दस्तावेज होने चाहिए।

आवेदन तय समय सीमा में करना होगा। खरीफ फसलों के लिए 14 अगस्त और रबी फसलों के लिए 31 दिसंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।

आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जरूरी हैं:

आधार कार्ड

बैंक खाता विवरण

जमीन के कागजात (खसरा/खतौनी)

राशन कार्ड (पता प्रमाण के लिए)

पैन कार्ड

पासपोर्ट साइज फोटो

फसल बुवाई की तारीख और विवरण

आवेदन और स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया

पीएम फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करना आसान है। किसान निम्नलिखित तरीके से आवेदन कर सकते हैं:

ऑनलाइन आवेदन:

आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाएं।

'Farmer Corner' में 'Apply for Crop Insurance' पर क्लिक करें।

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से लॉगिन करें।

फॉर्म में फसल, जमीन और बैंक विवरण भरें।

आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म जमा करें।

ऑफलाइन आवेदन:

नजदीकी बैंक, सामान्य सेवा केंद्र (CSC) या बीमा कंपनी के कार्यालय में संपर्क करें।

फॉर्म भरें और दस्तावेज जमा करें।

स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया:

आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाएं।

होमपेज पर 'Application Status' या 'Farmer Corner' पर क्लिक करें।

पॉलिसी नंबर या रसीद नंबर और कैप्चा कोड डालें।

'Check Status' पर क्लिक करें।

स्क्रीन पर आवेदन की स्थिति और क्लेम की जानकारी दिखेगी।

  • क्लेम की प्रक्रिया

फसल नुकसान होने पर किसानों को 48 से 72 घंटे के भीतर सूचना देनी होगी। यह सूचना निम्नलिखित तरीकों से दी जा सकती है:

हेल्पलाइन नंबर 14447 या व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर कॉल करें।

PMFBY पोर्टल पर ऑनलाइन नुकसान की सूचना दर्ज करें।

नजदीकी बैंक या बीमा कंपनी से संपर्क करें।

सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी या बैंक नुकसान का सत्यापन करती है। इसमें ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग होता है। सत्यापन के बाद क्लेम की राशि 2 महीने के भीतर किसान के खाते में ट्रांसफर की जाती है।

  • प्रीमियम की गणना

प्रीमियम की राशि फसल के प्रकार पर निर्भर करती है:

रबी फसल: 1.5% प्रीमियम

खरीफ फसल: 2% प्रीमियम

बागवानी/वाणिज्यिक फसल: 5% प्रीमियम

किसान ऑनलाइन प्रीमियम कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं, जो PMFBY वेबसाइट पर उपलब्ध है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में प्रीमियम पूरी तरह माफ है।

  • कुछ राज्यों को विशेष लाभ

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि राजस्थान के 76 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के 6000 रुपये के साथ-साथ अतिरिक्त 6000 रुपये अलग से दिए जाएंगे। यानी कुल 12,000 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे। छत्तीसगढ़ में 1,41,879 किसानों को 152.84 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए, जिसमें खरीफ 2024 के लिए 33,943 किसानों को 10.25 करोड़ रुपये और रबी 2024-25 के लिए 1,07,936 किसानों को 142.58 करोड़ रुपये शामिल हैं।

2016 से अब तक पीएम फसल बीमा योजना दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना बन चुकी है। हर साल करीब 4 करोड़ किसान इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं। 23 करोड़ से अधिक किसान इससे जुड़े हैं। सरकार ने 2025-26 तक के लिए 69,515 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना किसानों की आय स्थिर करने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। 35 लाख किसानों को 3900 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान इस योजना की सफलता को दर्शाता है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनने और आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करती है। किसान pmfby.gov.in पर जाकर अपने क्लेम की स्थिति जांच सकते हैं और हेल्पलाइन नंबर 14447 पर सहायता ले सकते हैं।

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