अभिजीत दीपके की आज कोर्ट में होगी पेशी: सीजेपी ने जारी किया अपडेट, कानूनी राहत के लिए वकीलों की टीम तैयार
दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को आज अदालत में पेश किया जाएगा। सीजेपी ने बयान जारी कर कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी।

- हिरासत के बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को अदालत में पेश करेगी दिल्ली पुलिस
- कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च विवाद: अभिजीत दीपके की कोर्ट में पेशी आज, संगठन ने दी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी
- सीजेपी का बड़ा अपडेट: कोर्ट के समक्ष पेश किए जाएंगे अभिजीत दीपके, जमानत अर्जी दाखिल करने की तैयारी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के आह्वान और उसके बाद उत्पन्न विवाद के सिलसिले में हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को आज संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। संगठन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अद्यतन साझा करते हुए बताया गया है कि पुलिस हिरासत की कानूनी समय-सीमा और विधिक औपचारिकताओं के तहत उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है।
सीजेपी के प्रतिनिधियों के अनुसार, कानूनी टीम अदालत में मौजूद रहेगी और पुलिस द्वारा पेशी के तुरंत बाद जमानत के लिए औपचारिक अर्जी दाखिल की जाएगी। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम और तिरंगा फहराने के लोकतांत्रिक अधिकार को रोकने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है।
- हिरासत और 24 घंटे की वैधानिक बाध्यता
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के कानूनी प्रावधानों के तहत किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने के 24 घंटे के भीतर सक्षम अदालत या मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य होता है। शुक्रवार को कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इसके पहले दीपके ने देर रात प्रेस वार्ता कर अपनी संभावित गिरफ्तारी और एजेंसियों द्वारा निगरानी का दावा किया था। शनिवार सुबह आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा किए जाने के बाद से ही अभिजीत दीपके की कानूनी स्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में निगाहें टिकी हुई थीं।
- अदालत में दलीलों पर टिकी नजरें
अदालत में पेशी के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा संबंधित धाराओं, निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन या अन्य प्रशासनिक रिपोर्टों का ब्योरा रखे जाने की संभावना है। वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि यह पूरा मामला शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और राजनीतिक सक्रियता से जुड़ा है, इसलिए वे अदालत से तत्काल रिहाई या जमानत की मांग करेंगे। अदालत परिसर के आसपास एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है ताकि सुनवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
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