21 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें- शहरों में भिन्नता, जानें ताजा रेट और कारण।
भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन अलग-अलग राज्यों में वैट (मूल्य वर्धित कर) और स्थानीय ...
21 जून 2025 को भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन अलग-अलग राज्यों में वैट (मूल्य वर्धित कर) और स्थानीय करों के कारण इनमें काफी भिन्नता देखने को मिली। भारत में ईंधन की कीमतें दैनिक आधार पर संशोधित होती हैं, और यह प्रक्रिया जून 2017 से लागू डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग मैकेनिज्म के तहत हर सुबह 6 बजे की जाती है। इस लेख में हम 21 जून 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों, उनके पीछे के कारकों, और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे। यह जानकारी विश्वसनीय स्रोतों जैसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) से प्राप्त की गई है।
21 जून 2025 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें विभिन्न कारकों जैसे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, रुपये-डॉलर विनिमय दर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, राज्य वैट, और डीलर कमीशन पर निर्भर करती हैं। 21 जून 2025 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें निम्नलिखित थीं (प्रति लीटर, रुपये में):
दिल्ली: पेट्रोल - ₹94.77, डीजल - ₹87.67
मुंबई: पेट्रोल - ₹103.50, डीजल - ₹90.03
चेन्नई: पेट्रोल - ₹100.80, डीजल - ₹92.48
कोलकाता: पेट्रोल - ₹105.41, डीजल - ₹92.02
बेंगलुरु: पेट्रोल - ₹102.92, डीजल - ₹90.99
हैदराबाद: पेट्रोल - ₹107.46, डीजल - ₹95.65
अहमदाबाद: पेट्रोल - ₹94.37, डीजल - ₹90.30
उदयपुर: पेट्रोल - ₹96.18, डीजल - ₹90.93
मंगलुरु: पेट्रोल - ₹102.09, डीजल - ₹90.18
इटानगर: पेट्रोल - ₹90.62, डीजल - ₹80.16
हैदराबाद: पेट्रोल - ₹107.41, डीजल - ₹95.65
आंध्र प्रदेश (विजयवाड़ा): पेट्रोल - ₹109.36, डीजल - ₹97.19
दादरा और नगर हवेली: पेट्रोल - ₹92.51, डीजल - ₹80.31
नोट: ये कीमतें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से ली गई हैं। कीमतें शहर के भीतर अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर डीलर कमीशन के कारण थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
- कीमतों में भिन्नता के कारण
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें राज्यों और शहरों में अलग-अलग होने का मुख्य कारण है वैट और स्थानीय करों में अंतर। उदाहरण के लिए, दिल्ली में वैट की दर कम है, जिसके कारण वहां पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर है, जो मुंबई (₹103.50) और हैदराबाद (₹107.46) की तुलना में काफी कम है। इसके अलावा, निम्नलिखित कारक भी कीमतों को प्रभावित करते हैं:
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें: भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का लगभग 85% आयात करता है। 21 जून 2025 को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 75 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अपेक्षाकृत स्थिर थी। इससे भारत में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया।
रुपये-डॉलर विनिमय दर: कच्चा तेल अमेरिकी डॉलर में खरीदा जाता है। रुपये के कमजोर होने पर तेल आयात महंगा पड़ता है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती हैं। 21 जून 2025 को रुपये की स्थिति स्थिर थी, जिसने कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद की।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क: केंद्र सरकार पेट्रोल पर ₹21 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है। यह शुल्क पूरे देश में एकसमान है।
राज्य वैट: वैट की दर हर राज्य में अलग होती है। उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश में उच्च वैट के कारण पेट्रोल की कीमत ₹109.36 तक पहुंची, जबकि इटानगर में यह ₹90.62 थी।
परिवहन लागत: तेल डिपो से पेट्रोल पंप तक की दूरी भी कीमतों को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, मंगलुरु जैसे तटीय शहरों में परिवहन लागत कम होने से कीमतें अन्य शहरों की तुलना में थोड़ी कम हो सकती हैं।
डीलर कमीशन: डीलर कमीशन भी शहर और पंप के आधार पर भिन्न होता है, जो कीमतों में मामूली अंतर लाता है।
- डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग मैकेनिज्म
जून 2017 से, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दैनिक आधार पर संशोधित की जाती हैं। यह प्रणाली, जिसे डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग कहा जाता है, पारदर्शिता बढ़ाने और सट्टेबाजी को कम करने के लिए लागू की गई थी। इसके तहत, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL), और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसे तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर सुबह 6 बजे कीमतें अपडेट करती हैं। कीमतें निर्धारित करने में निम्नलिखित कारक शामिल हैं:
भारतीय क्रूड बास्केट की औसत कीमत
वैट और केंद्रीय उत्पाद शुल्क
रिफाइनरी और परिवहन लागत
डीलर कमीशन
यह प्रणाली उपभोक्ताओं को बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुसार कीमतें प्रदान करती है, लेकिन वैट और स्थानीय करों के कारण कीमतों में क्षेत्रीय अंतर बना रहता है।
- शहरों में कीमतों का तुलनात्मक विश्लेषण
दिल्ली: दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे कम हैं, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वैट की दर कम है। 21 जून 2025 को दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर था। यह मुंबई से ₹8.73 (पेट्रोल) और ₹2.36 (डीजल) सस्ता है।
मुंबई: मुंबई में उच्च वैट और परिवहन लागत के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अधिक हैं। पेट्रोल ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर था।
चेन्नई और कोलकाता: चेन्नई में पेट्रोल ₹100.80 और डीजल ₹92.48, जबकि कोलकाता में पेट्रोल ₹105.41 और डीजल ₹92.02 प्रति लीटर था। इन शहरों में वैट की दर दिल्ली की तुलना में अधिक है।
हैदराबाद: हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत ₹107.46 और डीजल ₹95.65 थी, जो सबसे अधिक थी। यह उच्च वैट और स्थानीय मांग के कारण है।
इटानगर और दादरा और नगर हवेली: इटानगर में पेट्रोल ₹90.62 और डीजल ₹80.16, जबकि दादरा और नगर हवेली में पेट्रोल ₹92.51 और डीजल ₹80.31 प्रति लीटर था। ये कीमतें कम वैट और कम परिवहन लागत के कारण सबसे कम थीं।
- सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था और समाज पर गहरा प्रभाव डालती हैं। ये निम्नलिखित क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं:
परिवहन लागत: उच्च ईंधन की कीमतें परिवहन लागत को बढ़ाती हैं, जिसका असर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। उदाहरण के लिए, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में उच्च कीमतों ने टैक्सी और बस किराए में वृद्धि की है।
महंगाई: ईंधन की कीमतों का सीधा असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ता है, क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से सामान की कीमतें बढ़ती हैं।
उपभोक्ता व्यवहार: उच्च कीमतों के कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन की ओर रुख कर रहे हैं। दिल्ली में मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों की मांग बढ़ी है।
पर्यावरण: पेट्रोल और डीजल का उपयोग ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को बढ़ाता है। उच्च कीमतें लोगों को वैकल्पिक ईंधन जैसे CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रेरित कर सकती हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
X पर 21 जून 2025 को ईंधन की कीमतों को लेकर कई पोस्ट वायरल हुए। @jaideepshenoy ने मंगलुरु में पेट्रोल की कीमत ₹102.09 और डीजल ₹90.18 प्रति लीटर होने की जानकारी दी। @MoneycontrolH ने लिखा कि कई शहरों में कीमतों में कमी देखी गई, क्योंकि कच्चा तेल 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर है। यूजर्स ने उच्च कीमतों की शिकायत की, खासकर मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में। एक यूजर ने लिखा, “दिल्ली में पेट्रोल सस्ता है, लेकिन मुंबई में कीमतें जेब पर भारी पड़ रही हैं।”
- सरकार और OMCs की भूमिका
भारत में 90% से अधिक पेट्रोल पंप IOCL, BPCL, और HPCL द्वारा संचालित होते हैं। ये कंपनियां कीमतें निर्धारित करती हैं, लेकिन सरकार का उत्पाद शुल्क और वैट राजस्व का एक बड़ा हिस्सा हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं, तो OMCs के पास कीमतें कम करने की गुंजाइश है। हालांकि, वैट को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से चल रही है, जिससे कीमतों में एकरूपता आ सकती है।
- समाधान के उपाय
वैट में एकरूपता: राज्यों को वैट की दरों में समानता लाने की दिशा में काम करना चाहिए।
उत्पाद शुल्क में कटौती: केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क को कम करके उपभोक्ताओं को राहत दे सकती है।
वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा: इलेक्ट्रिक वाहनों और CNG को बढ़ावा देकर पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम की जा सकती है।
पारदर्शी नीलामी प्रणाली: डायनामिक प्राइसिंग को और पारदर्शी बनाने के लिए उपभोक्ताओं को कीमत निर्धारण की प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
21 जून 2025 को भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन वैट और स्थानीय करों के कारण इनमें काफी भिन्नता देखी गई। दिल्ली में सबसे कम कीमतें (पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67) और आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक (पेट्रोल ₹109.36, डीजल ₹97.19) थीं। डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग ने कीमतों को पारदर्शी बनाया है, लेकिन वैट और परिवहन लागत के कारण क्षेत्रीय अंतर बना हुआ है।
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