सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत, अमेरिका-इज़राइल के हमलों में हुई पुष्टि, ईरानी राज्य मीडिया ने 'शहीद' घोषित कर 40 दिनों का शोक घोषित किया

ट्रंप ने हमलों की घोषणा करते हुए कहा कि ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत बमबारी जारी रहेगी और यह सप्ताह भर या आवश्यकता अनुसार अनवरत चलेगी, ताकि मध्य पूर्व और विश्व में शांति

Mar 1, 2026 - 07:46
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सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत, अमेरिका-इज़राइल के हमलों में हुई पुष्टि, ईरानी राज्य मीडिया ने 'शहीद' घोषित कर 40 दिनों का शोक घोषित किया
सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत, अमेरिका-इज़राइल के हमलों में हुई पुष्टि, ईरानी राज्य मीडिया ने 'शहीद' घोषित कर 40 दिनों का शोक घोषित किया

अयातुल्लाह अली खामेनेई, जो 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में देश की सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक सत्ता संभाल रहे थे, की मौत हो गई है। यह घटना अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य हमलों के दौरान हुई, जिसमें उनके तेहरान स्थित आवासीय परिसर को निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी घोषणा की, जिसमें उन्होंने खामेनेई को इतिहास के सबसे बुरे व्यक्तियों में से एक बताया और कहा कि यह ईरान के लोगों के लिए देश वापस लेने का सबसे बड़ा अवसर है। हमलों की शुरुआत शनिवार की सुबह हुई और इनमें कई उच्च स्तरीय लक्ष्यों को भेदा गया, जिसके परिणामस्वरूप खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने रविवार की शुरुआत में इसकी आधिकारिक पुष्टि की, जिसमें उन्हें 'शहीद' घोषित किया गया और कहा गया कि यह हमला अमेरिका और 'ज़ायोनी शासन' द्वारा किया गया अपराध है। खामेनेई की उम्र 86 वर्ष थी और उन्होंने 36 वर्षों से अधिक समय तक ईरान पर शासन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़राइल के प्रति कट्टर विरोध की नीति अपनाई।

ट्रंप ने हमलों की घोषणा करते हुए कहा कि ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत बमबारी जारी रहेगी और यह सप्ताह भर या आवश्यकता अनुसार अनवरत चलेगी, ताकि मध्य पूर्व और विश्व में शांति स्थापित हो सके। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया और उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से खामेनेई और अन्य नेताओं को बचने का कोई मौका नहीं मिला। इज़राइली सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि खामेनेई उनके एयरस्ट्राइक में मारे गए, जो तेहरान के केंद्र में उनके कंपाउंड पर केंद्रित था। हमलों से पहले सऊदी अरब और इज़राइल द्वारा अमेरिका पर लंबे समय से दबाव था कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ईरान ने इन हमलों का जवाब देने की बात कही है और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने 'क्रशिंग रिस्पॉन्स' की घोषणा की। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है, क्योंकि ईरान ने इज़राइल और अमेरिकी हितों पर जवाबी हमले किए हैं, जिसमें बहरीन में अमेरिकी नौसेना की पांचवीं फ्लीट को निशाना बनाया गया।

ईरानी राज्य टेलीविजन ने खामेनेई की मौत की खबर को ब्लैक बैकग्राउंड के साथ पुरानी तस्वीरों के माध्यम से प्रसारित किया और सुबह 5 बजे (स्थानीय समय) आधिकारिक बयान पढ़ा। बयान में कहा गया कि ग्रैंड अयातुल्लाह खामेनेई इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर थे और अमेरिका-इज़राइल के अपराध में शहीद हो गए। सरकार ने 40 दिनों का सार्वजनिक शोक और सात दिनों की छुट्टी घोषित की है। मौत की वजह को स्पष्ट रूप से हमलों से जोड़ा गया, लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ अस्पष्टता रही थी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित बताए गए हैं और उनकी कार्यालय ने उनकी सेहत की पुष्टि की। हमलों में अन्य वरिष्ठ अधिकारी जैसे सुरक्षा परिषद के सचिव और आईआरजीसी कमांडर भी मारे गए, जिससे शासन में बड़े पैमाने पर क्षति हुई है।

खामेनेई का शासन ईरान के इतिहास में एक लंबा और प्रभावशाली दौर था, जिसमें उन्होंने इस्लामी गार्डियन काउंसिल और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के माध्यम से सत्ता को मजबूत किया। उन्होंने परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और विरोधी देशों के प्रति नीतियां बनाईं, जो अक्सर पश्चिमी देशों से टकराव का कारण बनीं। उनकी मौत से ईरान में सत्ता का संकट पैदा हो गया है, क्योंकि सुप्रीम लीडर का पद विशेषज्ञों की सभा द्वारा चुना जाता है और उत्तराधिकारी की घोषणा तत्काल नहीं हुई है। यह इस्लामी गणराज्य के 50 वर्षों में दूसरी बार है जब सुप्रीम लीडर की मौत हुई है, पहली बार 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद खामेनेई चुने गए थे। क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स और पड़ोसी देशों में प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं।

हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसमें इज़राइल पर मिसाइल दागी गईं और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। स्थिति तरल है और दोनों पक्षों से आगे की कार्रवाई की आशंका है। ट्रंप ने कहा कि यह ईरानी लोगों के लिए न्याय है और जिन लोगों को खामेनेई के शासन में नुकसान पहुंचा, उनके लिए राहत है। इज़राइल ने हमलों को जारी रखने की बात कही है, खासकर मिसाइल सिस्टम्स को निशाना बनाने के लिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता है कि यह संघर्ष व्यापक युद्ध में बदल सकता है। ईरान में आंतरिक स्थिति अस्थिर है, क्योंकि शोक के साथ-साथ सत्ता संक्रमण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

खामेनेई की मौत से मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। उनके शासन में ईरान ने सीरिया, लेबनान, यमन और इराक में प्रभाव बढ़ाया था। अब उत्तराधिकारी की नियुक्ति महत्वपूर्ण होगी, जो शासन की दिशा तय करेगा। अमेरिका और इज़राइल का उद्देश्य शासन परिवर्तन लगता है, लेकिन ईरानी अधिकारी इसे आक्रामकता बताते हैं। क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं, कुछ ने चिंता जताई है तो कुछ ने चुप्पी साध रखी है। ईरान की सेना और आईआरजीसी अब मजबूत जवाब देने की तैयारी में हैं।

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