रमजान के दौरान भजन सुनने से उपजा विवाद, महिलाओं और बच्चों समेत कई घायल।
गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में एक हिंदू परिवार पर हमले की घटना ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा कर दिया है। यह घटना उस समय
- गाजियाबाद के नंदग्राम में हनुमान चालीसा बजाने पर परिवार पर हमला।
- पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया, जांच जारी और सख्त कार्रवाई की मांग
गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में एक हिंदू परिवार पर हमले की घटना ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा कर दिया है। यह घटना उस समय हुई जब परिवार सुबह के समय घर में हनुमान चालीसा और बजरंगबली के भजन सुन रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोस के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और विवाद बढ़ते हुए हमले में बदल गया। हमलावरों ने परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। पीड़ित परिवार के पिता को थप्पड़ मारा गया और उनके छोटे पोते को धक्का दिया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। यह घटना रमजान के पवित्र महीने के दौरान हुई, जो मार्च 2026 में चल रहा है, और इससे इलाके में धार्मिक संवेदनशीलता बढ़ गई है। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन परिवार अब डर के साए में जी रहा है और घर बेचकर इलाका छोड़ने की सोच रहा है। विभिन्न रिपोर्ट्स से पुष्टि होती है कि मुख्य आरोपी जीशान और उसके साथियों ने हमला किया, जो परिवार के धार्मिक गतिविधियों से नाराज थे। घटना के बाद हिंदू संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मार्च 11, 2026 तक की अपडेट्स में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच तेजी से चल रही है ताकि तनाव न फैले। इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है, जहां लोग धार्मिक स्वतंत्रता और पड़ोसी संबंधों पर सवाल उठा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह घटना उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव की चुनौतियों को सामने लाती है, जहां छोटे विवाद बड़े रूप ले सकते हैं।
घटना की पृष्ठभूमि में नंदग्राम इलाका मिश्रित समुदाय वाला क्षेत्र है, जहां हिंदू और मुस्लिम परिवार साथ-साथ रहते हैं। पीड़ित परिवार ठाकुर समुदाय से है और वे रोजाना सुबह भजन सुनते हैं, जो उनकी धार्मिक दिनचर्या का हिस्सा है। उस दिन सुबह करीब 5-6 बजे हनुमान चालीसा की आवाज सुनकर पड़ोसी जीशान और उसके साथी घर में घुस आए। उन्होंने पहले आवाज बंद करने को कहा, लेकिन बहस बढ़ने पर शारीरिक हमला कर दिया। परिवार की महिलाओं को धक्का दिया गया, बच्चों को डराया गया और घरेलू सामान तोड़ा गया। घायलों को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जहां चोटें मामूली बताई गईं लेकिन मानसिक आघात गहरा है। परिवार के मुखिया ने बताया कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और कभी ऐसा विवाद नहीं हुआ, लेकिन इस बार रमजान के कारण संवेदनशीलता बढ़ गई थी। हमलावरों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हमला किया, जो स्थिति को और गंभीर बनाता है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि विवाद ध्वनि प्रदूषण से शुरू हुआ लेकिन धार्मिक रंग ले लिया। अपडेट्स के अनुसार, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान एकत्र किए हैं, और आरोपी पक्ष से भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि कोई बड़ा तनाव न फैले।
पीड़ित परिवार अब भयभीत है और उन्होंने घर बेचने का फैसला लिया है। उनके अनुसार, हमले के बाद पड़ोसियों से कोई सहयोग नहीं मिला और वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। परिवार में चार बच्चे और दो महिलाएं हैं, जो घटना से ट्रॉमा में हैं। हिंदू संगठनों ने घटनास्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया और पुलिस से तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। संगठनों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन होंगे। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सजा मिलेगी। मार्च 11, 2026 तक की अपडेट्स में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, जिसमें मारपीट, धमकी और संपत्ति क्षति की धाराएं शामिल हैं। आरोपी जीशान और उसके साथी फरार बताए जा रहे हैं, और उनकी तलाश जारी है। यह घटना उन मुद्दों से जुड़ती है जहां धार्मिक गतिविधियां पड़ोसी विवाद का कारण बनती हैं, और इससे इलाके की शांति प्रभावित होती है।
इस घटना ने सांप्रदायिक सद्भाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि रमजान जैसे पवित्र महीने में ऐसी घटनाएं संवेदनशीलता बढ़ाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवादों को बातचीत से सुलझाना चाहिए, लेकिन हमले से स्थिति बिगड़ जाती है। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और समुदाय के नेताओं से मीटिंग की है ताकि शांति बनी रहे। परिवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से भजन सुन रहे थे और किसी को परेशान करने का इरादा नहीं था। हमलावरों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की, जो संपत्ति के नुकसान का कारण बना। अपडेट्स में यह भी सामने आया कि कुछ गवाहों ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन आरोपी पक्ष का कहना है कि आवाज बहुत तेज थी जो रमजान में असुविधा पैदा कर रही थी। पुलिस दोनों पक्षों की सुनवाई कर रही है।
राजनीतिक स्तर पर इस घटना ने हलचल मचा दी है, जहां विपक्षी दलों ने सरकार पर सांप्रदायिक तनाव न रोक पाने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि जांच तेज होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हिंदू संगठनों ने धरना देने की धमकी दी है अगर 48 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई। इलाके के निवासियों का कहना है कि ऐसे विवाद पहले भी हुए हैं लेकिन कभी हिंसा तक नहीं पहुंचे। यह घटना ध्वनि प्रदूषण नियमों की याद दिलाती है, जहां धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध हैं। अपडेट्स के अनुसार, पुलिस ने लाउडस्पीकर की जांच भी की है और पाया कि परिवार घर के अंदर ही सुन रहा था।
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