UP Women Empowerment: घूंघट छोड़ राइफल थामेंगी वाराणसी की महिलाएं, 400 ग्रामीण महिलाओं को खेल मैदान में दी जा रही शूटिंग की ट्रेनिंग
वाराणसी के ग्रामीण इलाकों की महिलाएं अब रूढ़ियों को पीछे छोड़ खेल के मैदान में उतर रही हैं। होप वेलफेयर सोसाइटी की ग्रीन आर्मी 400 ग्रामीण महिलाओं को राइफल शूटिंग का प्रशिक्षण दे रही है।

ग्रामीण समाज में अक्सर घूंघट और घरेलू सीमाओं तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब खेल के मैदान में अपने हुनर का लोहा मनवाने के लिए तैयार हो रही हैं। वाराणसी के ग्रामीण अंचलों में सामाजिक बदलाव की एक नई तस्वीर उभरकर सामने आई है, जहां लगभग 400 ग्रामीण महिलाओं को राइफल शूटिंग का विधिवत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सामाजिक संगठन 'होप वेलफेयर सोसाइटी' से जुड़ी 'ग्रीन आर्मी' की पहल पर शुरू किए गए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है।
रोहनिया विकासखंड के देउरा गांव स्थित राइफल शूटिंग रेंज में इन दिनों ग्रामीण महिलाएं पूरे अनुशासन के साथ निशानेबाजी के गुर सीख रही हैं। घर-गृहस्थी के रोजमर्रा के कामकाज से समय निकालकर महिलाएं शूटिंग रेंज पहुंचती हैं और खेल प्रशिक्षकों की देखरेख में लक्ष्य पर सटीक निशाना साधने का अभ्यास कर रही हैं।
लंका शूटिंग रेंज में 10 महिलाओं को विशेष तैयारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन और खेल भावना दिखाने वाली 10 चुनिंदा महिलाओं को आगे की विशेष तैयारी के लिए चिह्नित किया गया है। इन महिलाओं को वाराणसी के लंका स्थित शूटिंग रेंज में उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस विशेष कोचिंग का उद्देश्य इन महिला खिलाड़ियों को जिला और राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
योजना के अनुसार, जिला और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने वाली ये महिलाएं आगे चलकर अपने-अपने गांवों में अन्य युवतियों और महिलाओं को खेल का बुनियादी प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक (ट्रेनर) की भूमिका भी निभाएंगी। इससे ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को एक स्थायी आधार मिल सकेगा।
सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय है ग्रीन आर्मी
राइफल शूटिंग सीखने वाली यह ग्रीन आर्मी केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक सुधार अभियानों की भी रीढ़ बनी हुई है। संगठन के अनुसार, 270 गांवों में करीब 2600 महिलाएं विभिन्न अभियानों में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
ये महिलाएं गांवों में नशामुक्ति के विरुद्ध आवाज उठाने के साथ ही बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने जैसे विषयों पर व्यापक स्तर पर जनजागरूकता फैला रही हैं। अब खेल के मैदान में राइफल थामकर वे यह साबित कर रही हैं कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी राष्ट्रीय खेल फलक पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
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