मुरादाबाद में महिला से छेड़खानी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल, गिरफ्तार।
Viral News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के नागफनी थाना क्षेत्र में डिप्टी गंज की गोल कोठी गली में एक शर्मनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप.....
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के नागफनी थाना क्षेत्र में डिप्टी गंज की गोल कोठी गली में एक शर्मनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। एक युवक द्वारा बुर्का पहने एक महिला के साथ छेड़खानी और अश्लील हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
घटना 3 अगस्त 2025 की शाम को डिप्टी गंज की गोल कोठी गली में हुई। वायरल वीडियो के अनुसार, एक युवक ने सड़क पर चल रही एक बुर्का पहने महिला को पीछे से पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि युवक करीब 30 सेकंड तक महिला के साथ छेड़खानी करता रहा। महिला ने शोर मचाया और विरोध किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने तुरंत नागफनी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि वह शाम करीब 6 बजे सब्जी खरीदकर घर जा रही थी, तभी यह घटना हुई।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया। कई लोगों ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की। वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की। आरोपी का नाम आदिल पुत्र पप्पू बताया गया, जो मुरादाबाद के थाना कांठ क्षेत्र के उमरी गांव का निवासी है। वह डिप्टी गंज चौराहे पर एक निजी नर्सिंग होम में कंपाउंडर के रूप में काम करता था। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से आदिल फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
4 अगस्त 2025 की रात करीब 12 बजे नागफनी थाना पुलिस ने जागरूकता अभियान के तहत क्षेत्र में चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आदिल बाइक से भागने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने उसे जिगर कॉलोनी में नट बाबा मठ के पीछे रामगंगा घाट पर घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, आदिल ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और उसने पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो आदिल के बाएं पैर में लगी। इस दौरान उसकी बाइक फिसल गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आदिल के कब्जे से एक तमंचा, जिंदा कारतूस और उसकी बाइक बरामद की। उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी में आदिल ने माफी मांगते हुए कहा, “मैंने गलती कर दी, अब कभी ऐसा नहीं करूंगा।”
एसपी सिटी कुंवर रणविजय सिंह ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा, “यह एक गंभीर घटना थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। आरोपी को 12 से 14 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, जो पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला के साथ छेड़खानी) और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है और पीड़िता को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की। कई यूजर्स ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जबकि कुछ ने समाज में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं पर चिंता जताई। एक यूजर ने लिखा, “यह बहुत दुखद है कि महिलाएं आज भी सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस ने अच्छा काम किया, लेकिन ऐसी घटनाएं रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।”
कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस गश्त और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। एक अन्य यूजर ने लिखा, “सीसीटीवी फुटेज ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर सार्वजनिक स्थान पर सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए ताकि अपराधियों को पकड़ना आसान हो।”
यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी गरिमा के मुद्दे को फिर से सामने लाती है। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में छेड़खानी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते पुलिस ने अपनी गश्त और निगरानी बढ़ाई है। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लोगों का भरोसा बढ़ाया है, लेकिन यह भी सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत छेड़खानी के मामले में दोषी को अधिकतम सात साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, इस तरह की घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर न केवल आरोपी की पहचान की, बल्कि उसे जल्दी पकड़ने में भी सफलता हासिल की।
मुरादाबाद में हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें सोशल मीडिया ने अपराधों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उदाहरण के लिए, हाल ही में मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे गलत तरीके से उत्तर प्रदेश की घटना बताकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी त्वरित कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा, मुरादाबाद में पहले भी फायरिंग और छेड़खानी की घटनाओं के वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। यह घटना भी उन मामलों में से एक है, जहां सोशल मीडिया ने पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में मदद की।
देखें वायरल विडियो - https://ndtv.in/shorts/up-news-a-young-man-molested-a-woman-in-public-in-moradabad-cctv-footage-of-the-incident-surfaced-975732
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