अम्बेडकरनगर में वर्दी में शराब पीते पुलिसकर्मियों का वायरल वीडियो: एसपी ने तुरंत निलंबित किया, विभाग की छवि पर सवाल। 

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक वायरल वीडियो में तीन पुलिसकर्मी सरकारी वर्दी पहनकर एक शराब ठेके पर

Oct 16, 2025 - 10:52
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अम्बेडकरनगर में वर्दी में शराब पीते पुलिसकर्मियों का वायरल वीडियो: एसपी ने तुरंत निलंबित किया, विभाग की छवि पर सवाल। 
अम्बेडकरनगर में वर्दी में शराब पीते पुलिसकर्मियों का वायरल वीडियो: एसपी ने तुरंत निलंबित किया, विभाग की छवि पर सवाल। 

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक वायरल वीडियो में तीन पुलिसकर्मी सरकारी वर्दी पहनकर एक शराब ठेके पर शराब पीते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसका संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तीनों को तुरंत निलंबित कर दिया। यह घटना 13 अक्टूबर 2025 को हुई, जब वीडियो सामने आया। विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी। अम्बेडकरनगर पुलिस ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए कार्रवाई की जानकारी दी। यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना, बल्कि पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी।

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि तीन पुलिसकर्मी एक शराब ठेके पर खड़े हैं। वे खाकी वर्दी में हैं, जिसमें उनकी पहचान स्पष्ट है। एक सब-इंस्पेक्टर दिख रहे हैं, जो अन्य दो कांस्टेबलों के साथ जाम छलका रहे हैं। ठेके का बोर्ड और आसपास का माहौल वीडियो में कैद है। कोई व्यक्ति ने मोबाइल से यह रिकॉर्डिंग की और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो में पुलिसकर्मी हंसते-बोलते नजर आ रहे हैं, जो उनकी ड्यूटी के दौरान लापरवाही को दर्शाता है। यह ठेका अम्बेडकरनगर शहर के एक व्यस्त इलाके में स्थित है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसी घटनाएं कभी-कभी देखने को मिलती हैं, लेकिन वीडियो वायरल होने से कार्रवाई हुई। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए पुलिस की नैतिकता पर सवाल उठाए।

अम्बेडकरनगर पुलिस अधीक्षक ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया। निलंबित पुलिसकर्मियों में एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल शामिल हैं। विभाग ने कहा कि यह विभागीय अनुशासन का उल्लंघन है। वर्दी में शराब पीना निषिद्ध है और यह कानून की अवहेलना है। एसपी ने जांच समिति गठित की है, जो वीडियो की प्रामाणिकता और घटना के अन्य पहलुओं की पड़ताल करेगी। अगर दोष सिद्ध हुआ, तो आगे की सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने ट्वीट में कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई विभाग की छवि सुधारने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

अम्बेडकरनगर जिला पूर्वांचल का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह फैजाबाद मंडल का हिस्सा है और अयोध्या से सटा हुआ है। जिले की आबादी करीब 24 लाख है, जिसमें ग्रामीण इलाके ज्यादा हैं। यहां कृषि मुख्य व्यवसाय है, लेकिन अपराध दर भी चिंताजनक है। पिछले साल यहां 500 से ज्यादा अपराध दर्ज हुए। पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसी घटनाएं विश्वास को कमजोर करती हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि पुलिसकर्मी कभी-कभी ड्यूटी के दबाव में गलत कदम उठाते हैं। लेकिन वर्दी की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। यह वीडियो न केवल अम्बेडकरनगर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए सबक है।

पुलिस विभाग में शराबबंदी के सख्त नियम हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस मैनुअल में वर्दी में नशा करना अपराध माना गया है। आईपीसी की धारा 510 के तहत सार्वजनिक स्थान पर नशे में धुत होना दंडनीय है। ऐसे मामलों में निलंबन के बाद विभागीय जांच होती है। अगर सिद्ध हुआ, तो बर्खास्तगी तक हो सकती है। अम्बेडकरनगर में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। 2020 में एक एसएचओ को विदाई जुलूस निकालने के लिए निलंबित किया गया था। सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ गई है। वीडियो वायरल होने से कार्रवाई तेज हो जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि डिजिटल युग में पुलिस को सतर्क रहना चाहिए।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं खींचीं। एक्स पर #AmbedkarnagarPolice ट्रेंड किया। यूजर्स ने मीम्स बनाए और पुलिस की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा कि वर्दी पहनकर शराब पीना अपराधियों को हौसला देता है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी ने कहा कि कानून व्यवस्था ध्वस्त हो रही है। भाजपा ने बचाव किया और कहा कि कार्रवाई हो चुकी है। अम्बेडकरनगर के एसपी ने प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें पारदर्शिता का वादा किया। स्थानीय मीडिया ने भी कवरेज किया। डीएनपी इंडिया ने वीडियो की डिटेल्स दीं।

पुलिसकर्मियों की जिंदगी चुनौतीपूर्ण है। लंबी ड्यूटी, कम वेतन और दबाव उन्हें प्रभावित करते हैं। लेकिन कर्तव्य पालन जरूरी है। उत्तर प्रदेश में 2025 में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। ज्यादातर लापरवाही के मामलों में। सरकार ने ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं, जिसमें नैतिक शिक्षा दी जाती है। अम्बेडकरनगर में थाना प्रभारी ने मीटिंग बुलाई और चेतावनी दी। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं न हों। यह मामला पुलिस सुधार की जरूरत बताता है।

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