कोटा से मुंबई तक गोपनीय सुरक्षा घेरा: 3 गाड़ियां, 3 रास्ते और 3 राज्यों से होकर संदिग्धों को लाई पुलिस

अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में पकड़े गए संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाने के लिए पुलिस ने विशेष सुरक्षा रणनीति अपनाई। 3 राज्यों और अलग-अलग रास्तों से होकर टीम मुंबई पहुंची।

Oct 21, 2026 - 13:30
 0  0
कोटा से मुंबई तक गोपनीय सुरक्षा घेरा: 3 गाड़ियां, 3 रास्ते और 3 राज्यों से होकर संदिग्धों को लाई पुलिस
  • टाइगर श्रॉफ हमले के संदिग्धों का ट्रांजिट रिमांड: मुंबई पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन, कड़ी सुरक्षा में महाराष्ट्र में दाखिल
  • राजस्थान से महाराष्ट्र तक हाई-सिक्योरिटी रूट: मुंबई पुलिस ने कैसे पूरी की आरोपियों की सड़क मार्ग से कस्टडी ट्रांसफर
  • तीन राज्यों की सीमा और तीन अलग रास्ते: अभिनेता पर हमले की साजिश के संदिग्धों को लेकर मुंबई पहुंची पुलिस टीम

अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े सुरक्षा और हमले के प्रयास के मामले में पकड़े गए संदिग्धों को मुंबई पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान के कोटा से सड़क मार्ग के जरिए सुरक्षित मुंबई पहुंचा दिया है। अंतरराज्यीय स्तर पर संवेदनशील माने जा रहे इस मामले में किसी भी अप्रिय घटना, बाहरी हस्तक्षेप या संभावित सुरक्षा खतरे से बचने के लिए पुलिस ने एक सुनियोजित और गोपनीय रणनीति तैयार की थी। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान तीन अलग-अलग वाहनों, तीन वैकल्पिक मार्गों और तीन राज्यों की सीमाओं का उपयोग किया गया।

राजस्थान पुलिस की मदद से कोटा में पकड़े गए इन संदिग्धों को स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद मुंबई लाया जाना था। मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई मार्ग की तुलना में सड़क मार्ग पर अप्रत्याशित और भ्रमित करने वाला (decoy) सुरक्षा ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया।

  • सुरक्षा के लिए 'थ्री-वे' रणनीति

ऑपरेशन के तहत काफिले को किसी एक सीधी सड़क से ले जाने के बजाय कई हिस्सों में बांटा गया। पुलिस टीम ने तीन अलग-अलग श्रेणियों की गाड़ियों का इस्तेमाल किया, जिनमें सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ-साथ एक वाहन को डिकॉय (दिखावटी वाहन) के रूप में भी रखा गया ताकि किसी को यह स्पष्ट न हो सके कि संदिग्ध किस गाड़ी में मौजूद हैं।

यात्रा के दौरान राजस्थान से निकलकर मध्य प्रदेश और फिर महाराष्ट्र की सीमाओं में प्रवेश किया गया। काफिले के रूट को अंतिम क्षणों तक पूरी तरह गोपनीय रखा गया और स्थानीय टोल प्लाजा व संवेदनशील चौकियों पर वायरलेस संदेशों के आधार पर अग्रिम सुरक्षा समन्वय स्थापित किया गया। रास्ते में किसी भी तय ढाबे या सार्वजनिक स्थान पर लंबे ठहराव से पूरी तरह परहेज किया गया।

  • कोर्ट में पेशी और आगे की पूछताछ

संदिग्धों को मुंबई लाने के बाद प्रारंभिक चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और इसके तुरंत बाद उन्हें सक्षम अदालत में पेश करने की तैयारी की गई। मुंबई पुलिस की जांच शाखा अब इस बात की कस्टोडियल रिमांड मांगेगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदिग्धों को हथियार कहां से मिले थे, इस साजिश के पीछे मुख्य वित्तीय मददगार कौन था और रेकी किस आधार पर की गई थी।

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि अंतरराज्यीय नेटवर्क वाले मामलों में आरोपियों का सुरक्षित हस्तांतरण जांच की पहली और सबसे अहम कड़ी होता है। मुंबई पहुंचने के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए विस्तृत पूछताछ का दौर शुरू किया जा रहा है।

Also Read- SIR के खिलाफ पटना की सड़कों पर उतरा आइसा: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow