पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर, देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के ताजा भाव जारी
देशभर में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर और मुंबई सहित प्रमुख शहरों के ताजा रेट और आम बजट पर इसका असर यहां पढ़ें।

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देशभर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में स्थिरता का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव और विनिमय दर के संतुलन के चलते तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा बिक्री दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। राजधानी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से लेकर मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में कीमतें पूर्व स्तर पर टिकी हुई हैं। ईंधन दरों में स्थिरता का सीधा असर लॉजिस्टिक्स, कृषि और आम परिवारों के दैनिक बजट पर पड़ता है। आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रहने के कारण माल ढुलाई लागत नियंत्रित है, जिससे रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ रहा है।
देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के भावों में भिन्नता देखने को मिलती है। इसका मुख्य कारण राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला मूल्य संवर्धित कर (VAT), स्थानीय उपकर (cess) और संबंधित डिपो से पेट्रोल पंप तक की परिवहन दूरी है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के शहरों में ईंधन की कीमतें महानगरों जैसे मुंबई या कोलकाता की तुलना में कम दर्ज की जाती हैं, क्योंकि वहां स्थानीय टैक्स स्लैब अपेक्षाकृत अधिक हैं। डीलर कमीशन और स्थानीय संचालन लागत के चलते एक ही राज्य के भीतर भी दो जिलों की दरों में मामूली अंतर पाया जाता है।
तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर भाव इस प्रकार दर्ज किए गए:
| शहर / राज्य | पेट्रोल (₹ प्रति लीटर) | डीजल (₹ प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 102.34 | 95.30 |
| बरेली | 101.78 | 95.27 |
| शाहजहांपुर | 101.97 | 95.46 |
| बाराबंकी | 102.68 | 95.86 |
| मुरादाबाद | 102.11 | 96.09 |
| आगरा | 101.66 | 95.14 |
| हरदोई | 102.55 | 95.99 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| पुणे | 111.90 | 98.55 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| असम | 105.73 | 97.23 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| तमिलनाडु | 107.76 | 99.55 |
| मध्य प्रदेश | 114.54 | 99.64 |
| राजस्थान | 113.19 | 98.25 |
डीजल की दरों में ठहराव विशेष रूप से कृषि कार्यों और लंबी दूरी के माल परिवहन के लिए राहत लेकर आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और सिंचाई पंपों के संचालन में डीजल मुख्य लागत घटक होता है। दरों के स्थिर रहने से किसानों को अपनी परिचालन लागत का सटीक आकलन करने में सुविधा मिलती है।
इसी तरह वाणिज्यिक ट्रक और बस ऑपरेटरों के लिए भी माल ढुलाई भाड़े की योजना बनाना आसान हुआ है। ईंधन लागत में अचानक उछाल न आने से थोक बाजारों में फल, सब्जियों और खाद्यान्न के परिवहन किराए में स्थिरता बनी हुई है।
ईंधन दरों में स्थिरता का लाभ उठाने के साथ-साथ वाहन चालक कुछ बुनियादी तकनीकी आदतों को अपनाकर अपने मासिक खर्च को और घटा सकते हैं:
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टायर प्रेशर का ध्यान: वाहनों के टायरों में अनुशंसित वायु दबाव बनाए रखने से इंजन पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता और माइलेज बेहतर होता है।
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नियमित सर्विसिंग: समय पर इंजन ऑयल बदलना और एयर व फ्यूल फिल्टर की सफाई माइलेज को 5 से 10 प्रतिशत तक सुधार सकती है।
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ड्राइविंग आदतें: अचानक तेज गति देने या बार-बार कड़े ब्रेक लगाने से ईंधन की खपत तेजी से बढ़ती है। मध्यम और एकसमान गति से चलना ईंधन बचाता है।
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रूट प्लानिंग: पीक ऑवर्स और भारी ट्रैफिक जाम वाले रास्तों से बचकर चलने से वाहन का गैर-जरूरी आइडलिंग समय कम होता है।
(नोट: स्थानीय डीलर स्तर पर राउंडिंग और टैक्स समायोजन के कारण पंपों पर दरों में मामूली अंतर हो सकता है।)
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