Prakash Raj Video - CJP नेताओं की जमानत शर्तों पर भड़के प्रकाश राज, बोले- युवा सब देख रहे हैं
CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत की शर्तों पर अभिनेता प्रकाश राज ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने वीडियो जारी कर प्रदर्शन पर रोक के दबाव का आरोप लगाया।

- Jantar Mantar Protest - सौरव दास और आशुतोष रांका के पीस बॉन्ड पर सवाल, अभिनेता प्रकाश राज का बड़ा बयान
- Prakash Raj Reaction - तिरंगा फहराने पर हिरासत और अब प्रदर्शन न करने का दबाव, प्रकाश राज ने उठाए सवाल
- CJP Bail Conditions - CEC के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन का दावा, CJP नेताओं की रिहाई पर बोले प्रकाश राज
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की शर्तों को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अभिनेता प्रकाश राज ने एक वीडियो जारी कर इन शर्तों पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांति मुचलके (पीस बॉन्ड) के जरिए दोनों नेताओं पर भविष्य में विरोध प्रदर्शन न करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।
- प्रकाश राज ने वीडियो जारी कर लगाए आरोप
अभिनेता प्रकाश राज ने अपने वीडियो में कहा कि देश का युवा मौजूदा घटनाक्रम को बेहद करीब से देख रहा है और लोग अब इस स्थिति पर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर आने वाले दिनों में देश भर में व्यापक स्तर पर लोग सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
प्रकाश राज ने पूर्व में हुई दोनों नेताओं की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने से किसी भी तरह से राजधानी की शांति भंग नहीं हुई थी, फिर भी उन्हें हिरासत में रखकर जेल भेजा गया। अब रिहाई के समय ऐसी शर्तें लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने जैसा है।
- 21 अक्टूबर को अदालत से मिली थी राहत
सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत से जमानत मिली थी। अदालत ने दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के जमानती बॉन्ड जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही दोनों नेताओं की ओर से अदालत में एक लिखित आश्वासन भी दाखिल किया गया, जिसमें कहा गया कि जब तक आधिकारिक अनुमति नहीं मिलती, वे जंतर-मंतर पर कोई प्रदर्शन नहीं बुलाएंगे। अदालत से राहत मिलने के बाद भी मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और संबंधित जांच एजेंसियां नियमों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
- 13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला 13 अक्टूबर की उस घटना से जुड़ा है, जब सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर के बंद मुख्य द्वार को पार कर अंदर पहुंचे थे और वहां तिरंगा फहराया था। दोनों नेता जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। अब जमानत की शर्तों को लेकर प्रकाश राज के सार्वजनिक बयान ने इस मुद्दे को दोबारा सुर्खियों में ला दिया है।
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