Box Office Report: 72वें दिन भी सिनेमाघरों में डटी 'हनुमान अंश', रजनीकांत की बड़ी फिल्मों के दौर में 26 लाख रुपये की कमाई से चौंकाया
बाबा नीब करौरी महाराज पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने अपने 72वें दिन के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से समीक्षकों को चौंका दिया है। फिल्म ने 72वें दिन 26 लाख रुपये की कमाई दर्ज की है।

आमतौर पर सिनेमाघरों में फिल्में दो से तीन हफ्तों के भीतर अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा समेटकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर लेती हैं। ऐसे दौर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर असाधारण ठहराव दिखाते हुए व्यापार विश्लेषकों को चौंका दिया है। फिल्म ने अपनी रिलीज के 72वें दिन भी सिनेमाघरों में मजबूती बनाए रखते हुए करीब 0.26 करोड़ रुपये (26 लाख रुपये) का घरेलू कलेक्शन दर्ज किया है।
सुपरस्टार रजनीकांत की बहुप्रतीक्षित फिल्मों और हालिया रिलीज बड़े बजट के प्रोजेक्ट्स की मौजूदगी के बावजूद इस फिल्म का 72 दिनों तक थिएटर्स में टिके रहना अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है।
आस्था और सशक्त विषय-वस्तु ने खींचे दर्शक
फिल्म 'हनुमान अंश' का ताना-बाना परम पूज्य संत बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक संदेशों, उनकी कृपा और लोक-आस्था से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है। शुरुआत में सीमित स्क्रीन्स पर रिलीज हुई इस फिल्म को पहले सप्ताह में औसत शुरुआत मिली थी, लेकिन दर्शकों की सकारात्मक मौखिक प्रतिक्रिया (वर्ड ऑफ माउथ) के बल पर इसके शोज लगातार चलते रहे।
उत्तराखंड के कैंची धाम और देश-विदेश में बाबा नीब करौरी महाराज के प्रति व्यापक आस्था रखने वाले परिवारों ने फिल्म को लेकर गहरा जुड़ाव दिखाया। यही कारण रहा कि बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार न होने के बावजूद पारिवारिक और आध्यात्मिक दर्शक वर्ग लगातार सिनेमाघरों तक पहुंचता रहा।
72वें दिन 26 लाख की कमाई के क्या हैं मायने?
ट्रेड पंडितों के अनुसार, रिलीज के 10वें हफ्ते में किसी फिल्म का दैनिक 26 लाख रुपये का कारोबार करना बेहद उल्लेखनीय उपलब्धि है। मौजूदा दौर में ज्यादातर मध्यम बजट की फिल्में दूसरे या तीसरे हफ्ते के कार्यदिवसों में लाखों के निचले स्तर तक सिमट जाती हैं।
फिल्म ने न केवल अपनी लागत सुरक्षित की है, बल्कि सीमित शो टाइमिंग्स और कम स्क्रीन्स के बावजूद अपनी निरंतरता बरकरार रखी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के कई मल्टीप्लेक्स व सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म के चयनित शोज अब भी संचालित किए जा रहे हैं।
मजबूत कंटेंट की शक्ति का प्रमाण
'हनुमान अंश' का यह दीर्घकालिक प्रदर्शन यह रेखांकित करता है कि यदि फिल्म का विषय दर्शकों की आस्था और भावनाओं से सीधा संवाद स्थापित करता है, तो उसे किसी विशाल मार्केटिंग बजट या केवल स्टार-पावर की दरकार नहीं होती। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आने से पहले ही फिल्म ने थिएटर्स से अपेक्षित से अधिक लाभ अर्जित कर लिया है, जो स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए एक उत्साहजनक संदेश है।
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