Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला, Axiom-4 मिशन में ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय बने, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया पुरस्कार।

77वीं गणतंत्र दिवस परेड 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित हुई, जिसमें भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से

Jan 26, 2026 - 15:17
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Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला, Axiom-4 मिशन में ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय बने, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया पुरस्कार।
कर्तव्य पथ पर अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला, Axiom-4 मिशन में ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय बने, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया पुरस्कार।
  • भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया, जहां कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय के रूप में उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि को मान्यता देता है।
  • 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र प्रदान, अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय को मिला सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार
  • गणतंत्र दिवस 2026 पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र, 18 दिनों के ISS मिशन के लिए मिला भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन गैलेंट्री अवॉर्ड

77वीं गणतंत्र दिवस परेड 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित हुई, जिसमें भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर इस पुरस्कार को प्रदान किया। शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 2025 में Axiom-4 मिशन में पायलट के रूप में हिस्सा लिया। इस मिशन में उन्होंने 18 दिनों तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर काम किया। यह मिशन ऐतिहासिक था। शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन हैं। पुरस्कार उनके इस उच्च जोखिम वाले मिशन के लिए दिया गया। परेड में यह सम्मान गैलेंट्री सेक्शन का हिस्सा था। अन्य गैलेंट्री अवॉर्ड भी प्रदान किए गए।

परेड के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार दिया। शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन में ISS का दौरा किया। वह पहले भारतीय हैं जो अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे। मिशन में 18 दिन बिताए। यह मिशन जून 2025 में हुआ। पुरस्कार उनकी बहादुरी और उच्च जोखिम वाले कार्य के लिए है। अशोक चक्र शांतिकालीन गैलेंट्री का सर्वोच्च सम्मान है। परेड में यह पुरस्कार कर्तव्य पथ पर प्रदान किया गया। शुभांशु शुक्ला भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण हैं। सम्मान परेड का प्रमुख हिस्सा रहा।

कर्तव्य पथ पर 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिला। वह ग्रुप कैप्टन हैं। अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। Axiom-4 मिशन में पायलट थे। 18 दिनों तक ISS पर रहे। राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्रदान किया। अशोक चक्र सर्वोच्च शांतिकालीन पुरस्कार है। मिशन ऐतिहासिक था। शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि को मान्यता मिली। परेड में यह सम्मान दिया गया। गैलेंट्री अवॉर्ड्स में शामिल था। परेड सफल रही।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति ने पुरस्कार दिया। वह ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। Axiom-4 मिशन में हिस्सा लिया। 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए। पुरस्कार उनके दुस्साहस के लिए है। अशोक चक्र शांतिकालीन वीरता का है। शुभांशु शुक्ला IAF के हैं। परेड में यह महत्वपूर्ण था। सम्मान प्रदान किया गया। परेड का हिस्सा रहा।

77वीं गणतंत्र दिवस परेड में शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिला। वह ग्रुप कैप्टन हैं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहले भारतीय बने। Axiom-4 मिशन पायलट थे। 18 दिनों का मिशन पूरा किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। अशोक चक्र सर्वोच्च है। कर्तव्य पथ पर पुरस्कार दिया गया। उनकी उपलब्धि को मान्यता मिली। परेड में गैलेंट्री सेक्शन था। सम्मान प्रदान हुआ।

परेड में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। कर्तव्य पथ पर यह हुआ। वह ISS के पहले भारतीय आगंतुक हैं। Axiom-4 मिशन में 18 दिन बिताए। राष्ट्रपति ने पुरस्कार दिया। अशोक चक्र शांतिकालीन गैलेंट्री का है। शुभांशु शुक्ला की बहादुरी को मान्यता। परेड का प्रमुख हिस्सा रहा। सम्मान प्रदान किया गया। गणतंत्र दिवस पर यह हुआ।

इस गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिला। कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति ने प्रदान किया। वह अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। Axiom-4 मिशन में पायलट रहे। 18 दिनों तक ISS पर काम किया। अशोक चक्र सर्वोच्च शांतिकालीन पुरस्कार है। उनकी उपलब्धि को सम्मान मिला। परेड में यह महत्वपूर्ण था। शुभांशु शुक्ला IAF ग्रुप कैप्टन हैं। सम्मान परेड का हिस्सा रहा।

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