Crime News Agra: 12 वर्ष बाद रिश्तेदार को की गई फोन कॉल से पकड़ा गया 50 हजार का इनामी, जोधपुर से गिरफ्तार
आगरा के सदर क्षेत्र से वर्ष 2014 में दर्ज अपहरण मामले में 12 साल से फरार 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मान सिंह को पुलिस ने राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर जेल भेजा।

- किशोरी को ले जाने के आरोप में 12 साल से फरार था मान सिंह, राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने दबोचा
- आगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2014 से वांछित भगोड़ा आरोपी जोधपुर से गिरफ्तार, भेजा गया जेल
- रिश्तेदार से संपर्क पड़ गया भारी, 12 साल से छिप रहे 50 हजार के इनामी को आगरा पुलिस ने पकड़ा
आगरा कमिश्नरेट के थाना सदर क्षेत्र से लगभग 12 वर्ष पूर्व दर्ज हुए किशोरी के अपहरण के मामले में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सदर क्षेत्र के कौलक्खा निवासी मान सिंह के रूप में हुई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह मामला वर्ष 2014 का है, जब सदर थाना क्षेत्र में एक किशोरी के परिजनों ने मान सिंह के खिलाफ उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और पुलिस तत्कालीन समय में किशोरी की बरामदगी या आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी थी।
- अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा, पुलिस ने रखा था इनाम
जांच के दौरान जब आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस ने वर्ष 2018 में उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। न्यायालय में हाजिर न होने पर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने पर पुलिस विभाग की ओर से मान सिंह की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा और पहचान छिपाकर राजस्थान के जोधपुर जिले के गांव मानपुरा में रहने लगा था। पुलिस की सर्विलांस और मुखबिर तंत्र उस पर नजर रखे हुए थे।
- रिश्तेदार को किया फोन और पहुंच गई पुलिस
लंबे समय तक तकनीक और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से दूरी बनाए रखने के बाद हाल ही में आरोपी ने अपने एक रिश्तेदार से फोन पर संपर्क किया था। इस डिजिटल इनपुट और सर्विलांस की मदद से आगरा पुलिस को उसके जोधपुर में होने की सटीक जानकारी मिली। सूचना पुष्ट होते ही पुलिस टीम ने जोधपुर के मानपुरा गांव में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और युवती अपनी सहमति से उसके साथ गई थी। आरोपी के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के डर से वे जोधपुर चले गए थे, जहां वह पहचान छिपाकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था और उसने उसी युवती से विवाह कर लिया था। अपर पुलिस उपायुक्त (सिटी) मनोज कुमार के अनुसार, आरोपी लंबे समय से वांछित चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित था। पुलिस ने आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूर्ण कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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