अभिनव अरोड़ा के परिवार पर जानलेवा हमला: तिलक नगर में कार की टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी, तीन आरोपी गिरफ्तार।
यह घटना 7 अप्रैल की रात करीब 10:00 बजे पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर मुख्य बाजार में एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट के पास घटित हुई। जानकारी के अनुसार
- सड़क विवाद बना खूनी संघर्ष: बाल कथावाचक की कार पर पथराव और तोड़फोड़, वायरल वीडियो में सुनाई दी महिलाओं की चीखें।
- आस्था के चेहरे पर हिंसा का प्रहार? अभिनव अरोड़ा की गाड़ी के तोड़े कांच, पुलिस ने आरोपियों को भेजा न्यायिक हिरासत में।
यह घटना 7 अप्रैल की रात करीब 10:00 बजे पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर मुख्य बाजार में एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट के पास घटित हुई। जानकारी के अनुसार, अभिनव अरोड़ा के पिता अपनी कार चला रहे थे, तभी उनकी गाड़ी का संपर्क पास से गुजर रही एक मोटरसाइकिल से हो गया। मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्तियों और उनके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने कार चालक पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया। विवाद तब और बढ़ गया जब मोटरसाइकिल सवारों ने दावा किया कि वे इस टक्कर के कारण गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और वहां मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने कार को घेर लिया और उस पर हमला करना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावर अपने हाथों में पहने हुए कड़े और अन्य भारी वस्तुओं से कार के बोनट और खिड़कियों पर प्रहार कर रहे हैं। हमले के दौरान कार के कांच टूट गए और गाड़ी के भीतर बैठी महिलाओं की चीखें सुनाई दे रही थीं। वीडियो में अभिनव अरोड़ा खुद भी हमलावरों से रुकने की मिन्नतें करते हुए सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि शारीरिक रूप से किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के समय वहां पुलिस बल की भी मौजूदगी देखी गई, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और विवाद को और बढ़ने से रोका।
घटना के बाद अभिनव अरोड़ा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से इस पूरे वाकये की जानकारी साझा की। उन्होंने एक कविता के माध्यम से समाज में बढ़ती हिंसा और उस पर लोगों की चुप्पी पर गहरी चिंता व्यक्त की। अभिनव ने स्पष्ट किया कि यह हमला केवल कुछ उपद्रवी व्यक्तियों का कृत्य था और उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि इस घटना को किसी भी धर्म या विशेष समुदाय के साथ जोड़कर न देखा जाए। उन्होंने सिख समुदाय के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे इसे सेवा और साहस का प्रतीक मानते हैं और चंद लोगों की गलती के लिए पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराना अनुचित होगा। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए धारा 107/151 (शांति भंग की आशंका) के तहत निवारक कार्रवाई की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तीन मुख्य हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विवाद मुख्य रूप से 'रोड रेज' का परिणाम था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर हुई मामूली रगड़ ने इतना बड़ा रूप ले लिया क्योंकि दोनों पक्षों के बीच संवाद की कमी थी और आवेश में आकर हमलावरों ने कानून अपने हाथ में ले लिया। पुलिस अब इलाके के अन्य कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या इस हमले में और भी लोग शामिल थे। अभिनव के पिता ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि हमलावरों ने न केवल तोड़फोड़ की बल्कि परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
इस विवाद के वायरल होने के बाद डिजिटल जगत में सुरक्षा और सहिष्णुता को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। बाल कथावाचक के रूप में लोकप्रिय होने के कारण अभिनव अरोड़ा अक्सर चर्चाओं में रहते हैं, लेकिन उनके परिवार पर हुआ यह हमला उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति भी चिंताएं पैदा करता है। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। विभाग का कहना है कि वे घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं और यदि आवश्यक हुआ तो आरोपियों के खिलाफ और भी सख्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
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